दिल्ली में CJP के प्रदर्शन से पहले हाई अलर्ट, 600 हिरासत में; ध्रुव राठी को घर से ले गई पुलिस
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर शनिवार को राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग को लेकर पार्टी के समर्थक जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस सहित कई इलाकों में जुटने लगे। समाचार रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने यूट्यूबर ध्रुव राठी समेत करीब 600 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है।
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली के कई प्रमुख रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई है। कुछ जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की जैसी स्थिति भी सामने आई। रिपोर्ट में सड़कों पर कीलें लगाने, वाहनों की जांच करने और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने की जानकारी दी गई है।
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके मुंबई से दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों को रोकना ताकत नहीं, बल्कि डर की निशानी है। दूसरी ओर, पुलिस राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा इंतजामों को मजबूत कर रही है।
जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस में पुलिस की सख्ती
CJP के प्रदर्शन के ऐलान के बाद जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस, संसद मार्ग और चुनाव आयोग मुख्यालय के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई। कई प्रमुख रास्तों पर बैरिकेडिंग लगाकर लोगों की आवाजाही पर निगरानी रखी जा रही है। पुलिस वाहनों और बसों की जांच भी कर रही है।
शनिवार सुबह कनॉट प्लेस के इंदिरा चौक पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कार्रवाई की। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ छात्र सार्वजनिक शौचालय में छिपे हुए थे। वहां से करीब 50 छात्रों को वाहनों में बैठाकर ले जाया गया। इस दौरान छात्रों ने आरोप लगाया कि पुलिस वाहन में दम घुटने से एक बच्चा बेहोश हो गया। इसके बाद कुछ छात्रों ने वाहन पर हाथ मारना शुरू कर दिया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।
पुलिस ने चिल्ला बॉर्डर पर भी सुरक्षा कड़ी की। दिल्ली और नोएडा के बीच आने-जाने वाले लोगों से पूछताछ की गई। महरौली इलाके में लाउडस्पीकर से लोगों को शांति बनाए रखने की अपील की गई। मंडी हाउस और फिरोज शाह रोड जैसे क्षेत्रों में भी सुरक्षा बलों की तैनाती की जानकारी सामने आई है।
38 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात होने की जानकारी
प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में बड़े स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में 38 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं, जिनमें सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवान भी शामिल हैं।
जंतर-मंतर और चुनाव आयोग की ओर जाने वाले रास्तों पर पुलिस की विशेष निगरानी है। संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है, जबकि कुछ सड़कों पर प्रदर्शनकारियों के वाहनों को रोकने के लिए अतिरिक्त अवरोधक लगाए गए हैं।
पुलिस की कार्रवाई के बीच प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों की अंतिम संख्या और उनकी स्थिति को लेकर आधिकारिक विस्तृत जानकारी की पुष्टि जरूरी है।
ट्रेन और मेट्रो सेवाओं पर असर
दिल्ली में प्रदर्शन के कारण परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने की जानकारी भी सामने आई है। समाचार रिपोर्ट में नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर आने वाली करीब 250 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द किए जाने का उल्लेख है।
इसके अलावा, रिपोर्ट में 45 मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने और 10 डिटेंशन सेंटर बनाए जाने की जानकारी दी गई है। यात्रियों को सलाह है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले रेलवे और दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) की आधिकारिक वेबसाइट या सूचना माध्यमों से सेवाओं की स्थिति जरूर जांच लें।
नमो भारत ट्रेन सेवा को लेकर भी कुछ पाबंदियों की जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, सराय काले खां और न्यू अशोक नगर स्टेशन 9 अक्टूबर की रात 9 बजे से 10 अक्टूबर की रात 10 बजे तक बंद रहने वाले हैं। इस दौरान आनंद विहार से मोदीनगर के बीच ट्रेन सेवाएं निर्धारित समय के अनुसार चलने की बात कही गई है।
प्रदर्शन के चलते यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी हो सकती है। इसलिए लोगों को अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलने और वैकल्पिक मार्गों की जानकारी रखने की सलाह दी जाती है।
इंडिया गेट के आसपास इंटरनेट बंद रखने की सूचना
सुरक्षा इंतजामों के तहत इंडिया गेट के आसपास चार किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट सेवा बंद रखने की जानकारी भी रिपोर्ट में दी गई है। इसके अनुसार, शुक्रवार रात 10 बजे से शनिवार रात 10 बजे तक यह पाबंदी लागू रहने की बात कही गई।
हालांकि, इंटरनेट बंद करने के आदेश का वास्तविक दायरा और प्रभावित सेवाओं की जानकारी संबंधित प्रशासनिक आदेश से सत्यापित की जानी चाहिए। राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
अभिजीत दीपके ने कहा- आंदोलन होकर रहेगा
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दिल्ली रवाना होने से पहले कहा कि पार्टी का प्रदर्शन होकर रहेगा। उन्होंने दावा किया कि सरकार प्रदर्शन से पहले ही दबाव में आ गई है। उनके अनुसार, प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना और राजधानी में पाबंदियां लगाना जनता से डरने का संकेत है।
दीपके ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थान बताते हुए संविधान के अनुच्छेद 19 का भी हवाला दिया। यह अनुच्छेद नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने का अधिकार देता है। हालांकि, इन अधिकारों के साथ कानून के तहत लागू उचित प्रतिबंधों और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े नियमों का पालन भी जरूरी होता है।
SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग को लेकर विवाद
CJP के प्रदर्शन का प्रमुख मुद्दा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR है। पार्टी इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रही है और इसकी जांच कराने की मांग कर रही है। इसके साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी प्रदर्शन के केंद्र में है।
रिपोर्ट के अनुसार, मतदाता सूची में नाम जोड़ने, नाम हटाने और नाम बहाल करने की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। चुनावी डेटा, सॉफ्टवेयर तक पहुंच और फॉर्म-6 में बदलाव जैसे विषयों को लेकर आपत्तियों का उल्लेख किया गया है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से नहीं हटना चाहिए। दूसरी ओर, इन मुद्दों पर निष्कर्ष निकालने के लिए संबंधित दस्तावेजों, चुनाव आयोग के आधिकारिक पक्ष और उपलब्ध तथ्यों की जांच आवश्यक है।
AAP और लेफ्ट प्रदर्शन में शामिल, कांग्रेस ने बनाई दूरी
CJP ने अपने प्रदर्शन में शामिल होने के लिए विपक्षी दलों को आमंत्रित किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, आम आदमी पार्टी (AAP) और वामपंथी दलों ने प्रदर्शन में शामिल होने की घोषणा की। तृणमूल कांग्रेस ने भी समर्थन दिया, हालांकि उसकी भागीदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं बताई गई।
दूसरी ओर, कांग्रेस ने इस प्रदर्शन से दूरी बनाए रखी। रिपोर्ट के अनुसार, राहुल गांधी शनिवार को चेन्नई में एक कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे।
विपक्षी दलों के अलग-अलग रुख के कारण यह प्रदर्शन राजनीतिक रूप से भी चर्चा में है। प्रदर्शन का आगे क्या असर होगा, यह प्रशासन की कार्रवाई, राजनीतिक दलों की भागीदारी और आंदोलन के घटनाक्रम पर निर्भर करेगा।
सोनम वांगचुक प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे
लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया मंच X पर बताया कि वह दिल्ली में प्रदर्शन में शामिल नहीं हो पाएंगे। उन्होंने कहा कि वह आने वाली सर्दियों की तैयारियों और ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में पानी की सुरक्षा से जुड़े प्रयोगों में व्यस्त हैं।
वांगचुक ने कृत्रिम ग्लेशियर बनाने और ग्लेशियर झीलों में बाढ़ यानी GLOF के खतरे को कम करने के प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल होने वाले अलग-अलग समूहों के नेताओं से एकजुट रहने और समझदारी दिखाने की अपील भी की।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी भी चर्चा में
प्रदर्शन को लेकर लगाई गई पाबंदियों के बीच सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी भी चर्चा का विषय बनी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने प्रशासन को जरूरत से ज्यादा सख्त कार्रवाई से बचने की सलाह दी थी। अदालत ने मेट्रो और ट्रेन सेवाओं को पूरी तरह बंद करने जैसे कदमों पर चिंता जताई थी।
यह मामला सार्वजनिक सुरक्षा और नागरिकों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार के बीच संतुलन से जुड़ा है। प्रशासन की जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, जबकि नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना भी महत्वपूर्ण है।
आम लोगों के लिए जरूरी सलाह
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और यातायात संबंधी पाबंदियों को देखते हुए लोगों को यात्रा से पहले आधिकारिक अपडेट जांचने चाहिए। जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस और संसद मार्ग जैसे क्षेत्रों में जाने से पहले वैकल्पिक रास्तों की जानकारी रखें। ट्रेन और मेट्रो से यात्रा करने वाले यात्री संबंधित ऑपरेटर से सेवाओं की पुष्टि करें।
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन को लेकर शनिवार सुबह से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है। रिपोर्ट के मुताबिक, ध्रुव राठी समेत करीब 600 लोगों को हिरासत में लिया गया है। ट्रेन, मेट्रो और कुछ संवेदनशील इलाकों में पाबंदियों की जानकारी भी सामने आई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के बीच स्थिति किस तरह आगे बढ़ती है और प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए विरोध प्रदर्शन को कैसे संभालता है।
GOLDEN HIND DESK