अरावली पर्वतमाला पर वायरल वीडियो से सोशल मीडिया बहस तेज अरावली पर्वतमाला को लेकर सोशल मीडिया पर नई बहस, ‘मेवाड़ी बाई’ के वीडियो से पर्यावरण मुद्दे पर जनसमर्थन
Friday, 19 Dec 2025 14:00 pm

Golden Hind News

जयपुर

राजस्थान की जीवनरेखा मानी जाने वाली अरावली पर्वतमाला को लेकर एक बार फिर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। इस बार चर्चा की वजह बना है सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा ‘मेवाड़ी बाई’ नाम से चर्चित महिला का एक वीडियो, जिसमें अरावली क्षेत्र में हो रहे कथित अवैध खनन, जंगल कटाई और पर्यावरणीय नुकसान को लेकर गहरी चिंता जताई गई है।

वीडियो सामने आने के बाद पर्यावरण प्रेमियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया है। देखते ही देखते यह वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो गया और अरावली संरक्षण का मुद्दा फिर से सुर्खियों में आ गया।


वीडियो में क्या कहा गया

‘मेवाड़ी बाई’ के वीडियो में अरावली क्षेत्र में घटते जंगल, सूखते जलस्रोत और वन्यजीवों पर पड़ रहे प्रभाव को लेकर सवाल उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि अरावली केवल पहाड़ों की श्रृंखला नहीं, बल्कि राजस्थान के पर्यावरण संतुलन, जल संरक्षण और जैव विविधता की आधारशिला है।

वीडियो में स्थानीय लोगों की चिंताओं को भी सामने रखा गया है, जिसमें बताया गया है कि किस तरह खनन गतिविधियों और विकास परियोजनाओं के नाम पर प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंच रहा है।


सोशल मीडिया पर मिला जनसमर्थन

वीडियो वायरल होने के बाद ट्विटर (X), फेसबुक और इंस्टाग्राम पर #SaveAravalli, #AravalliProtection जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। कई यूजर्स ने सरकार से अरावली क्षेत्र में सख्त निगरानी और अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई की मांग की है।

पर्यावरण कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस तरह की आवाजें जनजागरूकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती हैं और सरकार को नीति स्तर पर ठोस कदम उठाने के लिए मजबूर करती हैं।


राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज

सोशल मीडिया बहस के तेज होने के बाद कुछ राजनीतिक नेताओं ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है। विपक्षी दलों ने सरकार पर पर्यावरण संरक्षण में लापरवाही के आरोप लगाए हैं, वहीं सत्तापक्ष का कहना है कि अरावली संरक्षण के लिए नियमों के तहत कार्रवाई की जा रही है और किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


अरावली का पर्यावरणीय महत्व

विशेषज्ञों के अनुसार अरावली पर्वतमाला राजस्थान में

में अहम भूमिका निभाती है। अरावली को नुकसान पहुंचने से राज्य में जल संकट और पर्यावरण असंतुलन गहराने की आशंका रहती है।


निष्कर्ष

‘मेवाड़ी बाई’ के वीडियो ने एक बार फिर अरावली संरक्षण के मुद्दे को जनचर्चा के केंद्र में ला दिया है। यह बहस न केवल सोशल मीडिया तक सीमित है, बल्कि आने वाले समय में यह प्रशासनिक और राजनीतिक निर्णयों को भी प्रभावित कर सकती है।