भजनलाल सरकार का दावा: अरावली सुरक्षित, अवैध खनन पर सख्ती मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का बड़ा बयान: अरावली से कोई छेड़छाड़ नहीं, संरक्षण सरकार की प्राथमिकता
Thursday, 25 Dec 2025 02:30 am

Golden Hind News

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अरावली पर्वतमाला को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच सरकार का रुख स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अरावली से किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जाएगी और इसका संरक्षण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि अरावली सिर्फ एक पर्वत श्रृंखला नहीं, बल्कि राजस्थान की पारिस्थितिकी, जल-सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन की रीढ़ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाकर काम कर रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अरावली क्षेत्र में अवैध खनन, अतिक्रमण और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विपक्ष के आरोपों पर जवाब

अरावली को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जनता को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल बिना तथ्य के यह प्रचार कर रहे हैं कि सरकार अरावली क्षेत्र को नुकसान पहुंचा रही है, जबकि सच्चाई इसके ठीक उलट है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अरावली क्षेत्र से जुड़े सभी मामलों में कानून और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पूरी तरह पालन कर रही है। किसी भी परियोजना को पर्यावरणीय स्वीकृति और नियमों के बिना अनुमति नहीं दी जाएगी।

पर्यावरण और जल संकट से जुड़ा मुद्दा

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अरावली पर्वतमाला राजस्थान में भूजल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और जलवायु संतुलन में अहम भूमिका निभाती है। यदि अरावली को नुकसान पहुंचा तो इसका सीधा असर आने वाली पीढ़ियों पर पड़ेगा, जिसे सरकार किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगी।

सरकार की प्राथमिकताएं

सरकार अरावली क्षेत्र में

जैसे कदमों पर गंभीरता से काम कर रही है।

सियासी मायने

अरावली मुद्दा लंबे समय से राजस्थान की राजनीति का संवेदनशील विषय रहा है। मुख्यमंत्री का यह बयान स्पष्ट संकेत देता है कि भजनलाल सरकार पर्यावरण के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करना चाहती, साथ ही विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज कर रही है।