राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने रविवार को झुंझुनूं के डूंडलोद गर्ल्स स्कूल के वार्षिक समारोह में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को सम्मानित भी किया। उन्होंने बालिकाओं को खूब पढ़ने और आगे बढ़ने का आह्वान किया। इस अवसर पर बच्चों ने मनमोहक कला प्रस्तुतियां दी।
हरिभाऊ बागडे ने रविवार को झुंझुनूं के डूंडलोद गर्ल्स स्कूल के वार्षिक समारोह में भाग लिया
राज्यपाल ने डूंडलोद गर्ल्स विद्यालय वार्षिक समारोह में भाग लिया- उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को सम्मानित किया
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राजस्थान क्रिकेट में खिलाड़ियों का चयन शुरू, चेतन शर्मा-गणेश सुथार U-23 टीम में
राजस्थान क्रिकेट में खिलाड़ियों के सिलेक्शन की प्रक्रिया शुरू, चेतन शर्मा-गणेश सुथार का शेष भारत U-23 टीम में चयन
राजस्थान क्रिकेट में आगामी घरेलू क्रिकेट सत्र को लेकर खिलाड़ियों के चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राजस्थान के युवा क्रिकेटरों के लिए चयन और प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ने का मौका तैयार हो रहा है। इसी क्रम में राजस्थान के चेतन शर्मा और गणेश सुथार का शेष भारत U-23 टीम में चयन हुआ है। दोनों खिलाड़ियों के चयन को राज्य के क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।
राजस्थान क्रिकेट संघ की ओर से आगामी प्रतियोगिताओं को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग आयु वर्गों में खिलाड़ियों की तैयारियों और चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी कड़ी में रणजी अंडर-19 टीम के संभावित खिलाड़ियों के प्रैक्टिस मैच 26 सितंबर से आयोजित किए जाएंगे। इन मुकाबलों के जरिए खिलाड़ियों के प्रदर्शन, फिटनेस, तकनीकी क्षमता और मैच परिस्थितियों में उनके प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा।
चेतन शर्मा और गणेश सुथार का शेष भारत U-23 में चयनराजस्थान के युवा खिलाड़ियों चेतन शर्मा और गणेश सुथार को शेष भारत U-23 टीम में जगह मिली है। अंडर-23 स्तर पर देश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के बीच खेलने का अवसर युवा क्रिकेटरों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इससे खिलाड़ियों को उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा का अनुभव मिलता है और भविष्य में घरेलू क्रिकेट के बड़े मंच पर अपनी जगह बनाने का रास्ता तैयार होता है।
शेष भारत U-23 टीम में चयन खिलाड़ियों के प्रदर्शन के साथ-साथ उनके लगातार क्रिकेट खेलने और अपनी प्रतिभा साबित करने का अवसर भी प्रदान करता है। राजस्थान से दो खिलाड़ियों का चयन राज्य के क्रिकेट प्रशंसकों के लिए भी उत्साहजनक खबर है।
26 सितंबर से रणजी अंडर-19 संभावितों के प्रैक्टिस मैचआगामी घरेलू क्रिकेट प्रतियोगिताओं की तैयारियों के तहत 26 सितंबर से रणजी अंडर-19 के संभावित खिलाड़ियों के प्रैक्टिस मैच शुरू होंगे। इन मैचों में चयन प्रक्रिया के लिए चिन्हित खिलाड़ियों को मैदान पर अपना प्रदर्शन दिखाने का मौका मिलेगा।
प्रैक्टिस मैचों का उद्देश्य खिलाड़ियों की वास्तविक मैच परिस्थितियों में क्षमता का आकलन करना होता है। चयनकर्ता बल्लेबाजी, गेंदबाजी, विकेटकीपिंग और क्षेत्ररक्षण के साथ-साथ खिलाड़ियों की फिटनेस और दबाव की स्थिति में प्रदर्शन को भी ध्यान में रख सकते हैं।
अंडर-19 स्तर राजस्थान क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी आयु वर्ग से आने वाले कई खिलाड़ी आगे चलकर राज्य की सीनियर टीम और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में जगह बनाते हैं। ऐसे में संभावित खिलाड़ियों के लिए ये प्रैक्टिस मैच अपनी दावेदारी मजबूत करने का अवसर होंगे।
प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ेगा चयनक्रिकेट में चयन प्रक्रिया के दौरान खिलाड़ियों के हालिया प्रदर्शन को विशेष महत्व दिया जाता है। प्रैक्टिस मैचों में खिलाड़ियों को अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी क्षमता के साथ निरंतरता दिखाने का अवसर मिलेगा।
बल्लेबाजों के लिए रन बनाना, परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी करना और लंबी पारी खेलने की क्षमता महत्वपूर्ण होगी। वहीं गेंदबाजों के प्रदर्शन में विकेट लेने के साथ-साथ लाइन और लेंथ, अनुशासन तथा अलग-अलग परिस्थितियों में गेंदबाजी करने की क्षमता पर ध्यान दिया जा सकता है।
ऑलराउंडर और विकेटकीपर खिलाड़ियों के लिए भी अपनी उपयोगिता साबित करने का अवसर होगा। क्षेत्ररक्षण में चुस्ती और फिटनेस भी चयन प्रक्रिया का अहम हिस्सा रह सकती है।
युवा खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण अवसरराजस्थान में बड़ी संख्या में युवा क्रिकेटर अलग-अलग आयु वर्गों में अपनी पहचान बनाने के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं। ऐसे में चयन प्रक्रिया और प्रैक्टिस मैच उनके लिए आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
26 सितंबर से होने वाले मुकाबलों में शामिल खिलाड़ियों को चयनकर्ताओं के सामने अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। इन मुकाबलों के प्रदर्शन के आधार पर आगे की टीम के लिए खिलाड़ियों पर विचार किया जा सकता है।
वहीं चेतन शर्मा और गणेश सुथार का शेष भारत U-23 टीम में चयन यह बताता है कि राजस्थान के युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा तक पहुंच रहे हैं। दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर अब क्रिकेट प्रेमियों की नजर रहेगी।
घरेलू सत्र की तैयारियां तेजराजस्थान क्रिकेट में आगामी घरेलू सत्र को देखते हुए खिलाड़ियों की तैयारियां तेज हो रही हैं। अलग-अलग आयु वर्गों की टीमों के गठन से पहले संभावित खिलाड़ियों की पहचान और उनके प्रदर्शन का आकलन किया जा रहा है।
रणजी अंडर-19 संभावित खिलाड़ियों के प्रैक्टिस मैच इसी चयन प्रक्रिया का हिस्सा हैं। मैचों के दौरान खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने के साथ-साथ टीम में स्थान हासिल करने के लिए प्रतिस्पर्धा करनी होगी।
राज्य के युवा क्रिकेटरों के लिए यह चरण काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि आयु वर्ग की टीमों में प्रदर्शन के आधार पर उन्हें आगे उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं में खेलने के अवसर मिल सकते हैं।
राजस्थान क्रिकेट में नई प्रतिभाओं पर नजरराजस्थान क्रिकेट में समय-समय पर युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अवसर मिलते रहे हैं। घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी पहचान बनाने का मौका मिलता है।
चेतन शर्मा और गणेश सुथार का शेष भारत U-23 टीम में चयन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। वहीं अंडर-19 संभावित खिलाड़ियों के प्रैक्टिस मैचों से राजस्थान के क्रिकेट में उभरती प्रतिभाओं को पहचानने में मदद मिलेगी।
26 सितंबर से शुरू होने वाले इन मुकाबलों के बाद चयन प्रक्रिया में आगे क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर क्रिकेट प्रेमियों की नजर रहेगी। फिलहाल खिलाड़ियों के सामने अपनी प्रतिभा, फिटनेस और मैच प्रदर्शन के जरिए चयनकर्ताओं को प्रभावित करने की चुनौती है।
राजस्थान क्रिकेट में खिलाड़ियों के चयन की यह प्रक्रिया आगामी घरेलू प्रतियोगिताओं के लिए टीम तैयार करने की दिशा में अहम कदम है। युवा खिलाड़ियों को मिले इन अवसरों से राज्य में क्रिकेट की नई प्रतिभाओं को आगे आने का मंच मिलेगा।
नितिन नवीन आज जयपुर से पंचायत चुनाव अभियान का आगाज करेंगे, दादिया से 90 प्रचार रथ होंगे रवाना
नितिन नवीन आज जयपुर से पंचायत चुनाव अभियान का आगाज करेंगे, दादिया से 90 प्रचार रथ होंगे रवाना
राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के बाद अब भारतीय जनता पार्टी ने आगामी पंचायतीराज चुनावों की तैयारियों पर फोकस बढ़ा दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन शुक्रवार, 25 सितंबर को जयपुर के दादिया से पार्टी के पंचायत चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत करेंगे। दादिया में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में नितिन नवीन शामिल होंगे और कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों को संबोधित करेंगे। इसी कार्यक्रम से 90 प्रचार रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा।
दादिया से पंचायत चुनाव अभियान की शुरुआतभाजपा के प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी के अनुसार, नितिन नवीन दादिया से ही राजस्थान में पंचायत चुनाव के प्रचार अभियान का आगाज करेंगे। यहां आयोजित सम्मेलन में हाल ही में हुए नगर निकाय चुनाव में भाजपा के नवनिर्वाचित पार्षद, प्रत्याशी, जिला एवं मंडल स्तर के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल होंगे। कार्यक्रम में निकाय चुनाव के बाद संगठन को ग्रामीण और पंचायत स्तर तक सक्रिय करने पर भी जोर रहेगा।
दादिया में आयोजित कार्यक्रम को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती से भी जोड़ा गया है। भाजपा के लिए यह कार्यक्रम संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, क्योंकि नगर निकाय चुनाव के बाद पार्टी अब ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी तैयारियों को गति देने में जुटी है।
90 प्रचार रथों को दिखाई जाएगी हरी झंडीदादिया कार्यक्रम की सबसे प्रमुख गतिविधियों में 90 प्रचार रथों की रवानगी शामिल है। पार्टी के अनुसार, ये प्रचार रथ प्रदेश की विभिन्न पंचायतों तक जाएंगे। इनके माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने का अभियान चलाया जाएगा।
भाजपा का कहना है कि इन प्रचार रथों के जरिए पंचायत स्तर पर लोगों से संपर्क बढ़ाने और पार्टी के संगठनात्मक अभियान को गांवों तक ले जाने की तैयारी है। आगामी पंचायतीराज चुनावों को देखते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं को भी स्थानीय स्तर पर सक्रिय किया जा रहा है।
निकाय चुनाव के बाद गांवों पर फोकसराजस्थान में नगर निकाय चुनाव संपन्न होने के बाद भाजपा ने अब पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव पर ध्यान केंद्रित किया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का जयपुर दौरा इसी क्रम में देखा जा रहा है। दादिया सम्मेलन में निकाय चुनाव के दौरान सक्रिय रहे कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों से आगे की संगठनात्मक गतिविधियों पर चर्चा की जाएगी।
पार्टी की ओर से बताया गया है कि निकाय चुनाव के अनुभव को पंचायत स्तर की तैयारियों में इस्तेमाल किया जाएगा। जिला और मंडल स्तर के पदाधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी जा रही है।
युवाओं से भी संवाद करेंगे नितिन नवीनदादिया कार्यक्रम के बाद नितिन नवीन जयपुर के बिरला ऑडिटोरियम में युवाओं के साथ संवाद कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं को जोड़ने की तैयारी की गई है। युवा संवाद में संगठनात्मक गतिविधियों में युवाओं की भागीदारी और वर्तमान राष्ट्रीय परिदृश्य से जुड़े विषयों पर चर्चा प्रस्तावित है।
पार्टी के अनुसार, युवाओं के साथ सीधा संवाद संगठन में युवा भागीदारी को बढ़ाने का माध्यम होगा। नितिन नवीन युवाओं के साथ बातचीत करेंगे और उनके विचारों एवं सवालों को सुनेंगे।
अल्बर्ट हॉल से शुरू होगा कार्यक्रमनितिन नवीन के जयपुर दौरे की शुरुआत अल्बर्ट हॉल से होगी। यहां वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर चल रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित स्वच्छता कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। पार्टी की ओर से बताया गया है कि यह कार्यक्रम सेवा गतिविधियों के तहत आयोजित किया जा रहा है।
इसके बाद नितिन नवीन दादिया के लिए रवाना होंगे। दादिया में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती कार्यक्रम और निकाय जनप्रतिनिधि सम्मेलन में वे शामिल होंगे। इसके बाद युवा संवाद कार्यक्रम प्रस्तावित है।
करीब पांच महीने में दूसरी बार जयपुर दौरानितिन नवीन का करीब पांच महीने के भीतर राजस्थान का यह दूसरा दौरा बताया जा रहा है। इससे पहले वे अप्रैल 2026 में जयपुर आए थे। सितंबर के इस दौरे में पार्टी ने कई कार्यक्रमों को एक साथ जोड़ा है, जिनमें सेवा गतिविधि, निकाय जनप्रतिनिधियों का सम्मेलन, पंचायत चुनाव अभियान और युवा संवाद शामिल हैं।
इस दौरे के दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के भी कार्यक्रमों में शामिल होने की जानकारी सामने आई है।
राजस्थान भाजपा में संगठनात्मक बदलाव भीपंचायतीराज चुनाव की तैयारियों के बीच राजस्थान भाजपा में संगठनात्मक स्तर पर भी बदलाव हुआ है। 23 सितंबर को भाजपा ने संजय भाटिया को राजस्थान का नया प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया। उनके साथ कविता पाटीदार और कुलजीत चहल को सह-प्रभारी बनाया गया है। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब राज्य में पंचायतीराज चुनावों की तैयारियां चल रही हैं।
नई संगठनात्मक टीम के सामने राज्य में पार्टी के जमीनी संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों के लिए कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने की जिम्मेदारी रहेगी।
पंचायत चुनाव को लेकर बढ़ी राजनीतिक गतिविधियांनगर निकाय चुनाव के बाद राजस्थान में अब पंचायत स्तर की राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने लगी हैं। भाजपा की ओर से प्रचार रथों की रवानगी और राष्ट्रीय अध्यक्ष का दौरा इसी गतिविधि का हिस्सा है। पार्टी का अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार की योजनाओं और संगठन की गतिविधियों को पहुंचाने पर केंद्रित रहेगा।
हालांकि, पंचायतीराज चुनाव का आधिकारिक कार्यक्रम और मतदान की तारीखें निर्वाचन प्राधिकरण द्वारा घोषित किए जाने के बाद ही स्पष्ट होंगी। वर्तमान में राजनीतिक दल अपनी संगठनात्मक और प्रचार तैयारियों में जुटे हुए हैं।
दादिया में होने वाला कार्यक्रम भाजपा के लिए आगामी पंचायत चुनाव से पहले एक बड़ा संगठनात्मक आयोजन होगा। यहां निकाय चुनाव में निर्वाचित प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाने के साथ ही पंचायत स्तर की तैयारियों को आगे बढ़ाने का संदेश दिया जाएगा।
नितिन नवीन के जयपुर दौरे के प्रमुख कार्यक्रम अल्बर्ट हॉल: स्वच्छता सेवा कार्यक्रम दादिया, बगरू: पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती कार्यक्रम दादिया: निकाय जनप्रतिनिधि सम्मेलन दादिया: 90 प्रचार रथों को हरी झंडी बिरला ऑडिटोरियम: युवा संवाद कार्यक्रम पंचायतीराज चुनाव की संगठनात्मक तैयारियां और ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क अभियाननगर निकाय चुनाव के बाद भाजपा ने राजस्थान में अपना फोकस पंचायत स्तर की तैयारियों पर बढ़ा दिया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का दादिया दौरा इसी अभियान की शुरुआत के तौर पर पार्टी द्वारा प्रस्तुत किया जा रहा है। 90 प्रचार रथों की रवानगी के साथ पार्टी ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क अभियान को आगे बढ़ाएगी, जबकि युवा संवाद के जरिए युवाओं को संगठनात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर रहेगा।
जैसलमेर में बनेगा एस्केप चैनल, 785.87 हेक्टेयर भूमि आवंटन को CM भजनलाल ने दी मंजूरी
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दी 785.87 हेक्टेयर भूमि आवंटन की स्वीकृति, जैसलमेर में बनेगा एस्केप चैनल
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जैसलमेर जिले में इंदिरा गांधी नहर परियोजना क्षेत्र के अंतर्गत एस्केप चैनल के निर्माण के लिए 785.87 हेक्टेयर भूमि आवंटन की स्वीकृति प्रदान की है। इस स्वीकृति के बाद बाबा रामदेव सब ब्रांच की बुर्जी पर प्रस्तावित एस्केप चैनल के निर्माण का रास्ता साफ होगा।
राज्य सरकार के इस निर्णय को पश्चिमी राजस्थान के नहरी क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था के विकास और सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया है। एस्केप चैनल के निर्माण से नहरी तंत्र को बेहतर बनाने के साथ क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
किसानों को मिलेगी बेहतर सिंचाई सुविधाजैसलमेर जैसे पश्चिमी राजस्थान के क्षेत्र में कृषि गतिविधियां सिंचाई सुविधाओं पर काफी हद तक निर्भर रहती हैं। ऐसे में नहरी तंत्र का विस्तार और उसका बेहतर प्रबंधन किसानों के लिए महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री की ओर से भूमि आवंटन की स्वीकृति मिलने के बाद प्रस्तावित एस्केप चैनल के निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकेगा। इससे इंदिरा गांधी नहर परियोजना क्षेत्र में जल प्रबंधन और सिंचाई व्यवस्था को और बेहतर करने में सहायता मिलेगी।
राज्य सरकार के अनुसार, एस्केप चैनल के निर्माण से क्षेत्र में सिंचाई के लिए जल की उपलब्धता को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। इससे नहरी क्षेत्र में कृषि गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ किसानों को दीर्घकाल में लाभ मिलने की संभावना है।
बाबा रामदेव सब ब्रांच पर होगा निर्माणप्रस्तावित एस्केप चैनल का निर्माण इंदिरा गांधी नहर परियोजना क्षेत्र के अंतर्गत बाबा रामदेव सब ब्रांच की बुर्जी पर किया जाएगा। इसके लिए 785.87 हेक्टेयर भूमि आवंटन की स्वीकृति दी गई है।
भूमि उपलब्ध होने के बाद संबंधित विभाग द्वारा एस्केप चैनल निर्माण से जुड़ी आवश्यक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया जा सकेगा। नहरी क्षेत्र में जल के बेहतर प्रबंधन के लिए एस्केप चैनल महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना के रूप में काम करेगा।
पश्चिमी राजस्थान में सिंचाई तंत्र मजबूत करने पर जोरमुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर जोर दे रही है। पश्चिमी राजस्थान में इंदिरा गांधी नहर परियोजना कृषि और सिंचाई के लिए प्रमुख आधार है।
सरकार की ओर से नहरी तंत्र को मजबूत करने, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने और जल संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जैसलमेर में एस्केप चैनल निर्माण के लिए भूमि आवंटन की स्वीकृति को महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।
किसानों की आर्थिक स्थिति को मिलेगा लाभपश्चिमी राजस्थान के नहरी क्षेत्रों में सिंचाई सुविधा बेहतर होने से कृषि गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। पर्याप्त और व्यवस्थित सिंचाई सुविधा किसानों के लिए खेती को अधिक सुविधाजनक बनाने में सहायक होती है।
सरकार के अनुसार, जैसलमेर में प्रस्तावित एस्केप चैनल से क्षेत्र में सिंचाई के लिए जल उपलब्धता को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी। इससे कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलने और किसानों की आर्थिक तरक्की के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की दिशा में कदमराजस्थान में जल संसाधनों का प्रभावी प्रबंधन एक महत्वपूर्ण विषय है। विशेष रूप से पश्चिमी राजस्थान में कम वर्षा वाले क्षेत्रों में नहरों के माध्यम से सिंचाई सुविधाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
एस्केप चैनल जैसी संरचनाओं के माध्यम से नहरी तंत्र के संचालन और जल प्रबंधन को व्यवस्थित करने में मदद मिलती है। जैसलमेर में प्रस्तावित चैनल के लिए भूमि आवंटन की स्वीकृति इसी दिशा में उठाया गया कदम है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने तथा किसानों को बेहतर जल उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई है। जैसलमेर में दी गई यह स्वीकृति पश्चिमी राजस्थान के नहरी क्षेत्र में आधारभूत सिंचाई संरचना को मजबूत करने से जुड़ी है।
नहरी क्षेत्र के विकास को मिलेगी गतिइंदिरा गांधी नहर परियोजना राजस्थान के पश्चिमी हिस्से के लिए महत्वपूर्ण परियोजना है। इसके माध्यम से कई क्षेत्रों में कृषि और पेयजल से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता मिलती है। नहर परियोजना के अंतर्गत नई संरचनाओं के निर्माण और मौजूदा तंत्र को मजबूत करने से संबंधित क्षेत्रों में जल प्रबंधन की क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
जैसलमेर में एस्केप चैनल के लिए भूमि आवंटन की स्वीकृति मिलने से प्रस्तावित निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया आसान होगी। राज्य सरकार का कहना है कि इससे क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
सरकार की ओर से पश्चिमी राजस्थान के नहरी क्षेत्रों में कृषि एवं सिंचाई सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में 785.87 हेक्टेयर भूमि आवंटन की स्वीकृति को नहरी तंत्र के विकास और सुदृढ़ीकरण से जोड़कर देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा जैसलमेर में इंदिरा गांधी नहर परियोजना क्षेत्र में एस्केप चैनल निर्माण के लिए भूमि आवंटन की स्वीकृति से प्रस्तावित परियोजना को आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। बाबा रामदेव सब ब्रांच की बुर्जी पर बनने वाले इस एस्केप चैनल से सिंचाई व्यवस्था और जल प्रबंधन को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। इसका सीधा लाभ नहरी क्षेत्र के किसानों और कृषि गतिविधियों को मिलने की संभावना है।
वित्त संबंधी संसदीय स्थायी समिति का राजस्थान अध्ययन दौरा, आकांक्षी जिलों पर चर्चा
वित्त संबंधी संसदीय स्थायी समिति का राजस्थान अध्ययन दौरा, आकांक्षी जिलों और ब्लॉकों के विकास की समीक्षा
वित्त संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने अपने दो दिवसीय राजस्थान अध्ययन दौरे के दौरान बुधवार को जयपुर में राज्य सरकार के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। सांसद (लोकसभा) भर्तृहरि महताब की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राजस्थान में आकांक्षी जिला कार्यक्रम (Aspirational District Programme) और आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम (Aspirational Block Programme) के क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में विशेष रूप से विभिन्न विकास संकेतकों की प्रगति, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा आकांक्षी क्षेत्रों में विकास की स्थिति पर विचार-विमर्श किया गया। समिति के राजस्थान अध्ययन दौरे का उद्देश्य राज्य में संचालित विभिन्न विकास कार्यक्रमों की स्थिति को समझना और संबंधित विभागों से उनके क्रियान्वयन से जुड़ी जानकारी प्राप्त करना रहा।
आकांक्षी जिलों और ब्लॉकों के विकास पर चर्चाबैठक में आकांक्षी जिला एवं आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रमों के तहत राजस्थान में किए जा रहे कार्यों की स्थिति पर चर्चा हुई। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य ऐसे क्षेत्रों में विकास की गति बढ़ाना है, जहां विभिन्न सामाजिक और आर्थिक संकेतकों में अपेक्षाकृत अधिक सुधार की आवश्यकता है।
बैठक के दौरान विभिन्न विकास संकेतकों में हुई प्रगति को लेकर समिति के सदस्यों और राज्य सरकार के अधिकारियों के बीच चर्चा हुई। संबंधित अधिकारियों ने अपने विभागों से जुड़े विकास कार्यों तथा योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी समिति के समक्ष रखी।
आकांक्षी क्षेत्रों के विकास में स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास, आधारभूत सुविधाएं और सामाजिक विकास जैसे विषय महत्वपूर्ण हैं। इन क्षेत्रों में योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के माध्यम से नागरिकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने और विकास के स्तर में सुधार करने पर जोर दिया जाता है।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने की बैठक में सहभागिताबैठक में राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने राज्य सरकार की ओर से सहभागिता की। उनके साथ विभिन्न विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव और शासन सचिव स्तर के अधिकारी भी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने आकांक्षी जिला एवं ब्लॉक कार्यक्रमों से संबंधित विभागीय गतिविधियों और विकास कार्यों की जानकारी समिति के साथ साझा की। बैठक में विकास संकेतकों की प्रगति और विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर अधिकारियों ने अपना पक्ष रखा।
इस दौरान समिति के सदस्यों ने राजस्थान में विभिन्न विकास कार्यक्रमों की स्थिति को समझने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया। अध्ययन दौरे के माध्यम से राज्य में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और उनके परिणामों से जुड़े पहलुओं की जानकारी प्राप्त की जा रही है।
शिक्षा और तकनीकी शिक्षा से जुड़े अधिकारी रहे मौजूदबैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव उच्च एवं तकनीकी शिक्षा कुलदीप रांका भी उपस्थित रहे। आकांक्षी क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर में सुधार को विकास के महत्वपूर्ण संकेतकों में शामिल किया जाता है।
शिक्षा से संबंधित योजनाओं, संस्थागत व्यवस्थाओं और विद्यार्थियों तक बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं पहुंचाने से जुड़े विषयों पर विभागीय स्तर पर काम किया जा रहा है। बैठक में शिक्षा क्षेत्र से संबंधित विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी से समिति को राज्य में इस क्षेत्र की स्थिति के बारे में जानकारी साझा करने का अवसर मिला।
इसी प्रकार अतिरिक्त मुख्य सचिव विद्यालयी शिक्षा राजेश कुमार यादव भी बैठक में उपस्थित रहे। विद्यालयी शिक्षा से संबंधित विषयों और विकास संकेतकों की प्रगति पर भी अध्ययन दौरे के संदर्भ में चर्चा की गई।
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा क्षेत्र पर भी फोकसबैठक में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा गायत्री ए. राठौड़ उपस्थित रहीं।
आकांक्षी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता और उनकी गुणवत्ता विकास के प्रमुख पहलुओं में शामिल है। ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना तथा आमजन तक आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करना सरकार की विकास योजनाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा से जुड़े विभागीय पहलुओं को लेकर भी अधिकारियों की सहभागिता रही। समिति के अध्ययन दौरे में विकास संकेतकों की स्थिति को समझने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विषयों का महत्व रहा।
ग्रामीण विकास और पंचायती राज पर मंथनशासन सचिव ग्रामीण विकास कृष्ण कुणाल भी बैठक में मौजूद रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ग्रामीण विकास विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है।
इसके अलावा शासन सचिव एवं आयुक्त पंचायती राज तथा मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. जोगाराम ने भी बैठक में भाग लिया। पंचायती राज संस्थाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न सरकारी योजनाओं को लागू करने और स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जाती है।
आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के संदर्भ में ग्रामीण क्षेत्रों में विकास गतिविधियों और योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति महत्वपूर्ण विषय है। बैठक में संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में इन पहलुओं पर चर्चा की गई।
सार्वजनिक निर्माण विभाग की भी रही सहभागिताबैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव सार्वजनिक निर्माण विभाग प्रवीण गुप्ता भी उपस्थित रहे। विकास के लिए सड़क, भवन और अन्य आधारभूत सुविधाओं का महत्वपूर्ण योगदान होता है।
आकांक्षी क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार स्थानीय स्तर पर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा अन्य सेवाओं तक पहुंच को बेहतर बनाने में सहायक होता है। बैठक में सार्वजनिक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी की मौजूदगी भी इसी व्यापक विकास प्रक्रिया से जुड़ी रही।
आयोजना विभाग ने भी साझा की जानकारीबैठक में शासन सचिव आयोजना डॉ. रवि कुमार सुरपुर ने भी सहभागिता की। विकास कार्यक्रमों की योजना बनाने, उनकी निगरानी और विभिन्न विकास संकेतकों का आकलन करने में आयोजना विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है।
आकांक्षी जिला एवं आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रमों में अलग-अलग क्षेत्रों की प्रगति को विभिन्न संकेतकों के आधार पर देखा जाता है। ऐसे में आयोजना विभाग से जुड़े अधिकारियों की मौजूदगी में विकास की स्थिति और योजनाओं से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई।
दो दिवसीय राजस्थान अध्ययन दौरे का हिस्सावित्त संबंधी संसदीय स्थायी समिति का राजस्थान अध्ययन दौरा दो दिवसीय है। इस दौरान समिति राज्य में विभिन्न विकास कार्यक्रमों और उनके क्रियान्वयन से जुड़े विषयों का अध्ययन कर रही है।
बुधवार को जयपुर में हुई बैठक इसी अध्ययन दौरे का महत्वपूर्ण हिस्सा रही। समिति ने राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर विशेष रूप से आकांक्षी जिला एवं आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रमों की प्रगति और विकास संकेतकों पर जानकारी प्राप्त की।
समिति के सदस्यों और अधिकारियों के बीच हुई चर्चा में राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों, योजनाओं के क्रियान्वयन तथा संबंधित विभागों की भूमिका से जुड़े विषय सामने आए।
विभिन्न विभागों के बीच समन्वय पर जोरआकांक्षी क्षेत्रों में विकास के लिए एक से अधिक विभागों की योजनाओं का समन्वित क्रियान्वयन आवश्यक होता है। शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, सार्वजनिक निर्माण, पंचायती राज और आयोजना जैसे विभागों की अलग-अलग भूमिका रहती है।
जयपुर में हुई बैठक में इन सभी प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रही। इससे समिति को अलग-अलग विभागों से जुड़े विकास संकेतकों और योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी एक ही मंच पर प्राप्त हुई।
बैठक में राज्य सरकार के अधिकारियों ने समिति के समक्ष संबंधित विभागों की जानकारी साझा की और राजस्थान में आकांक्षी जिला एवं ब्लॉक कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की स्थिति पर चर्चा की।
विकास की स्थिति को समझने का प्रयाससंसदीय स्थायी समिति के अध्ययन दौरे का एक प्रमुख उद्देश्य विभिन्न विकास कार्यक्रमों की स्थिति और उनके क्रियान्वयन से जुड़े पहलुओं का अध्ययन करना है। राजस्थान में आकांक्षी जिला और आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रमों को लेकर हुई चर्चा इसी दिशा में महत्वपूर्ण रही।
बैठक में विकास संकेतकों की प्रगति पर चर्चा के साथ-साथ संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की सहभागिता रही। समिति ने राज्य सरकार के अधिकारियों से कार्यक्रमों और विकास कार्यों से संबंधित जानकारी प्राप्त की।
इस अवसर पर समिति के सदस्य, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव उच्च एवं तकनीकी शिक्षा कुलदीप रांका, अतिरिक्त मुख्य सचिव सार्वजनिक निर्माण विभाग प्रवीण गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव विद्यालयी शिक्षा राजेश कुमार यादव, प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा गायत्री ए. राठौड़, शासन सचिव ग्रामीण विकास कृष्ण कुणाल, शासन सचिव आयोजना डॉ. रवि कुमार सुरपुर, शासन सचिव एवं आयुक्त पंचायती राज तथा मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. जोगाराम सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर, वित्त संबंधी संसदीय स्थायी समिति के राजस्थान अध्ययन दौरे के दौरान जयपुर में हुई बैठक में आकांक्षी जिला एवं आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रमों के क्रियान्वयन तथा विभिन्न विकास संकेतकों की प्रगति पर केंद्रित चर्चा हुई। दो दिवसीय अध्ययन दौरे के माध्यम से समिति राज्य में विकास योजनाओं की स्थिति और उनके क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर रही है।
Jaipur Panchayat Election 2026: 22 पंचायत समितियों में प्रधान पदों का आरक्षण तय
पंचायत समितियों में प्रधान पदों का आरक्षण तय, 11 सीटें महिलाओं के लिए
पंचायती राज चुनाव 2026 को लेकर जयपुर जिले में आरक्षण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बुधवार 23 सितंबर को जयपुर कलेक्ट्रेट सभागार में पंचायत समिति प्रधान, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य पदों के आरक्षण के लिए लॉटरी निकाली गई। लॉटरी जिला कलेक्टर संदेश नायक की मौजूदगी में सुबह करीब 10:15 बजे शुरू हुई।
लॉटरी में जयपुर जिले की 22 पंचायत समितियों के प्रधान पदों का आरक्षण तय किया गया। इनमें 11 प्रधान पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। वहीं पंचायत समिति के कुल 386 वार्डों में से 93 वार्ड अनारक्षित यानी ओपन रखे गए हैं। इन वार्डों से किसी भी वर्ग का पात्र व्यक्ति चुनाव लड़ सकेगा। बाकी 293 वार्ड विभिन्न आरक्षित वर्गों के लिए निर्धारित किए गए हैं।
22 पंचायत समितियों में प्रधान पदों का आरक्षणलॉटरी के बाद पंचायत समिति प्रधान पदों के लिए अलग-अलग श्रेणियों का निर्धारण किया गया। स्रोत के अनुसार तूंगा और आंधी पंचायत समिति में एससी ओपन श्रेणी रखी गई है। रामपुरा डाबरी और कोटखावदा में एससी महिला के लिए प्रधान पद आरक्षित किया गया है।
इसी तरह चौमूं और किशनगढ़-रेनवाल पंचायत समिति में एसटी ओपन श्रेणी और अमरसर में एसटी महिला श्रेणी निर्धारित की गई है।
माधोराजपुरा और सांगानेर में ओबीसी ओपन तथा जोबनेर और मौजमाबाद में ओबीसी महिला श्रेणी रखी गई है।
वहीं अनारक्षित श्रेणी में शाहपुरा, बस्सी, जमवा-रामगढ़ और फागी को ओपन रखा गया है। गोविंदगढ़, दूदू, जालसू, चाकसू, आमेर और झोटवाड़ा में अनारक्षित महिला श्रेणी निर्धारित की गई है।
पंचायत समिति प्रधान आरक्षण श्रेणी पंचायत समिति एससी ओपन तूंगा, आंधी एससी महिला रामपुरा डाबरी, कोटखावदा एसटी ओपन चौमूं, किशनगढ़-रेनवाल एसटी महिला अमरसर ओबीसी ओपन माधोराजपुरा, सांगानेर ओबीसी महिला जोबनेर, मौजमाबाद अनारक्षित ओपन शाहपुरा, बस्सी, जमवा-रामगढ़, फागी अनारक्षित महिला गोविंदगढ़, दूदू, जालसू, चाकसू, आमेर, झोटवाड़ा जिला परिषद के 57 वार्डों का भी आरक्षण तयलॉटरी में सबसे पहले जयपुर जिला परिषद सदस्य के 57 वार्डों के आरक्षण का निर्धारण किया गया। स्रोत के अनुसार इनमें एससी के लिए 10, एसटी के लिए 8, ओबीसी के लिए 10 और शेष वार्ड अनारक्षित श्रेणी में रखे गए हैं।
जिला परिषद के आरक्षित वार्डों में एससी ओपन के लिए वार्ड 34, 40, 29, 24 और 13, जबकि एससी महिला के लिए 23, 27, 32, 36 और 42 निर्धारित किए गए।
एसटी ओपन श्रेणी में 38, 37, 50 और 49 तथा एसटी महिला श्रेणी में 41, 44, 46 और 47 वार्ड रखे गए।
ओबीसी ओपन के वार्ड 22, 21, 57, 51, 45 और 56 हैं, जबकि ओबीसी महिला के लिए 43, 8, 1 और 10 वार्ड निर्धारित किए गए हैं।
अनारक्षित ओपन श्रेणी में वार्ड 3, 4, 7, 12, 14, 16, 18, 28, 30, 33, 35, 48, 52, 54 और 55 हैं। अनारक्षित महिला श्रेणी में वार्ड 26, 9, 31, 25, 11, 2, 19, 53, 5, 15, 39, 6, 20 और 17 रखे गए हैं।
386 पंचायत समिति वार्डों में 93 ओपनजयपुर जिले की 22 पंचायत समितियों में कुल 386 वार्ड हैं। इनमें से 93 वार्ड ओपन रखे गए हैं। इन वार्डों में किसी भी वर्ग का पात्र उम्मीदवार चुनाव लड़ सकता है। वहीं 293 वार्ड एससी, एसटी, ओबीसी और महिला सहित अलग-अलग आरक्षित श्रेणियों में रखे गए हैं।
लॉटरी के दौरान अलग-अलग पंचायत समितियों के वार्डों का आरक्षण भी तय किया गया। आमेर, जालसू, रामपुरा डाबरी, चाकसू, कोटखावदा, माधोराजपुरा और चौमूं सहित अन्य पंचायत समितियों के वार्डों की श्रेणी निर्धारित की गई।
आमेर पंचायत समिति के वार्डआमेर में एससी ओपन के लिए वार्ड 6 और 15, एससी महिला के लिए वार्ड 4, एसटी ओपन के लिए 18, 14 और 10 तथा एसटी महिला के लिए 11 और 12 आरक्षित किए गए। ओबीसी ओपन वार्ड 16 और ओबीसी महिला वार्ड 21 है।
अनारक्षित ओपन वार्ड 1, 2, 3, 8 और 19 हैं, जबकि अनारक्षित महिला वार्ड 7, 5, 13, 17, 20 और 9 हैं।
जालसू में भी आरक्षण तयजालसू पंचायत समिति में एससी ओपन वार्ड 14 और एससी महिला वार्ड 2 है। एसटी ओपन वार्ड 3 रखा गया है। ओबीसी ओपन वार्ड 11 और 8 तथा ओबीसी महिला वार्ड 9 है।
अनारक्षित ओपन वार्ड 4, 5, 10 और 13 हैं। अनारक्षित महिला के लिए वार्ड 7, 12, 6, 15 और 1 निर्धारित किए गए हैं।
रामपुरा डाबरी, चाकसू और कोटखावदा के वार्डरामपुरा डाबरी में एससी ओपन वार्ड 6 और 2 तथा एससी महिला वार्ड 5 है। एसटी ओपन वार्ड 9, ओबीसी ओपन वार्ड 12 और 8 तथा ओबीसी महिला वार्ड 10 है। अनारक्षित ओपन वार्ड 3, 7 और 15 तथा अनारक्षित महिला वार्ड 14, 11, 13, 4 और 1 हैं।
चाकसू में एससी ओपन वार्ड 10 और 12, एससी महिला वार्ड 17, एसटी ओपन वार्ड 14 और 15 तथा एसटी महिला वार्ड 16 है। ओबीसी ओपन वार्ड 4 और ओबीसी महिला वार्ड 1 है। अनारक्षित ओपन वार्ड 5, 7, 11 और 13 तथा अनारक्षित महिला वार्ड 6, 9, 3, 2 और 8 हैं।
कोटखावदा में एससी ओपन वार्ड 12 और 14, एससी महिला वार्ड 3, एसटी ओपन वार्ड 6 और 7 तथा एसटी महिला वार्ड 2 है। ओबीसी ओपन वार्ड 10 है। अनारक्षित ओपन वार्ड 9, 11 और 15 तथा अनारक्षित महिला वार्ड 13, 4, 8, 5 और 1 हैं।
कल सरपंच और वार्ड पंचों की लॉटरीपंचायत चुनाव की आरक्षण प्रक्रिया का अगला चरण 24 सितंबर 2026 को होगा। जिला कलेक्टर संदेश नायक के अनुसार उपखंड स्तर पर ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी।
जयपुर जिले में कुल 597 ग्राम पंचायतें हैं, जिनमें 5,931 वार्ड हैं। इन ग्राम पंचायतों के सरपंच और वार्ड पंच पदों के आरक्षण का निर्धारण भी लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा।
बच्चों से भी निकलवाई गई आरक्षण की पर्चीआरक्षण लॉटरी के दौरान पारदर्शिता और प्रक्रिया को लेकर बच्चों से भी पर्चियां निकलवाई गईं। जिला परिषद सदस्यों के वार्डों का निर्धारण पूरा होने के बाद पंचायत समिति प्रधान पदों की लॉटरी निकाली गई।
इस पूरी प्रक्रिया के साथ अब जयपुर जिले में आगामी पंचायती राज चुनावों को लेकर तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट होने लगी है। पंचायत समिति प्रधान, जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्य पदों के आरक्षण के बाद अब ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच और वार्ड पंच पदों की आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार है।