
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार दोपहर कर्तव्य भवन-3 का उद्घाटन किया. दिल्ली में सेंट्रल विस्टा में स्थित यह भवन देश का नया पॉवर सेंटर बनने जा रहा है. वहीं दूसरी ओर, दिल्ली सरकार ने अपने लंबे समय से पेंडिंग नए सचिवालय निर्माण को लेकर तेजी दिखाई है और चार संभावित स्थानों पर विचार-विमर्श शुरू कर दिया है. इसके अलावा, दिल्ली की सियासी फिजाओं में आज शिवसेना की गूंज भी सुनाई दे रही है. महाराष्ट्र की राजनीति में अहम भूमिका निभा रही शिवसेना के दोनों धड़ों एकनाथ शिंदे गुट और उद्धव ठाकरे गुट आज दिल्ली में है. दोनों गुट आगामी बीएमसी चुनावों को लेकर बड़ी रणनीतिक तैयारियों में जुटे हैं.
इसी इमारत में गृह, वित्त, पेट्रोलियम, MSME और आईबी जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों के दफ्तर शिफ्ट किए जाने वाले हैं. कर्तव्य भवन को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि यह विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के बीच बेहतर सहयोग और समन्वय को बढ़ावा दे. अब तक दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में फैले मंत्रालयों को एक ही छत के नीचे लाने की दिशा में यह बड़ा कदम माना जा रहा है इस कर्तव्य भवन में गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय, कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय/विभाग और प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (पीएसए) के कार्यालय होंगे।
कर्तव्य भवन-3 एक अत्याधुनिक कार्यालय परिसर है, जो लगभग 1.5 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला हैं। इसमें दो बेसमेंट और भूतल सहित 7 मंजिलें हैं। इस इमारत को 30 प्रतिशत कम ऊर्जा खपत के लिए तैयार किया गया है। बिल्डिंग को ठंडा रखने और बाहरी ध्वनि प्रदूषण को कम करने के लिए इसमें कांच की विशेष खिड़कियां लगाई गई हैं। साथ ही यह जीरो-डिस्चार्ज अपशिष्ट प्रबंधन, आंतरिक ठोस अपशिष्ट प्रसंस्करण को बढ़ावा देता है।
उद्घाटन से पहले प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से कहा गया था कि जिस कर्त्तव्य भवन-3 का उद्घाटन किया जा रहा है, वह सेंट्रल विस्टा के व्यापक परिवर्तन का एक हिस्सा है। यह कई आगामी कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरियट भवनों में से पहला है, जिसका उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित और चुस्त शासन को सक्षम बनाना है।