गंगा नदी के ऊपर बादल फटने से बाढ़ आ गई, उत्तरकाशी पहुंचे CM धामी उत्तराखंड में कुदरत का कहर- धराली में सेना कैंप बहा, 10 जवानों समेत 50 लापता, 4 की मौत
Wednesday, 06 Aug 2025 13:00 pm

Golden Hind News

उत्तरकाशी के धराली गांव में मंगलवार दोपहर 1.45 बजे बादल फटने से भारी तबाही मच गई। इसमें 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से ज्यादा लोग लापता हैं। सेना का कैंप भी इस बाढ़ में बह गया। खीर गंगा नदी में पहाड़ों से बहकर आए मलबे से गंगोत्री तीर्थयात्रियों के प्रमुख पड़ाव धराली गांव के बाजार, होटलों, होमस्टे और कई मकानों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया। पूरे धराली गांव में तबाही के निशान साफ देखे जा सकते हैं  यहां दर्जनों घर बह गए। यह घटना बड़कोट के पास की है। बादल फटने से पहाड़ी मलबा गांव में घुस गया। राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-34) का हिस्सा बह गया, जिससे यातायात अवरुद्ध है।

धराली में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

स्थानीय प्रशासन रेस्क्यू के लिए रवाना हो गया है। धराली में बादल फटने से जहां भारी तबाही हुई है, वहां पूरी जी-जान से रेस्क्यू चल रहा है. हालांकि कुछ टीमें रास्ते में फंसी हुई है क्योंकि भूस्खलन की वजह से रास्ते बंद है. लेकिन रास्ते को जल्द से जल्द खोलने की कोशिश की जा रही है. आईटीबीपी के जवान हर कीमती जान को बचाने में लगे हैं.

उत्तराखंड सरकार ने 20 करोड़ दिए

राज्य सरकार ने आपदा मोचक निधि से राहत और बचाव के लिए 20 करोड़ रुपए की राशि जारी कर दी है मंगलवार को सांसद अनिल बलूनी त्रिवेंद्र सिंह रावत और माला राज्य लक्ष्मी शाह ने केंद्रीय गृहमंत्री से भेंट की उत्तरकाशी हादसे पर इस दौरान विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही केंद्र सरकार से सहयोग का आग्रह किया गया है।

उत्तरकाशी पहुंचे CM धामी

 CM पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया पर बताया कि राहत और बचाव कार्यों के लिए राज्य आपदा प्रतिवादन बल, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, जिला प्रशासन की टीम युद्धस्तर पर जुटी हुई हैं. डीएम ने बताया कि इस घटना में अभी तक 4 लोगों की मौत हो गई है. वहीं, भूस्खलन में सेना के कुछ जवानों के लापता होने की भी खबर है. हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संवेदना व्यक्त की और केंद्र से राहत सामग्री व सहायता भेजने का निर्देश दिया।

सेना और राहत एजेंसियों की कार्रवाई

भारतीय सेना, NDRF, SDRF और जिला प्रशासन ने राहत कार्य शुरू किया। 150 से अधिक जवान और उपकरण राहत बचाव में लगाए गए हैं। 130+ लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, लेकिन भारी बारिश के चलते अभियान में बाधाएं आईं। वायु सेना ने भी Chinook, Mi‑17, और Cheetah हेलीकॉप्टर भेजने की तैयारी की।