
16 जून, सुबह 8 बजे के अनुसार, सक्रिय मामलों की संख्या 7,264 रह गई है, जो कल के 7,383 से गिरावट को दर्शाता है
पिछले 24 घंटों में सक्रिय मामलों में 119 की कमी हुई, जो सकारात्मक संकेत है, और इसके बावजूद स्वास्थ्य विशेषज्ञ सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं ।
स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा पुष्टि की गई है कि देश में अब नए उपवैरिएंट्स जैसे LF.7, XFG, JN.1, और NB.1.8.1 तेजी से फैल रहे हैं।
हालांकि इनसे संक्रमित रोगियों में अधिकांश मामलों में हल्के लक्षण ही देखे गए हैं और अस्पताल में भर्ती की आवश्यकता कम हुई है, मगर संचरण दर बढ़ी हुई है ।
जबलपुर मेडिकल कॉलेज, नेताजी शंकर चंद्र बोस अस्पताल में भर्ती 27 वर्षीय महिला ने शुक्रवार (13 जून) को डिलीवरी की।
शनिवार (14 जून) को उन्हें सांस की तकलीफ होने पर कोविड‑19 जांच की गई, जिसका रिपोर्ट सकारात्मक आया ।
रविवार (15 जून) देर रात उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई ।
Dr. संजय मिश्रा (सीएमएचओ, जबलपुर) के अनुसार, महिला लंग संबंधी बीमारी से पीड़ित थीं और अस्पताल में भर्ती होने पर कोरोना के लक्षण स्पष्ट दिखे । स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि की कि नवजात शिशु सुरक्षित है, और महिला की निधन के पीछे कोविड की जटिलताएं प्रमुख कारण बनीं । ज़मीनी असर ,यह इस वर्ष जबलपुर की पहली कोविड‑19 से हुई मौत है ने बताया, साथ ही मध्य प्रदेश में चौथी कोविड‑19 से संबंधित मृत्यु है, जिसमें Indore, Khargone व Ratlam पहले शामिल ही थे । लेकिन मध्य प्रदेश सरकार ने जिला-वार डेटा एकत्र करने और जारी करने में पारदर्शिता का अभाव दिखाया है, जिससे सटीक जानकारी प्राप्त करना कठिन हो गया है ।
देश में सक्रिय मामलों की सूची में केरल पहले स्थान पर है (1,920 मामलों के साथ), इसके बाद गुजरात (1,433), पश्चिम बंगाल (747) हैं
देश में सबसे अधिक मौतें भी केरल में हुईं (7 मौतें—16 जून को) ।
राज्य में सक्रिय मामले अभी भी नियंत्रण में (65 सक्रिय मामलों की रिपोर्ट मिली थी, जिसमें 13 नए और 30 रिकवरी दर्ज हुईं)।
इन हालिया मौते (जबलपुर समेत) को मिलाकर कुल इन्फ्रैक्शन की संख्या लगभग 200 वार्षिक आंकड़े की ओर बढ़ रही है ।
दिल्ली, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत पूर्व में सक्रिय मामलों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
उत्तर प्रदेश में अस्पतालों को सजग रूप से तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं — PPE किट, ऑक्सीजन, ICU सुविधाओं का पर्याप्त प्रबंध सुनिश्चित करने हेतु ।
सतत कोविड‑उपयुक्त व्यवहार:
मास्क पहनना, हाथों की सफ़ाई, सार्वजनिक स्थानों पर गर्दभाड़ से बचना अभी भी आवश्यक है ।
संवेदनशील वर्गों का विशेष ध्यान:
गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग एवं पहले से बीमार लोग कोविड संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील हैं; उन्हें प्राथमिकता के साथ टेस्टिंग और उपचार उपलब्ध कराना चाहिए ।
नए उप‑वेरिएंट्स की निगरानी:
संक्रमित हुए नए वेरिएंट्स पर शोध एवं ट्रैकिंग जारी रखने की आवश्यकता है ताकि संभावित जोखिमों का पता समय रहते लगाया जा सके ।
डेटा की पारदर्शिता:
जिलावार और राज्यवार कोरोना डेटा नियमित रूप से जनता के समक्ष समय पर प्रस्तुत किया जाना चाहिए, जिससे तैयारी बेहतर तरीके से की जा सके ।