इज़राइल ने ईरान के रिएक्टर को बनाया निशाना

इजराइल ने ईरान को कुछ घंटे पहले दी चेतावनी, फिर किया एटमी हमला, अब तक 639 लोगों की हुई मौत!

Israel Iran War

ईरान और इजरायल के बीच घातक जंग गुरुवार, 19 जून को सातवें दिन में प्रवेश कर गई, दोनों पक्षों ने अपने हमले तेज कर दिए हैं और सीजफायर का नामो-निशान नजर नहीं आ रहा है. एक तरफ टीवी पर लाइव आकर ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई ने कहा कि ईरान एकजुट है और वो सरेंडर नहीं करेगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सरेंडर करने का अल्टीमेटम दिया था लेकिन खामेनेई ने ऐसा करने से इनकार करते हुए चेतावनी दी कि किसी भी अमेरिकी हमले की गंभीर और अपूरणीय क्षति उठानी पड़ेगी. वहीं अब ईरान-इजरायल युद्ध में कूदने के लिए अमेरिका भी पूरी तरह तैयार दिख रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सीनियर सहयोगियों से कहा कि उन्होंने ईरान के खिलाफ हमले की योजना को मंजूरी दे दी है, लेकिन यह देखने के लिए फाइनल ऑर्डर को रोक दिया है कि तेहरान अपने परमाणु कार्यक्रम को छोड़ता है या नहीं. इससे पहले, जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या अमेरिका ईरान पर इजरायली हमले में शामिल होगा तो उन्होंने कहा, "मैं यह कर सकता हूं, मैं यह नहीं कर सकता.

कुछ घंटे पहले ही इज़राइल ने चेतावनी

मध्य पूर्व में हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। इज़राइल ने ईरान के एक प्रमुख परमाणु रिएक्टर पर हमला कर दिया है। इस हमले में अब तक 639 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें वैज्ञानिक, सैन्यकर्मी और रिएक्टर में कार्यरत कर्मचारी शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, इज़राइली वायुसेना ने शुक्रवार तड़के ईरान के बुशहर स्थित परमाणु रिएक्टर को निशाना बनाया। इससे कुछ घंटे पहले ही इज़राइल ने चेतावनी दी थी कि वह ईरान की "संभावित परमाणु खतरे" को बर्दाश्त नहीं करेगा। इज़राइल के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि यह हमला आत्मरक्षा में किया गया और इसका उद्देश्य ईरान की परमाणु क्षमता को रोकना था। हमले में प्रयोग की गई मिसाइलें आधुनिक गाइडेड सिस्टम से लैस थीं, जिससे रिएक्टर की आंतरिक संरचना को भारी नुकसान हुआ है। ईरानी सरकार ने इस हमले को “युद्ध की घोषणा” करार दिया है और वैश्विक मंचों पर इसकी शिकायत करने की बात कही है।

अयातुल्ला अली खामेनेई ने कहा

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने कहा कि यह हमला केवल ईरान पर नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों और परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग पर सीधा हमला है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि इसका करारा जवाब दिया जाएगा। अमेरिका, रूस, चीन और संयुक्त राष्ट्र ने स्थिति पर चिंता जताई है और दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक भी बुलाई जा सकती है। मध्य पूर्व में पहले से ही चल रहे तनाव के बीच यह हमला क्षेत्रीय शांति के लिए गंभीर खतरा बन गया है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि दोनों देश पीछे नहीं हटे, तो यह एक व्यापक युद्ध की शुरुआत हो सकती है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा। इस बीच, इज़राइली नागरिकों को अलर्ट पर रखा गया है और बंकरों में जाने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि ईरान ने अपने वायु रक्षा प्रणाली को एक्टिव मोड में डाल दिया है। दोनों देशों की सेनाएं हाई अलर्ट पर हैं और संघर्ष कभी भी बड़े युद्ध में बदल सकता है।

अराक हेवी वॉटर रिएक्टर पर हमला

इजराइल ने ईरान में अराक हेवी वॉटर रिएक्टर पर हमला कर दिया है। हमले के बाद हुए नुकसान की जानकारी नहीं मिली है। कुछ घंटे पहले ही इजराइली सेना (IDF) ने अराक और खोंडब शहर के लोगों को इलाका खाली करने की चेतावनी दी थी। अराक में हैवी वाटर रिएक्टर है। यह फैसिलिटी ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम का एक अहम हिस्सा है। इसके साथ ही अराक में बड़े पैमाने पर हथियारों का उत्पादन होता है। इजराइल ने खोंडब में भी हमले की चेतावनी दे रखी है। खोंडब में भी IR-40 हैवी वाटर रिएक्टर है, जो ईरान के परमाणु कार्यक्रम का एक और अहम हिस्सा है। यह फैसिलिटी अराक से करीब 40 किलोमीटर दूर है। अराक की तरह इसे भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निगरानी में रखा जाता है। ईरान और इजराइल के बीच जंग सातवें दिन में पहुंच गई है। अब तक इजराइल के 24 लोग मारे गए हैं। वहीं, वॉशिंगटन स्थित एक ह्यूमन राइट्स ग्रुप ने दावा किया है कि ईरान में मौत का आंकड़ा अब 639 हो चुका है और 1329 लोग घायल हुए हैं।