"Operation Rising Lion" के तहत एक विशाल वायु आक्रमण

इजराइली हमले में ईरान के ड्रोन कमांडर की मौत: अब तक 12 टॉप अफसर ढेर, ट्रंप बोले – ‘इजराइल को नहीं रोकूंगा’

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इजराइल-ईरान के बीच जारी संघर्ष का आज 9वां दिन है। इस बीच इजराइल ने ईरान के ड्रोन कमांडर अमीन पोर जोदखी को हवाई हमले में मारने का दावा किया है। इससे पहले इजराइल ने 13 जून को ड्रोन यूनिट के चीफ ताहर फुर की हत्या कर दी थी। इसके बाद से जोदखी के पास ही ड्रोन यूनिट की जिम्मेदारी थी। इजराइल अब तक ईरान के 12 से ज्यादा सैन्य अफसरों की हत्या कर चुका है। इसमें ईरानी सेना के चीफ मोहम्मद बाघेरी, IRGC चीफ होसैन सलामी समेत कई और बड़े नाम हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि वे इजराइल को जंग रोकने के लिए नहीं कहेंगे। उन्होंने कहा कि अगर कोई जीत रहा है तो उसे रोकना मुश्किल है।

ईरान और इजराइल के बीच शनिवार को भी जंग जारी है। ईरान ने सुबह इजराइल में तेल अवीव समेत दूसरे शहरों पर मिसाइल हमला किया। इससे कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है। वहीं, इजराइल ने भी जवाबी हमला करते हुए ईरान में कोम, इस्फहान में मिसाइल हमले किए। इसमें 2 लोगों की मौत हुई है और 4 घायल हैं। बीते 8 दिनों में इजराइल में 24 लोग मारे गए हैं, जबकि 900 से ज्यादा घायल हुए हैं। वहीं ईरान में 657 लोगों की मौत हुई है और 2000 से ज्यादा घायल हैं। यह आंकड़ा वॉशिंगटन स्थित ईरानी ह्यूमन राइट्स ग्रुप ने दिया है।

परिणामों की भयावह लहर,

13 जून को इजराइल के "Operation Rising Lion" के तहत एक विशाल वायु आक्रमण शुरू हुआ। इसमें लगभग 200 विमानों ने 100 से अधिक लक्ष्यों को निशाना बनाया, जिसमें ईरानी सैन्य और परमाणु सुविधाएँ शामिल थीं। इस हमले में उर्रानी उच्च अधिकारियों की हत्या की गई, ताकि उसे नाभिकीय और मिसाइल क्षमताओं से वंचित किया जा सके ।

शीर्ष सेना अधिकारियों की बड़ी क्षति
सम्मेलन में शामिल कई वरिष्ठ कमांडरों – जैसे कि इराक़ की स्टाफ चीफ मेजर जनरल मोहम्मद बघेरी, IRGC के कमांडर‑इन‑चीफ हॉसैन सालामी, और Khatam al-Anbiya हेड Gholam Ali Rashid – को हवाई हमले में मारा गया।

ड्रोन कमांडर और अन्य
17 जून को, दूसरे उच्च कमांडर Brig Gen Ali Shadmani, जो कि नव नियुक्त Khatam al-Anbiya Central Headquarters कमांडर थे, उन्हें भी हवाई हमले में मार गिराया गया। उनके साथ, कुल 12 से अधिक शीर्ष सैन्य व नाभिकीय अधिकारी मारे गए – जिनमें भारी मात्रा में वैज्ञानिक भी शामिल हैं ।

इलाके की तबाही और स्थानीय हालात
इरान के स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि 224 से 408 लोगों की जान गई, जिनमें बड़ी संख्या में आम नागरिक भी सम्मिलित थे। वहीं, इजराइल के अधिकारियों के अनुसार, इरान ने हफ्ते भर में लगभग 1,400 मिसाइल और ड्रोन लॉन्च किए, जिसमें 24 इजराइलियों की मौत और सैकड़ों घायल हुए  । ताल्लुकातित हमलों की वजह से तेहरान में सैकड़ों घायलों के साथ भारी जनब्राह्मण हुआ।

ट्रम्प का बयान और अमेरिकी स्थिति
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मीडिया से बातचीत में कहा कि "इजराइल को हमले रोकने के लिए नहीं कहूंगा" क्योंकि यह "बहुत मुश्किल" होगा । अमेरिकी विदेश नीति में अभी तलमेल ढूँढ़े जा रहे हैं — ट्रम्प ने स्पष्ट किया कि इजराइल को तत्काल सेना रोकने की सलाह नहीं देंगे, परंतु इस बात की भी चर्चा हो रही है कि अगर इरान परमाणु समझौते की फिर से कोशिश करे, तो अमेरिकी प्रतिक्रिया क्या होगी । उन्होंने इजराइल के आक्रमणों की "प्राकृतिक" समर्थन की संकेत दी, किंतु फिलहाल कोई प्रत्यक्ष अमेरिकी हस्तक्षेप की नीति तय नहीं हुई ।

क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
– इजराइल के PM नेतन्याहू का कहना है कि तब तक अभियान जारी रहेगा जब तक कि इरान की नाभिकीय और मिसाइल क्षमताएँ समाप्त न हो जाएं ।
– इज़राइल ने चेतावनी दी है कि युद्ध लंबा हो सकता है, क्योंकि यह अब तक का सबसे जटिल सैन्य अभियान है ।
– यूरोपीय देश जिंदल वार्ता के लिए प्रयत्नशील हैं, लेकिन फिलहाल कोई ठोस डील नहीं बन पाई । जिनीवा में हुई चार घंटे की वार्ता विफल रही – इजराइल के हमले जारी रहे तो इरान वार्ता को स्वीकार नहीं करेगा ।
– संयुक्‍त राष्ट्र के IAEA ने नाभिकीय सुविधाओं पर हमलों को लेकर चेतावनी जारी की – विशेषकर Natanz और Bushehr पर असर को लेकर ।

आगे की चुनौतियाँ
– यह संघर्ष का दूसरा सप्ताह है, जिसमें अब तक 600+ ईरानियों (वहीं 25 इजराइंस) की मौत हो चुकी है ।
– इजराइल ने इराक़ी एयरडिफेंस और मिसाइल साइटों को भी निशाना बनाया, जिससे क्षेत्रीय तनाव और अधिक बढ़ा है ।
– इरान की कार्रवाई में कुछ हाइपरसोनिक मिसाइल का इस्तेमाल और तेहरान में इंटर्नेट बंदी जैसी परिस्थितियाँ देखी जा रही हैं ।


इजराइल का हेल्फुल ऑपरेशन "राइजिंग लायन" उसको एक शत्रु देश की कड़ियों (मतलब IRGC और नाभिकीय संरचनाओं) को मारने की रणनीति के रूप में दिखता है। अब तक 12 से अधिक उच्च अधिकारी – जिनमें ब्रिगेडियर जनरल शादमनी शामिल हैं – मारे गए। अमेरिकी प्रतिक्रिया फिलहाल अप्रत्यक्ष विश्वास की मूड में है, लेकिन ट्रम्प ने इजराइल को तुरंत रोकने की बात स्पष्ट रूप से नकार दी है। क्षेत्रीय और वैश्विक दबाव बढ़ रहा है, और वार्ता की ईंधन अभी शेष है।