राजस्थानियों के लिए देशभर में कैशलेस इलाज, 25 लाख तक का लाभ देशभर के 31 हजार अस्पतालों में राजस्थानियों का कैशलेस इलाज, 25 लाख तक का ट्रीटमेंट संभव
Thursday, 26 Mar 2026 02:30 am
Golden Hind News
राजस्थान के निवासी अब देशभर के 31,000 सरकारी और निजी अस्पतालों में 25 लाख रुपए तक का कैशलेस इलाज करा सकते हैं। यह सुविधा छोटी-मोटी सर्जरी से लेकर गंभीर बीमारियों के इलाज तक लागू है।
इस सुविधा के लिए केवल मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (MAA) योजना का कार्ड होना आवश्यक है। योजना में अब आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी लागू हो गई है, जिससे राजस्थान के मरीज दूसरे राज्यों में भी इलाज करा सकते हैं। शुरुआती तीन महीनों में ही एक हजार से अधिक मरीजों ने अन्य राज्यों में इलाज लिया है।
क्या है आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी?
- राजस्थान का मरीज दूसरे राज्य में जाकर इलाज कर सकता है।
- दूसरे राज्य का मरीज राजस्थान में इलाज कर सकता है (इनबाउंड पोर्टेबिलिटी)।
- 19 दिसंबर 2025 से पहले केवल राजस्थान के अस्पतालों में इलाज संभव था।
कैसे कराएं इलाज:
- जिस राज्य में हैं वहां के अस्पताल में MAA कार्ड दिखाएं।
- अस्पताल सॉफ्टवेयर कार्ड की वैलिडिटी चेक करेगा।
- राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी से अप्रूवल मिलने के बाद इलाज शुरू।
- इलाज की राशि राजस्थान में मिलने वाले पैकेज के समान होगी।
सबसे ज्यादा इलाज किन बीमारियों में लिया गया:
- PTCA: 118 मरीजों ने 1.24 करोड़ रुपए का इलाज लिया।
- क्रोनिक हीमोडायलिसिस: 136 बार डायलिसिस, 2.91 लाख रुपए का इलाज।
- गुर्दे की पथरी: 42 मरीज, 19.56 लाख रुपए।
- लैप्रोस्कोपिक सर्जरी: 46 केस, 14 लाख रुपए।
- सिजेरियन डिलीवरी: 41 महिलाएं, 5 लाख रुपए।
योजना की खास बातें:
- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) के साथ इंटीग्रेट।
- देशभर के 31,000 सरकारी और निजी अस्पतालों में लागू।
- राजस्थान निवासी लाभार्थियों को 25 लाख तक का इलाज, केंद्र योजना में केवल 5 लाख तक।
- पिछले 2 वर्षों में 37 लाख से अधिक लोग लाभान्वित, 7,500 करोड़ रुपए से ज्यादा का इलाज।
- पैकेज बढ़कर 2,179 और सूचीबद्ध अस्पताल बढ़कर 1,945।
निष्कर्ष:
अब राजस्थान के मरीज देशभर में किसी भी अधिकृत अस्पताल में बिना कैश के इलाज करवा सकते हैं। यह कदम प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा।