
जयपुर : हिंडौन सिटी और आसपास के 300 से अधिक गांवों की जीवनरेखा माने जाने वाले जलसेन बांध को अतिक्रमण मुक्त कराने को लेकर राजस्थान हाई कोर्ट ने बड़ा आदेश जारी किया है। यह कदम फाइट फॉर राइट संगठन के लंबे संघर्ष और प्रयासों का नतीजा है।
संगठन के राजस्थान संयोजक डॉ. संजीव गुप्ता ने बताया कि बांध क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण हो चुके हैं। यहां एमआईसी, सड़कें, कॉलोनियां, दुकानें और यहां तक कि रिजॉर्ट तक खड़े कर दिए गए हैं। नगर परिषद हिंडौन ने भी लगभग पांच करोड़ रुपये खर्च कर पार्क बना दिया, जिससे जल संरक्षण पर गंभीर असर पड़ा है।
डॉ. गुप्ता का कहना है कि जलसेन बांध सिर्फ जल संरक्षण का साधन नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की जीवनरेखा है। हाई कोर्ट का यह आदेश संगठन के लिए बड़ी जीत है।
जस्टिस प्रकाश गुर्जर और जस्टिस संजीव पृथ्वीसर की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए एडवोकेट जनरल राजस्थान को निर्देश दिया कि वे नवंबर 2025 तक बांध की वर्तमान स्थिति रिपोर्ट कोर्ट में पेश करें।
इस मामले में पैरवी सीनियर एडवोकेट विमल चौधरी ने की, जबकि एडवोकेट अभिनव गुप्ता ने सक्रिय भूमिका निभाई।
संगठन ने घोषणा की है कि आने वाले दिनों में अतिक्रमण हटाने, जनजागरण अभियान, जल संरक्षण कार्यशालाओं और प्रशासनिक दबाव जैसे कदम उठाए जाएंगे।
डॉ. गुप्ता ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे बांध क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त बनाने और जल संरक्षण की दिशा में सहयोग दें।