
नई दिल्ली
केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) की जगह नया G Ram G बिल लाने के फैसले का विपक्ष ने जोरदार विरोध किया है। इस बिल को लेकर पिछले दो दिनों से लोकसभा में तीखी बहस चल रही थी। विपक्षी दलों के कड़े विरोध और हंगामे के बावजूद आखिरकार यह बिल लोकसभा में पारित कर दिया गया।
बिल के पास होते ही विपक्षी सांसदों ने सदन के भीतर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और इस दौरान उन्होंने बिल की प्रतियां फाड़कर अपना आक्रोश जताया। विपक्ष का कहना है कि सरकार ने जल्दबाजी में यह बिल पास किया है और इसे पहले स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजा जाना चाहिए था।
विपक्षी सांसद सुबह से ही संसद परिसर में G Ram G बिल के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। उनका आरोप है कि यह नया कानून ग्रामीण रोजगार की मूल भावना के खिलाफ है और मनरेगा जैसी जनहितकारी योजना को कमजोर करेगा।
लोकसभा में सरकार और विपक्ष के बीच इस बिल को लेकर लंबी और तीखी बहस हुई। विपक्ष ने बार-बार मांग की कि बिल को सीधे पास करने की बजाय स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजा जाए ताकि इसके सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हो सके। हालांकि सरकार ने इस मांग को खारिज कर दिया।
जब लोकसभा अध्यक्ष ने ध्वनिमत के जरिए G Ram G बिल के पारित होने की घोषणा की, तो विपक्षी सांसद विरोध जताते हुए सदन के बीचों-बीच आ गए। इस दौरान उन्होंने नारेबाजी की और बिल की प्रतियां फाड़ दीं, जिससे सदन का माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया।
सरकार का कहना है कि G Ram G बिल ग्रामीण विकास और रोजगार के नए मॉडल को लागू करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। वहीं विपक्ष का आरोप है कि यह बिल गरीबों और ग्रामीण मजदूरों के हितों के खिलाफ है।
फिलहाल इस बिल के पास होने के बाद राजनीतिक सरगर्मी और तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इसे लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन की संभावना जताई जा रही है।