
कोटा: राजस्थान की शिक्षा नगरी कोटा के लिए 7 मार्च का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। लंबे इंतजार के बाद शहर को एयर कनेक्टिविटी मिलने की दिशा में बड़ा कदम उठने जा रहा है। कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास 7 मार्च को किया जाएगा। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot ने इस परियोजना का श्रेय कांग्रेस सरकार की दूरदर्शिता को दिया है।
गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि कोटा एयरपोर्ट की नींव कांग्रेस सरकार के समय ही रख दी गई थी और यह प्रोजेक्ट Rahul Gandhi के वादे को पूरा करने की दिशा में शुरू किया गया था।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने पोस्ट में कहा कि राहुल गांधी ने कोटा की एक जनसभा में एयरपोर्ट बनाने का वादा किया था। उस वादे को साकार करने के लिए कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2021 में कोटा में एयरपोर्ट निर्माण के लिए 1250 एकड़ जमीन निशुल्क आवंटित की थी।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में एयरपोर्ट परियोजना के लिए बिजली लाइनों को शिफ्ट करने हेतु करीब 120 करोड़ रुपये का बजट भी स्वीकृत किया गया था।
गहलोत ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की लेटलतीफी के कारण यह परियोजना करीब चार साल तक अटकी रही, लेकिन अब इसके शिलान्यास के साथ काम तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद है।
गहलोत ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने कोटा को पर्यटन के नक्शे पर लाने के लिए Chambal Riverfront जैसे विश्वस्तरीय प्रोजेक्ट विकसित किए।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार की उपेक्षा के कारण रिवरफ्रंट पर कई सुविधाएं अभी तक शुरू नहीं हो पाई हैं। गहलोत ने राज्य सरकार से रिवरफ्रंट के बेहतर रखरखाव और विकास की मांग भी की, ताकि हाड़ौती क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।
बताया जा रहा है कि 7 मार्च को Kota के शंभूपुरा में कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास एक भव्य समारोह में किया जाएगा। इस कार्यक्रम में Om Birla और राजस्थान के मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।
यह एयरपोर्ट बनने से कोटा के छात्रों, व्यापारियों और पर्यटकों को बड़ी सुविधा मिलेगी। साथ ही पूरे हाड़ौती क्षेत्र में पर्यटन और आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।