
जोधपुर राजस्थान की सियासत में उस समय भूचाल आ गया, जब पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वर्तमान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को लेकर सनसनीखेज दावा किया। जोधपुर के पांच दिवसीय दौरे पर आए गहलोत ने सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत में कहा कि भजनलाल शर्मा को हटाने का बड़ा षड्यंत्र रचा जा रहा है। गहलोत के इस बयान ने राजस्थान की राजनीति में तूफान खड़ा कर दिया है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या वाकई भजनलाल शर्मा की कुर्सी खतरे में है? या फिर गहलोत का यह बयान बीजेपी के भीतर अंदरूनी कलह को उजागर करने की सियासी चाल है
गहलोत ने किया बड़ा दावा
गहलोत ने कहा कि लोग प्लानिंग कर चुके हैं, लेकिन भजनलाल शर्मा यह समझ नहीं पा रहे हैं. हम उन पर आरोप नहीं लगा रहे हैं. अभी तो उनकी सरकार को महज डेढ़ साल ही हुआ है ऐसे में कैसा आरोप. हम तो उन्हें चेतावनी दे रहे हैं, उन्हें बार-बार उन्हें समझा रहे हैं. साथ ही उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा, एक नए नौजवान को पहली बार विधायक बनते ही मुख्यमंत्री की कमान सौंपी गई, यह कितनी बड़ी बात है. इसे मेंटेन रखें, बार-बार सीएम बदलने से क्या फायदा
आपातकाल पर भी बीजेपी को घेरा
गहलोत ने आपातकाल के मुद्दे पर भी बीजेपी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बीजेपी 1975 के आपातकाल का जश्न मना रही है, लेकिन जनता उनकी मंशा समझ चुकी है। गहलोत ने तीखे शब्दों में कहा, '50 साल पहले की बात को अब भुनाने की कोशिश हो रही है, लेकिन यह लोग सफल नहीं होंगे। उस समय का नतीजा कांग्रेस भुगत चुकी है। इसके बाद इंदिरा जी की आंधी चली थी, जिसमें कांग्रेस ने भारी बहुमत हासिल किया था। मैं भी उस आंधी में सांसद बना था।' गहलोत ने बीजेपी पर पुराने मुद्दों को हवा देकर सियासी फायदा उठाने का आरोप लगाया।