राजस्थान ने राष्ट्रीय डेयरी उत्कृष्टता में रचा इतिहास, तीनों प्रमुख श्रेणियों में जीते राष्ट्रीय गोपाल रत्न अवार्ड-2025
Wednesday, 26 Nov 2025 02:30 am

Golden Hind News

जयपुर : देश की डेयरी क्षेत्र की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिता राष्ट्रीय गोपाल रत्न अवार्ड-2025 में राजस्थान ने एक बार फिर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते हुए तीनों प्रमुख राष्ट्रीय श्रेणियों में अवार्ड जीतकर इतिहास रच दिया है। पूरे देश से प्राप्त 2081 आवेदनों के बीच राजस्थान ने बेस्ट डेयरी को-ऑपरेटिव सोसायटी, बेस्ट डेयरी फार्मर, और बेस्ट एआई टेक्नीशियन—तीनों श्रेणियों में जीत हासिल कर डेयरी क्षेत्र में अपनी तकनीकी दक्षता, गुणवत्ता और समर्पण का शानदार प्रदर्शन किया है।

नई दिल्ली स्थित सुषमा स्वराज भवन में राष्ट्रीय दुग्ध दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में केंद्रीय पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री एस. पी. सिंह बघेल और जॉर्ज कुरियन ने राजस्थान को यह सम्मान प्रदान किया। आरसीडीएफ की प्रबंध संचालक एवं प्रशासक  श्रुति भारद्वाज और जिला दुग्ध संघों के पदाधिकारियों ने अवॉर्ड ग्रहण किए।

 

राजस्थान के नाम रहे तीन राष्ट्रीय अवार्ड

1. बेस्ट डेयरी को-ऑपरेटिव सोसायटी — घिनोई दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति (जयपुर)

घिनोई समिति को उत्कृष्ट कार्य के लिए ₹3,00,000, मेरिट सर्टिफिकेट और प्रतीक चिन्ह प्रदान किया गया। यह समिति डेयरी सहकारिता के क्षेत्र में नवाचार और उच्च गुणवत्ता का मजबूत मॉडल बनकर उभरी है।

2. बेस्ट डेयरी फार्मर — हर्षित झुरिया (सीकर)

सीकर के हर्षित झुरिया को दुग्ध उत्पादन में नवाचार और गुणवत्ता सुधार के प्रयासों के लिए ₹2,00,000, प्रमाणपत्र और प्रतीक चिन्ह से सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय स्तर पर उनके कार्यों को अत्यंत सराहा गया है।

3. बेस्ट एआई टेक्नीशियन — विकास कुमार (हनुमानगढ़)

हनुमानगढ़ के विकास कुमार को प्रजनन सेवाओं और कृत्रिम गर्भाधान तकनीक में उत्कृष्ट योगदान के लिए राष्ट्रीय अवार्ड मिला। उन्हें मेरिट सर्टिफिकेट और प्रतीक चिन्ह प्रदान किया गया।

 

मंत्री जोराराम कुमावत ने दी बधाई—“राजस्थान हुआ गौरवान्वित”

पशुपालन एवं गोपालन मंत्री  जोराराम कुमावत ने तीनों विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि राजस्थान के मेहनती दुग्ध उत्पादकों की लगन और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राज्य अपनी नवाचार-आधारित डेयरी प्रणाली के दम पर देश में लगातार अग्रणी बना रहेगा।

 

“मेहनत का सच्चा सम्मान”—आरसीडीएफ की एमडी श्रीमती श्रुति भारद्वाज

आरसीडीएफ की एमडी और प्रशासक श्रुति भारद्वाज ने कहा कि ये पुरस्कार वास्तव में राज्य के दुग्ध उत्पादकों की कड़ी मेहनत का सम्मान हैं। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी राजस्थान ने दो राष्ट्रीय अवॉर्ड जीतकर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई थी।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि—

भीलवाड़ा की दुग्ध उत्पादक माया देवी को हाल ही में कार्बन क्रेडिट की पहली किस्त प्रदान की गई।

आरसीडीएफ का बायोगैस पायलट प्रोजेक्ट राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

जैसलमेर में आयोजित मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति की बैठक में भी राजस्थान मॉडल की विशेष प्रशंसा हुई।

इन उपलब्धियों ने राजस्थान को राष्ट्रीय डेयरी मानचित्र पर शीर्ष स्थान पर स्थापित कर दिया है।

 

राष्ट्रीय गोपाल रत्न अवार्ड का महत्व

वर्ष 2021 से शुरू हुए इन अवॉर्ड्स का उद्देश्य पशुपालन एवं डेयरी क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों, संस्थाओं और तकनीशियंस को सम्मानित करना है।
इस वर्ष देशभर से आए 2081 आवेदनों में से राजस्थान ने 11 में से 3 प्रमुख पुरस्कार अपने नाम किए—जो राज्य की डेयरी उत्कृष्टता का प्रमाण है।