2,101 करोड़ की 3,232 सड़क परियोजनाओं को मंजूरी

राजस्थान में रोड इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़ा बूस्ट, 2,101 करोड़ रुपये से बनेंगी 3,232 नॉन-पैचेबल एवं मिसिंग लिंक सड़कें

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान के रोड इंफ्रास्ट्रक्चर को मिली नई रफ्तार, 2,101.16 करोड़ रुपये से बनेंगी 3,232 नॉन-पैचेबल एवं मिसिंग लिंक सड़कें

राजस्थान में सड़क आधारभूत ढांचे को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेशभर में नॉन-पैचेबल एवं मिसिंग लिंक सड़कों के निर्माण के लिए 2,101.16 करोड़ रुपये की लागत से 3,232 कार्यों को मंजूरी प्रदान की गई है। यह निर्णय बजट वर्ष 2026-27 में की गई घोषणा को अमलीजामा पहनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि इस परियोजना से प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच सड़क संपर्क मजबूत होगा, जिससे आमजन को बेहतर और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी।

राज्य सरकार के अनुसार सड़क नेटवर्क किसी भी प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास की रीढ़ होता है। बेहतर सड़कें न केवल लोगों की आवाजाही को आसान बनाती हैं, बल्कि व्यापार, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योगों के विस्तार में भी अहम भूमिका निभाती हैं। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए प्रदेशभर में उन सड़कों का निर्माण और उन्नयन किया जाएगा, जो लंबे समय से नॉन-पैचेबल या मिसिंग लिंक की श्रेणी में थीं।

सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विजन के अनुरूप प्रदेश के हर गांव, हर कस्बे और हर शहर को गुणवत्तापूर्ण सड़क संपर्क उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां सड़क संपर्क की कमी के कारण लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। नई परियोजना के माध्यम से ऐसे हजारों मार्गों को विकसित किया जाएगा, जिससे दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों को भी मुख्य सड़क नेटवर्क से जोड़ा जा सकेगा।

स्वीकृत 3,232 कार्यों के पूरा होने के बाद प्रदेश के विभिन्न जिलों में सड़क संपर्क पहले की तुलना में अधिक मजबूत होगा। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में आसानी होगी। वहीं किसानों को अपनी कृषि उपज मंडियों तक पहुंचाने में कम समय और कम लागत लगेगी, जिससे उनकी आय बढ़ाने में भी सहायता मिल सकती है।

परियोजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना भी है। बेहतर सड़क संपर्क से औद्योगिक क्षेत्रों, व्यापारिक केंद्रों और पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। इससे निवेश को प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होने की संभावना है। सड़क निर्माण कार्यों के दौरान भी बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध होने की उम्मीद जताई जा रही है।

सरकार का कहना है कि सड़क निर्माण के इन कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप किए जाएं, ताकि सड़कों की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहे और लोगों को सुरक्षित आवागमन का लाभ मिल सके। इसके साथ ही परियोजनाओं की नियमित निगरानी भी की जाएगी, जिससे कार्यों में अनावश्यक देरी न हो।

राजस्थान जैसे विशाल भौगोलिक क्षेत्र वाले राज्य में सड़क संपर्क का महत्व और भी अधिक है। कई गांव और कस्बे अभी भी बेहतर सड़क सुविधाओं से पूरी तरह नहीं जुड़ पाए हैं। सरकार का मानना है कि इन नई परियोजनाओं से ऐसे क्षेत्रों में विकास की गति तेज होगी और लोगों के जीवन स्तर में सुधार आएगा। सड़क संपर्क बेहतर होने से शिक्षा संस्थानों, अस्पतालों, सरकारी कार्यालयों और बाजारों तक पहुंच पहले की तुलना में अधिक आसान होगी।

विशेषज्ञों का भी मानना है कि मजबूत सड़क नेटवर्क किसी भी राज्य की आर्थिक प्रगति का आधार होता है। सड़कें बेहतर होने से परिवहन लागत कम होती है, माल की आवाजाही तेज होती है और उद्योगों को भी लाभ मिलता है। इसके अलावा पर्यटन क्षेत्र को भी नई गति मिलती है, क्योंकि पर्यटकों के लिए विभिन्न स्थलों तक पहुंच आसान हो जाती है। राजस्थान जैसे पर्यटन प्रधान राज्य में सड़क ढांचे का विस्तार पर्यटन उद्योग के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सरकार के अनुसार इस पहल से प्रदेश के युवाओं को भी लाभ मिलेगा। बेहतर सड़क संपर्क के कारण उन्हें शिक्षा संस्थानों, कौशल विकास केंद्रों और रोजगार के अवसरों तक पहुंचने में सुविधा होगी। वहीं उद्यमियों और छोटे व्यापारियों के लिए भी परिवहन व्यवस्था सुगम होने से व्यवसाय का विस्तार करना आसान होगा।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार आधारभूत ढांचे के विकास पर जोर दे रही है। सड़क, जल, ऊर्जा और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के माध्यम से प्रदेश को विकास की नई दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में सड़क निर्माण की यह बड़ी परियोजना राज्य के विकास एजेंडे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है।

सरकार का दावा है कि 2,101.16 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत 3,232 नॉन-पैचेबल एवं मिसिंग लिंक सड़क निर्माण कार्य प्रदेश के विकास को नई गति देंगे। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद न केवल लोगों को बेहतर और सुरक्षित सड़क सुविधा मिलेगी, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच मजबूत संपर्क स्थापित होने से विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। राज्य सरकार का कहना है कि आने वाले समय में भी आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए इसी तरह की विकास परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि राजस्थान समग्र और संतुलित विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सके।

GOLDEN HIND DESK