
राजस्थान: राजस्थान हाउसिंग बोर्ड ने अपनी जमीनों की सुरक्षा और अतिक्रमण पर प्रभावी रोक लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। बोर्ड ने प्रवर्तन शाखा (Enforcement Wing) के गठन का विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को मंजूरी के लिए भेज दिया है। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलते ही इसे लागू किया जाएगा।
प्रस्ताव के अनुसार प्रवर्तन शाखा में कुल 46 पद सृजित किए जाएंगे। इनमें 1 आरपीएस अधिकारी, 9 निरीक्षक/उपनिरीक्षक और 36 कांस्टेबल शामिल होंगे। इन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को पुलिस विभाग से डेपुटेशन पर लिया जाएगा, जिससे प्रवर्तन कार्रवाई को कानूनी और प्रशासनिक मजबूती मिल सके।
सूत्रों के मुताबिक, यदि सरकार से समय पर मंजूरी मिलती है तो अगले 2 से 3 महीनों के भीतर इस नई प्रवर्तन शाखा की तैनाती शुरू हो सकती है।
प्रवर्तन शाखा के गठन के बाद जयपुर शहर में हाउसिंग बोर्ड की विभिन्न योजनाओं और क्षेत्रों के अनुसार सर्किल वाइज तैनाती की जाएगी। इससे प्रत्येक क्षेत्र में निगरानी मजबूत होगी और अतिक्रमण की घटनाओं पर तुरंत कार्रवाई संभव हो सकेगी।
प्रस्ताव में महिला सुरक्षा और सहभागिता को भी ध्यान में रखा गया है। प्रवर्तन टीम में 4 महिला कांस्टेबलों को शामिल किया जाएगा और प्रत्येक टीम में कम से कम एक महिला कांस्टेबल की मौजूदगी अनिवार्य होगी।
जयपुर के प्रतापनगर, मानसरोवर, टोंक रोड, इंदिरा गांधी नगर, महलां और डिग्गी-मालपुरा रोड जैसे क्षेत्रों में हाउसिंग बोर्ड की बेशकीमती जमीनों पर लगातार अतिक्रमण की शिकायतें सामने आ रही हैं। कई जगहों पर अवैध कब्जे और निर्माण के कारण बोर्ड की संपत्तियों को नुकसान भी हो रहा है।
अब तक राजस्थान हाउसिंग बोर्ड को अतिक्रमण हटाने के लिए अन्य एजेंसियों जैसे जेडीए और नगर निगम पर निर्भर रहना पड़ता था। इससे कार्रवाई में देरी होती थी और कई मामलों में कब्जे हटाना मुश्किल हो जाता था।
प्रवर्तन शाखा बनने के बाद हाउसिंग बोर्ड को अपनी जमीनों पर सीधा नियंत्रण मिलेगा। अवैध कब्जों को तेजी से हटाया जा सकेगा और नई योजनाओं की जमीनों को सुरक्षित रखा जा सकेगा। इससे न केवल सरकारी संपत्ति की सुरक्षा होगी, बल्कि आम लोगों को भी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा।