
जयपुर
राजस्थान शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी स्कूलों और बोर्ड परीक्षाओं में प्रश्नपत्रों (Question Papers) की सुरक्षा और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस पहल का उद्देश्य परीक्षाओं को पारदर्शी, भरोसेमंद और सुरक्षित बनाना है, ताकि छात्रों को किसी भी प्रकार की अनियमितता या लीक की समस्या का सामना न करना पड़े।
सुरक्षित भंडारण और वितरण
अब परीक्षा के प्रश्नपत्रों को परीक्षा से पहले सुरक्षित कमरे या निर्धारित कार्यालय में ही रखा जाएगा। हर जगह सुरक्षा गार्ड और जिम्मेदार स्टाफ की मौजूदगी अनिवार्य होगी। विभाग ने यह सुनिश्चित किया है कि प्रश्नपत्र केवल अधिकृत व्यक्तियों के पास ही हों और किसी भी बाहरी व्यक्ति की पहुँच न हो।
जिम्मेदार अधिकारी और निगरानी
जिला शिक्षा अधिकारी और स्कूल प्रिंसिपल दोनों को जिम्मेदारी दी गई है कि वे प्रश्नपत्रों के संग्रह, ट्रांसपोर्ट और वितरण में पूरी निगरानी रखें। इसके अलावा हर चरण में रिपोर्टिंग अनिवार्य होगी ताकि किसी भी गड़बड़ी की संभावना न रहे।
स्टाफ प्रशिक्षण और सतर्कता
परीक्षा से जुड़े सभी कर्मचारियों को विशेष सुरक्षा और नियमों के प्रशिक्षण से गुजरना होगा। इसका उद्देश्य यह है कि कोई भी गलती या लापरवाही परीक्षा की निष्पक्षता को प्रभावित न कर सके।
परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता
शिक्षा विभाग ने कहा है कि इन नियमों का सबसे बड़ा मकसद परीक्षा प्रक्रिया में भरोसा बनाना है। पिछले सालों में लीक और गड़बड़ी की घटनाओं ने छात्रों और अभिभावकों में चिंता पैदा की थी। नए दिशा-निर्देशों से यह सुनिश्चित होगा कि हर छात्र समान अवसर और सुरक्षित वातावरण में परीक्षा दे सके।
छात्रों और अभिभावकों का भरोसा बढ़ेगा।
परीक्षा में कोई भी अनियमितता होने की संभावना बहुत कम हो जाएगी।
स्कूल और बोर्ड स्तर पर प्रशासनिक कामकाज में स्पष्टता और जवाबदेही बढ़ेगी।
शिक्षा विभाग का कहना है कि यह नए दिशा-निर्देश अगली बोर्ड परीक्षाओं से प्रभावी रूप से लागू होंगे। विभाग का मानना है कि इस कदम से राजस्थान की परीक्षा प्रणाली और अधिक मजबूत और भरोसेमंद बनेगी।