डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान को अपने देश को दोबारा खड़ा करने के लिए पैसे की जरूरत होगी नाटो समिट में ट्रम्प बोले- ईरान बहादुरी से जंग लड़ा अब उन्हें नुकसान से उबरने की जरूरत, इसलिए ऑयल बेचने से नहीं रोकूंगा
Thursday, 26 Jun 2025 13:00 pm

Golden Hind News

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को नीदरलैंड्स में नाटो समिट के दौरान कहा कि ईरान ने जंग में बहादुरी दिखाई। वे ऑयल का कारोबार करते हैं। मैं चाहूं तो इसे रोक सकता हूं, लेकिन मैं ऐसा नहीं करना चाहता। उन्होंने कहा कि ईरान को जंग के बाद नुकसान से उबरने के लिए ऑयल बेचने की जरूरत है। अगर चीन, ईरान से ऑयल खरीदना चाहते हैं तो हमें कोई दिक्कत नहीं है। ट्रम्प ने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच अगले हफ्ते बातचीत होगी। इससे पहले मंगलवार को NATO समिट के लिए जाते वक्त भी ट्रम्प ने कहा था कि चीन अब ईरान से ऑयल खरीद सकता है, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि चीन अमेरिका से भी ऑयल खरीदेगा। हालांकि व्हाइट हाउस अधिकारी ने साफ किया था कि यह ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों में राहत का ऐलान नहीं था। बता दें कि ईरान-इजराइल में 12 दिन चली जंग के बाद ट्रम्प ने मंगलवार को सीजफायर का ऐलान किया था। 

एक दिन पहले ट्रंप ने कहा- चीन ईरानी तेल खरीदना जारी रख सकता है 

इससे एक दिन पहले, ट्रंप ने कहा था कि इस्राइल और ईरान के बीच युद्धविराम पर सहमति बनने के बाद चीन ईरानी तेल खरीदना जारी रख सकता है। हालांकि, बाद में व्हाइट हाउस ने एक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति ट्रंप की टिप्पणियों से अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील का संकेत नहीं मिलता है। ट्रंप ने चीन की कुछ छोटी तेल रिफाइनरियों और बंदरगाह कंपनियों पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं, क्योंकि वे ईरान से तेल खरीद रही थीं। 

राष्ट्रपति ट्रंप का बयान चीन के लिए संकेत था: विटकॉफ 

ट्रंप के मध्य पूर्व मामलों के सलाहकार, स्टीव विटकॉफ ने कहा कि राष्ट्रपति का बयान चीन के लिए यह संकेत था कि 'हम चीन के साथ अच्छे संबंध रखना चाहते हैं और उसकी अर्थव्यवस्था को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते।' चीन ईरान से सबसे ज्यादा तेल खरीदता है और उसने ट्रंप के प्रतिबंधों का लंबे समय से विरोध किया है। विटकॉफ ने कहा, 'हम चाहते हैं कि चीन और ईरान दोनों के साथ मिलकर काम किया जाए, और हमारी बातों से ईरान को भी एक अच्छा संकेत मिले।'