
राजस्थान: राजस्थान सरकार ने बेटियों की शिक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाई जा रही लाडो प्रोत्साहन योजना के दायरे का विस्तार कर दिया है। सरकार के इस फैसले के बाद अब सरकारी स्कूलों के साथ-साथ मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राएं भी योजना के लाभ के दायरे में आ गई हैं। इससे पहले यह योजना केवल सरकारी स्कूलों की छात्राओं तक सीमित थी।
सरकार का मानना है कि शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए यह जरूरी था कि निजी स्कूलों में पढ़ने वाली बेटियों को भी इस योजना से जोड़ा जाए, ताकि आर्थिक कारणों से किसी भी स्तर पर उनकी पढ़ाई बाधित न हो।
लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत पात्र छात्रा को कुल ₹1.50 लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह राशि एकमुश्त न देकर जन्म से लेकर 21 वर्ष की आयु तक अलग-अलग चरणों में प्रदान की जाएगी, ताकि बच्ची की शिक्षा और विकास हर स्तर पर सुनिश्चित किया जा सके।
जन्म के समय और प्रारंभिक टीकाकरण पूरा होने पर प्रारंभिक सहायता
प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा के दौरान अलग-अलग किस्तें
कक्षा 12 में प्रवेश पर विशेष प्रोत्साहन राशि
स्नातक शिक्षा पूरी करने और 21 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर सबसे बड़ी राशि
इन सभी चरणों को मिलाकर कुल सहायता ₹1.50 लाख होती है।
छात्रा राजस्थान की निवासी हो
जन्म सरकारी या मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य केंद्र में हुआ हो
सभी अनिवार्य टीकाकरण पूरे किए गए हों
छात्रा सरकारी या मान्यता प्राप्त निजी स्कूल में नियमित रूप से अध्ययनरत हो
इस फैसले से हजारों ऐसी छात्राएं लाभान्वित होंगी जो निजी स्कूलों में पढ़ाई कर रही हैं लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आती हैं। योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना ही नहीं, बल्कि बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना, ड्रॉप-आउट दर को कम करना और बेटियों को आत्मनिर्भर बनाना है।
राजस्थान सरकार का कहना है कि लाडो प्रोत्साहन योजना के विस्तार से राज्य में बेटियों की शिक्षा को नई मजबूती मिलेगी और समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा।