
जयपुर। भारतीय सेना का 78वां सेना दिवस राजस्थान की राजधानी जयपुर में अत्यंत भव्य, अनुशासित और देशभक्ति से ओतप्रोत वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर शहर के दो प्रमुख स्थानों — सवाई मानसिंह (एसएमएस) स्टेडियम और महल रोड — पर आयोजित कार्यक्रमों ने पूरे जयपुर को राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग दिया। एक ओर जहां एसएमएस स्टेडियम में आयोजित “शौर्य संध्या” ने भारतीय सेना की ताकत, परंपरा और आधुनिक क्षमता का भव्य प्रदर्शन किया, वहीं दूसरी ओर महल रोड पर आमजन के बीच सेना के शौर्य और अनुशासन की झलक देखने को मिली।
एसएमएस स्टेडियम में आयोजित मुख्य समारोह में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उनके साथ सेना के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। समारोह का उद्देश्य भारतीय सेना के बलिदान, वीरता और राष्ट्रसेवा की गौरवशाली परंपरा को सम्मान देना और नई पीढ़ी को प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत सैन्य बैंड की देशभक्ति धुनों और अनुशासित परेड से हुई। इसके बाद शौर्य संध्या के तहत भारतीय सेना की युद्ध कला, सांस्कृतिक परंपरा और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम देखने को मिला। कलरीपयट्टु, मलखंभ, साहसिक युद्ध कौशल, और विशेष नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से सेना के पराक्रम को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को यह एहसास कराया कि भारतीय सेना न केवल सीमाओं की रक्षा करती है, बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत से भी गहराई से जुड़ी हुई है।
कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण ड्रोन और लाइट शो रहा। आधुनिक तकनीक से सजे इस शो में तिरंगा, सैनिकों की वीरता, और राष्ट्रभक्ति से जुड़े प्रतीकों को आकाश में उकेरा गया, जिसने स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों को भावविभोर कर दिया। पूरा स्टेडियम “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारों से गूंज उठा।
इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय सेना देश की सुरक्षा की मजबूत ढाल है। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र की दिशा में आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में भारतीय सेना तकनीक, प्रशिक्षण और सामर्थ्य के मामले में दुनिया की अग्रणी सेनाओं में शामिल होगी। वहीं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान का भारतीय सेना से ऐतिहासिक और भावनात्मक रिश्ता रहा है। राज्य के हजारों युवा सेना में शामिल होकर देश की सेवा कर रहे हैं, जिस पर पूरे प्रदेश को गर्व है।
सेना दिवस के उपलक्ष्य में महल रोड पर भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। यहां सेना की टुकड़ियों द्वारा मार्च पास्ट, अनुशासित परेड और अभ्यास प्रदर्शन किया गया। सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में आम नागरिक, युवा और बच्चे मौजूद रहे, जिन्होंने तालियों और देशभक्ति नारों के साथ सैनिकों का उत्साहवर्धन किया। महल रोड पर हुए कार्यक्रमों का उद्देश्य सेना को आमजन से जोड़ना और युवाओं में देशसेवा, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करना रहा।
इन आयोजनों के चलते महल रोड और आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था अस्थायी रूप से परिवर्तित की गई। पुलिस और प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके। प्रशासन ने आमजन से सहयोग की अपील की थी, जिसका व्यापक असर देखने को मिला।