अमित शाह का दो दिवसीय राजस्थान दौरा | जोधपुर-जयपुर में सियासी हलचल तेज अमित शाह का दो दिवसीय राजस्थान दौरा जारी, जोधपुर से जयपुर तक सियासी हलचल तेज जोधपुर/जयपुर | 9 जनवरी
Friday, 09 Jan 2026 14:00 pm

Golden Hind News

राजस्थान केंद्रीय गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अमित शाह का दो दिवसीय राजस्थान दौरा गुरुवार से शुरू हो गया है। 9 और 10 जनवरी को प्रस्तावित इस दौरे को प्रदेश की राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। अमित शाह अपने दौरे के दौरान जोधपुर और जयपुर में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लेंगे, जिनका सीधा और परोक्ष असर आगामी पंचायत, निकाय और संगठनात्मक चुनावों पर पड़ने की संभावना है।

दौरे के पहले दिन अमित शाह जोधपुर पहुंचे, जहां उन्होंने माहेश्वरी महाकुंभ ग्लोबल कन्वेंशन में शिरकत की। इस कार्यक्रम में देश-विदेश से आए माहेश्वरी समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए। सामाजिक आयोजन होने के बावजूद, अमित शाह की मौजूदगी को राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भाजपा सामाजिक संगठनों और प्रभावशाली समुदायों के माध्यम से ग्राउंड लेवल पर जनसंपर्क और समर्थन मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।

माहेश्वरी महाकुंभ जैसे बड़े सामाजिक मंच से अमित शाह ने राष्ट्रवाद, विकास, सामाजिक एकता और मजबूत नेतृत्व जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार की उपलब्धियों, सुरक्षा नीति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की वैश्विक पहचान का उल्लेख किया। माना जा रहा है कि यह संदेश सीधे तौर पर भाजपा के कोर वोट बैंक के साथ-साथ नए मतदाताओं को साधने की कोशिश है।

अमित शाह का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब राजस्थान में पंचायत चुनावों की संभावित तारीखों को लेकर चर्चा तेज है और राजनीतिक दल अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। भाजपा नेतृत्व राज्य संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने की दिशा में सक्रिय नजर आ रहा है। शाह का दौरा पार्टी कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरने और संगठनात्मक मजबूती का संकेत माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, जोधपुर कार्यक्रम के बाद अमित शाह जयपुर रवाना होंगे, जहां वे राज्य सरकार और भाजपा संगठन के वरिष्ठ नेताओं के साथ बंद कमरे में बैठकें कर सकते हैं। इन बैठकों में आगामी चुनावी रणनीति, संगठनात्मक फेरबदल, जिलों में प्रदर्शन की समीक्षा और विपक्षी कांग्रेस की गतिविधियों पर मंथन होने की संभावना है।

राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि अमित शाह का यह दौरा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार को मजबूती देने और सरकार-संगठन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। भाजपा नेतृत्व यह संदेश देना चाहता है कि केंद्र और राज्य सरकार एकजुट होकर राजस्थान के विकास और सुशासन के लिए काम कर रही हैं।

विपक्षी कांग्रेस ने अमित शाह के दौरे को लेकर तंज कसते हुए कहा है कि भाजपा चुनावी फायदे के लिए सामाजिक मंचों का राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि केंद्र सरकार जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे दौरों और आयोजनों का सहारा ले रही है। हालांकि भाजपा इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे जनसंपर्क और संवाद का हिस्सा बता रही है।

कुल मिलाकर, अमित शाह का दो दिवसीय राजस्थान दौरा केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राज्य की राजनीति को नई दिशा देने वाला सियासी कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस दौरे के प्रभाव राजस्थान की राजनीति और चुनावी समीकरणों पर साफ तौर पर देखने को मिल सकते हैं।