
जयपुर: राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने कैबिनेट की बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए 15 वर्ष से अधिक पुरानी गाड़ियों के लिए नई वाहन स्क्रैप नीति लागू कर दी है। सरकार का दावा है कि इस फैसले से प्रदेश में बढ़ते प्रदूषण पर रोक लगेगी और सड़क सुरक्षा बेहतर होगी, जबकि विपक्ष ने इसे आम आदमी पर सीधा हमला बताया है।
सरकार के अनुसार, जो वाहन अपनी तय उम्र पूरी कर चुके हैं, फिटनेस मानकों पर खरे नहीं उतरते या लंबे समय से अनुपयोगी हालत में पड़े हैं, उन्हें चरणबद्ध तरीके से सड़कों से हटाया जाएगा। ऐसे वाहनों को अधिकृत स्क्रैप सेंटर पर नष्ट किया जाएगा और वाहन मालिक को इसका प्रमाणपत्र दिया जाएगा।
राज्य सरकार का कहना है कि पुरानी गाड़ियाँ न केवल अधिक प्रदूषण फैलाती हैं बल्कि दुर्घटनाओं का कारण भी बनती हैं। नई स्क्रैप नीति से
प्रदूषण में कमी आएगी,
सड़क हादसों पर नियंत्रण होगा,
और नई तकनीक वाले वाहनों को बढ़ावा मिलेगा।
सरकार यह भी मानती है कि इस नीति से वाहन उद्योग को गति मिलेगी और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाया जा सकेगा।
इस फैसले पर कांग्रेस ने सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि 15 साल पुरानी गाड़ियाँ गरीब और मध्यम वर्ग की रोज़ी-रोटी का साधन होती हैं। नई स्क्रैप नीति ऐसे लोगों को मजबूरी में नई गाड़ी खरीदने के लिए दबाव में डाल देगी, जो आर्थिक रूप से संभव नहीं है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार ने यह नीति बनाते समय आम लोगों की परिस्थितियों पर विचार नहीं किया और यह फैसला ज़मीनी हकीकत से दूर है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया, तो इसके खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
नई स्क्रैप नीति लागू होने के बाद आने वाले समय में यह साफ होगा कि यह फैसला वास्तव में पर्यावरण और सड़क सुरक्षा के लिए लाभकारी साबित होता है या आम जनता के लिए नई परेशानी बनता है।