सरकार, उद्योग और समाज—तीनों के संयुक्त प्रयास से ही हरित और स्वच्छ राजस्थान का सपना साकार हो सकता है CM भजनलाल शर्मा ने Circular Economy Scheme पर दिया जोर, कहा – पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा है राजस्थान का भविष्य !
Thursday, 18 Dec 2025 14:00 pm

Golden Hind News

जयपुर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती देने के लिए सर्कुलर इकॉनमी मॉडल को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री जयपुर में आयोजित एक उच्च स्तरीय पर्यावरण सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे, जहां उन्होंने कहा कि विकास की दिशा ऐसी होनी चाहिए, जिससे प्राकृतिक संसाधनों का संतुलन बना रहे और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ पर्यावरण मिल सके।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सर्कुलर इकॉनमी के तहत अपशिष्ट को बोझ नहीं बल्कि संसाधन के रूप में देखा जा रहा है। सरकार की प्राथमिकता है कि कम कचरा उत्पन्न हो, अधिकतम रिसाइक्लिंग हो और वस्तुओं का पुन: उपयोग किया जाए। इसी उद्देश्य से प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर नियंत्रण और वेस्ट-टू-वेल्थ योजनाओं को तेज़ी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी कचरा प्रबंधन की आधुनिक व्यवस्था विकसित की जा रही है। नगर निकायों को कचरे के पृथक्करण, वैज्ञानिक निस्तारण और रिसाइक्लिंग यूनिट्स की स्थापना के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, औद्योगिक इकाइयों को पर्यावरण के अनुकूल उत्पादन प्रणाली अपनाने और अपशिष्ट को पुन: उपयोग योग्य बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सर्कुलर इकॉनमी केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रोजगार सृजन और आर्थिक विकास का भी बड़ा माध्यम है। स्वयं सहायता समूहों, स्टार्टअप्स और स्थानीय उद्यमियों को इस मॉडल से जोड़कर नई आजीविका के अवसर पैदा किए जा रहे हैं, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने आमजन से भी पर्यावरण संरक्षण में भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि दैनिक जीवन में प्लास्टिक का कम उपयोग, कचरे का सही पृथक्करण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता से ही सर्कुलर इकॉनमी को सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार और समाज के संयुक्त प्रयासों से राजस्थान को हरित, स्वच्छ और टिकाऊ विकास की दिशा में आगे ले जाया जाएगा।