तीन महीने का समय बीत चुका है और तीनों ही महीनों में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज हुई है राजस्थान में मानसून सीजन इस बार रिकॉर्ड तोड़ साबित हो रहा है, अगस्त में बिना बारिश के भी बना दिया नया रिकॉर्ड
Tuesday, 02 Sep 2025 13:00 pm

Golden Hind News

 राजस्थान में इस बार मानसून ने बेहद अजीब रुख दिखाया है. एक तरफ जून और जुलाई में हुई ताबड़तोड़ बारिश ने जहां 70 साल पुराने रिकॉर्ड तोड़ डाले वहीं अब अगस्त आते ही मानसून थम सा गया है. मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 1 अगस्त से 17 अगस्त तक राजस्थान में सामान्य से 67 प्रतिशत कम बारिश हुई है. राजस्थान के लिए इस बार मानसून की शुरुआत जोरदार रही थी. जून और जुलाई के दौरान अधिकांश जिलों में औसत से कई गुना अधिक पानी बरसा. नदियां और बांध उफान पर आ गए थे. कई हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थितियां बन गई थी.

इस तेज बारिश की वजह से राज्य का कोटा समय से पहले पूरा हो गया था। जुलाई माह में औसत से करीब 120 फीसदी ज्यादा बारिश हुई थी. मौसम विभाग के मुताबिक मानसून सीजन में प्रदेश में सामान्यत औसतन 435 मिमी बारिश होती है. लेकिन इस बार अब तक 442 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है. 1 अगस्त से 17 अगस्त तक औसतन 96.3 मिमी बारिश होनी चाहिए थी. लेकिन इस बार केवल 31 मिमी दर्ज हुई. मानसून जून-जुलाई में जहां राहत और आफत दोनों लेकर आया था वहीं अगस्त यह बेहद कमजोर रहा है. अगस्त का पहला पखवाड़ा माइनस 67% बारिश के साथ बीता है. अगर यही स्थिति रही तो यह महीना राजस्थान के इतिहास में बारिश के लिहाज से सबसे कमजोर साबित हो सकता है.

 हालात कुछ बदल सकते हैं
मौसम विभाग ने अब पूर्वानुमान जताया है कि अगस्त की सुस्त शुरुआत के बाद अब अंतिम पखवाड़े में हालात कुछ बदल सकते हैं. 17 से 20 अगस्त तक दक्षिणी राजस्थान के उदयपुर और जोधपुर संभाग के कुछ हिस्सों में मेघगर्जन के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है. इनके अलावा शेष संभागों कोटा, अजमेर, जयपुर, भरतपुर व बीकानेर में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. लेकिन इस पूर्वानुमान के बाद दो दिन बीत चुके हैं. एक दो इलाकों में ही ठीकठाक बारिश हुई है. लेकिन इस पूर्वानुमान के अभी दो दिन बाकी है.

किसानों की चिंता बढ़ी 
आईएमडी के मुताबिक 22 से 28 अगस्त तक बंगाल की खाड़ी में नया मानसूनी तंत्र सक्रिय होने की संभावना है. इसके प्रभाव से राज्य के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय होगा और बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी. आगामी दोनों हफ्तों के दौरान राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य के आसपास ही रहेगा. बारिश के इस असमान वितरण का सीधा असर खेती-बाड़ी और जनजीवन पर पड़ा है. जून-जुलाई की अधिक बारिश से जहां जलभराव और बाढ़ जैसी स्थितियां बनी. वहीं अगस्त में बारिश की कमी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है.

मौसम विभाग की भविष्यवाणी
खरीफ फसलों को लगातार पानी की आवश्यकता होती है. अगस्त में कम बारिश का असर फसलों के उत्पादन पर भी पड़ सकता है. हालांकि मौसम विभाग की भविष्यवाणी के मुताबिक यदि अगस्त के अंतिम सप्ताह और सितंबर की शुरुआत में अच्छी बारिश हुई तो स्थिति सामान्य हो सकती है. राजस्थान का मानसून 2025 अब तक का विरोधाभासी अनुभव लेकर आया है. आगामी सप्ताह तक उम्मीद है कि बारिश दोबारा रफ्तार पकड़ेगी और मौसम का संतुलन कुछ हद तक बहाल होगा.