
राजस्थान : SI भर्ती-2021 पेपर लीक मामले में भर्ती के अस्तित्व को लेकर हाईकोर्ट ने अंतिम मौका देते हुए सरकार को अंतिम निर्णय बताने के लिए एक जुलाई की तारीख तय की है। साथ ही चेतावनी दी है कि इस बार सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया तो सख्त रुख अपनाया जाएगा। भजनलाल सरकार की ओर से एडिशनल एडवोकेट जनरल (AAG) विज्ञान शाह ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र पेश करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की व्यस्तता के कारण भर्ती के मुद्दे पर अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका है। शाह ने बताया कि 20 मई को कैबिनेट सब-कमेटी की बैठक हुई थी, लेकिन इसके बाद 24-25 मई को मुख्यमंत्री नीति आयोग की बैठक के लिए दिल्ली में थे, जिससे मुख्यमंत्री स्तर पर विचार-विमर्श संभव नहीं हो सका।
याचिकाकर्ता पक्ष के वकील हरेन्द्र नील ने सरकार की ओर से पेश प्रार्थना पत्र का विरोध करते हुए कहा कि सरकार इस मामले में जानबूझकर देरी कर रही है, और कोई ठोस निर्णय नहीं लेना चाहती। नील ने आरोप लगाया कि सरकार बार-बार नई तारीखें लेकर न्याय प्रक्रिया में देरी कर रही है, जबकि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अभ्यर्थी लंबे समय से अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं।
जजो के बयान :
एजी- पहले हमारे सामने यह जानकारी आ रही थी कि भर्ती में आधे से ज्यादा अभ्यर्थियों ने अनुचित साधनों का उपयोग किया है। लेकिन अब एसओजी जांच में 55 लोग ही सामने आए हैं।
प्रार्थी की ओर से सीनियर एडवोकेट आरपी सिंह- जब राज्य सरकार मंत्रीमंडल की उपसमिति, एसओजी व एजी अपनी राय में एसआई भर्ती को रद्द करने की अनुशंसा कर चुके हैं तो फिर यह भर्ती रद्द क्यों नहीं हो रही, यह क्या मजाक चल रहा है। नए सिरे से बैठक का कोई औचित्य नहीं है। पहले ही समय दिया जा चुका है।
जस्टिस जैन- जब आप सरकार में थे तो क्या चल रहा था
एजी- राज्य सरकार इस भर्ती को लेकर गंभीर है, इस पर अंतिम निर्णय लेने के लिए एक आखिरी मौका दिया जाए। इस बार खाली हाथ नहीं आएंगे। भर्ती को लेकर जो भी निर्णय लेंगे वह ठोस कारण सहित बताएंगे।
जस्टिस जैन- एक जुलाई को अंतिम निर्णय बताएं।
हाईकोर्ट ने सरकार को अब 1 जुलाई 2025 तक का अंतिम मौका दिया है। इससे पहले कोर्ट सरकार को चेतावनी दे चुकी है कि वह इस मामले में टालमटोल बर्दाश्त नहीं करेगी। यदि सरकार इस बार भी स्पष्ट रुख नहीं अपनाती, तो न्यायालय द्वारा कड़ा कदम उठाए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।