Vasudev Devnani Book Launch: विधानसभा सत्र के अंतिम दिन दो पुस्तकों का विमोचन “संसदीय संस्कृति का उत्कर्ष: नवाचारों के दो वर्ष” और “सनातन का साधक”
Wednesday, 11 Mar 2026 02:30 am

Golden Hind News


Vasudev Devnani Book Launch: विधानसभा सत्र के अंतिम दिन दो पुस्तकों का विमोचन

राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की दो पुस्तकों के विमोचन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली समेत बड़ी संख्या में विधायक मौजूद रहे। कार्यक्रम में विधानसभा की संसदीय परंपराओं, नवाचारों और लोकतांत्रिक मूल्यों पर चर्चा भी हुई।

इस दौरान देवनानी की पुस्तक “संसदीय संस्कृति का उत्कर्ष: नवाचारों के दो वर्ष” और “सनातन का साधक” का विमोचन किया गया।


CM भजनलाल शर्मा ने रखे विचार

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि विधानसभा का एक-एक मिनट बेहद कीमती है और इसका उपयोग प्रदेश की जनता के हित में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सदन के 10 मिनट भी व्यर्थ जाते हैं तो उसका नुकसान सीधे जनता को होता है।

उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में उन्होंने सदन का संचालन गरिमा के साथ किया है और संसदीय परंपराओं व संविधान की मर्यादा का पूरा ध्यान रखा है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में पक्ष और विपक्ष दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है और अच्छे सुझावों पर सरकार को अवश्य विचार करना चाहिए।


दो पुस्तकों का हुआ विमोचन

कार्यक्रम में देवनानी की पुस्तक “संसदीय संस्कृति का उत्कर्ष: नवाचारों के दो वर्ष” का विमोचन किया गया। इस पुस्तक में पिछले दो वर्षों के दौरान विधानसभा में किए गए नवाचारों और संसदीय परंपराओं की यात्रा को दर्ज किया गया है।

इसके साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन पर आधारित पुस्तक “सनातन का साधक” का भी लोकार्पण किया गया।


विधानसभा को डिजिटल बनाने पर जोर

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि विधानसभा को अधिक जीवंत, जनोन्मुख और पारदर्शी बनाने के लिए कई पहलें की गई हैं। उन्होंने बताया कि विधानसभा को डिजिटल और पेपरलेस बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि समितियों की बैठकों में डिजिटल हस्ताक्षर की व्यवस्था शुरू की गई है और प्रवेश पास प्रणाली को भी पेपरलेस बनाने की तैयारी चल रही है। भविष्य में विधानसभा में एआई तकनीक लाने पर भी विचार किया जा रहा है।


विधानसभा म्यूजियम और नई पहल

देवनानी ने बताया कि विधानसभा म्यूजियम को आम जनता के लिए खोल दिया गया है और अब तक करीब 50 हजार लोग इसे देख चुके हैं। म्यूजियम में संविधान के 22 अध्यायों को चित्रों के माध्यम से दर्शाने वाली संविधान गैलरी भी बनाई गई है।

इसके अलावा विधानसभा परिसर में कारगिल शौर्य वाटिका का निर्माण किया गया है और जल्द ही हर्बल वाटिका तथा नक्षत्र वाटिका भी विकसित की जाएंगी।


नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी रखे विचार

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि विधानसभा की परंपरा लगातार आगे बढ़ती रहती है। उन्होंने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी के योगदान को याद करते हुए कहा कि संस्थाओं का विकास एक निरंतर प्रक्रिया है और नए अध्यक्ष उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हैं।

उन्होंने विधानसभा को डिजिटल बनाने की पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे कागज की बचत होगी और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।


सेंट्रल हॉल बनाने की योजना

कार्यक्रम के दौरान विधानसभा में प्रस्तावित सेंट्रल हॉल का भी जिक्र किया गया। इस हॉल में पक्ष और विपक्ष के सदस्य अनौपचारिक संवाद कर सकेंगे। देवनानी ने बताया कि भविष्य में 280 विधायकों की बैठक क्षमता को ध्यान में रखते हुए नए हॉल के निर्माण की योजना बनाई जा रही है।