गहलोत ने जोधपुर को विकास में पीछे धकेला: केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत

'जोधपुर को पीछे रखने का पाप गहलोत ने किया': शेखावत बोले- एलिवेटेड रोड रोकने के लिए रचे गए षड्यंत्र

शेखावत का गहलोत पर बड़ा हमला, बोले- जोधपुर को पीछे रखने का पाप पूर्व मुख्यमंत्री ने किया

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केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि जोधपुर को विकास की मुख्यधारा से पीछे रखने का सबसे बड़ा जिम्मेदार यदि कोई है, तो वह अशोक गहलोत हैं। उन्होंने कहा कि वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद गहलोत जोधपुर और राजस्थान की जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल रहे। शेखावत ने यह भी दावा किया कि जोधपुर की महत्वपूर्ण एलिवेटेड रोड परियोजना को रोकने और विलंबित करने के लिए तत्कालीन सरकार ने कई स्तरों पर षड्यंत्र रचे।

सोमवार को जोधपुर दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री लगातार विकास कार्यों का श्रेय लेने की कोशिश करते हैं, लेकिन वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा कि जनता अब सच्चाई जान चुकी है और राजनीतिक लाभ के लिए किए जाने वाले दावों पर भरोसा नहीं करती।

पानी के मुद्दे पर साधा निशाना

शेखावत ने जोधपुर और राजस्थान में पेयजल संकट के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि राज्य की जनता ने लंबे समय तक पानी की गंभीर समस्या का सामना किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि गहलोत सरकार की नीतियों और प्रशासनिक विफलताओं के कारण हालात बदतर हुए।

उन्होंने कहा कि जब वे केंद्र में जलशक्ति मंत्री के रूप में कार्यरत थे, तब राजस्थान को देश के अन्य राज्यों की तुलना में अधिक संसाधन और योजनाओं का लाभ दिलाया गया। इसके बावजूद राज्य सरकार उन योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू नहीं कर सकी। शेखावत ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए संसाधनों का सही उपयोग होता तो राजस्थान के कई क्षेत्रों में पेयजल संकट काफी हद तक कम हो सकता था।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जोधपुर के लोग वह समय नहीं भूले हैं जब पानी के लिए लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। कई इलाकों में लोगों को गड्ढे खोदकर मोटर की सहायता से पानी निकालना पड़ता था। उन्होंने दावा किया कि यह स्थिति किसी प्राकृतिक कारण से नहीं, बल्कि प्रशासनिक अक्षमता और गलत प्राथमिकताओं का परिणाम थी।

एलिवेटेड रोड परियोजना को लेकर बड़ा दावा

जोधपुर की बहुचर्चित एलिवेटेड रोड परियोजना का जिक्र करते हुए शेखावत ने कहा कि आज पूर्व मुख्यमंत्री इस परियोजना का श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि परियोजना को रोकने और विलंबित करने के लिए कई प्रयास किए गए।

उन्होंने कहा कि उनके पास ऐसे कई तथ्य और दस्तावेज हैं जिनसे यह साबित किया जा सकता है कि तत्कालीन सरकार परियोजना की गति से संतुष्ट नहीं थी। शेखावत के अनुसार, यदि राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होता तो यह परियोजना और तेजी से आगे बढ़ सकती थी।

उन्होंने कहा कि जोधपुर जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर के लिए एलिवेटेड रोड एक महत्वपूर्ण परियोजना थी, जिससे यातायात व्यवस्था में सुधार और आम लोगों को राहत मिलनी थी। लेकिन राजनीतिक कारणों से इसे अनावश्यक रूप से विलंबित किया गया।

विकास के मुद्दे पर घेरा

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जोधपुर की जनता ने अशोक गहलोत को कई बार जनप्रतिनिधि और मुख्यमंत्री के रूप में सेवा का अवसर दिया। इसके बावजूद शहर को अपेक्षित विकास नहीं मिल सका। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद जोधपुर में बुनियादी ढांचे, पेयजल, यातायात और अन्य नागरिक सुविधाओं के क्षेत्र में पर्याप्त प्रगति नहीं हुई।

शेखावत ने कहा कि विकास केवल घोषणाओं और राजनीतिक भाषणों से नहीं होता, बल्कि धरातल पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से होता है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार और केंद्र सरकार मिलकर राजस्थान में विकास कार्यों को नई गति दे रही हैं।

सरकार गिराने के आरोपों पर पलटवार

मीडिया से बातचीत के दौरान शेखावत ने उन आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी, जिनमें समय-समय पर अशोक गहलोत अपनी सरकार गिराने की साजिश की बात करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे आरोपों में सच्चाई है तो पूर्व मुख्यमंत्री को प्रमाण सार्वजनिक करने चाहिए।

उन्होंने कहा कि वर्षों से एक ही आरोप दोहराया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है। शेखावत ने कहा कि राजनीतिक आरोप लगाने के बजाय तथ्यों के आधार पर बात होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि गहलोत सरकार के दौरान कई ऐसे विवाद सामने आए, जिनसे यह धारणा बनी कि सरकार के भीतर ही असंतोष और खींचतान मौजूद थी। ऐसे मामलों के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।

जनता सब देख रही है

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राजस्थान की जनता राजनीतिक बयानबाजी और वास्तविक काम के बीच का अंतर समझती है। उन्होंने दावा किया कि जनता अब विकास, सुशासन और जवाबदेही के आधार पर नेताओं का मूल्यांकन कर रही है।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से राजस्थान में सड़क, रेल, पेयजल, ऊर्जा और अन्य क्षेत्रों में बड़े स्तर पर निवेश हुआ है। इन परियोजनाओं का लाभ आने वाले वर्षों में और अधिक दिखाई देगा।

राजनीतिक माहौल हुआ गर्म

शेखावत के इन बयानों के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज होने की संभावना है। एक ओर भाजपा नेताओं द्वारा पूर्व कांग्रेस सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं कांग्रेस भी लगातार भाजपा सरकार के कामकाज पर निशाना साध रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजस्थान में आगामी राजनीतिक गतिविधियों और चुनावी माहौल को देखते हुए दोनों प्रमुख दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो सकता है। ऐसे में विकास, पेयजल, आधारभूत संरचना और जनहित के मुद्दे आने वाले समय में राजनीतिक चर्चा के केंद्र में बने रहेंगे।

फिलहाल, गजेंद्र सिंह शेखावत के इस बयान ने राजस्थान की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस और अशोक गहलोत की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

Golden Hind Desk