
राजस्थान में मौसम ने अचानक करवट ली है। मौसम विज्ञान केन्द्र, जयपुर ने 27 मार्च से 30 मार्च तक प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश और ओले गिरने का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने किसानों और आम नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है, खासकर उन इलाकों में जहां फसलें खुली में पड़ी हैं।
गुरुवार को कोटपूतली-बहरोड़ जिले के कई क्षेत्रों में हल्की बारिश दर्ज की गई। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, यह बारिश वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव के कारण हुई। जोधपुर, बीकानेर और जयपुर के आसपास मौसम में बदलाव देखा गया, जबकि बीकानेर, चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, फलोदी, झुंझुनूं, सीकर और नागौर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ ओले गिरने की संभावना रही।
तेज धूप के बाद दोपहर में अचानक आसमान में बादल छाए और कुछ स्थानों पर धूलभरी तेज हवा चली। बीकानेर, सीकर, गंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में बारिश के साथ गरज-चमक भी दर्ज की गई। हालांकि, बाड़मेर, कोटा, उदयपुर, जयपुर और दक्षिण-पूर्वी एवं पूर्वी जिलों में मौसम साफ रहा। कोटा जिले में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 38.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विज्ञान केंद्र ने किसानों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। यदि खेतों में कट चुकी फसलें या पक चुकी फसलें खुले में हैं, तो उन्हें किसी सुरक्षित कवर्ड एरिया में शिफ्ट करने की सलाह दी गई है। इससे बारिश और ओलों से फसलों को नुकसान होने से बचाया जा सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, 28 से 30 मार्च के बीच स्ट्रांग वेदर सिस्टम का प्रभाव पूरे राज्य में महसूस किया जाएगा। इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जगहों पर ओले गिरने की संभावना है। इसलिए सभी किसानों से अनुरोध किया गया है कि वे फसलों की सुरक्षा के लिए समय रहते तैयारी करें।
राजस्थान के निम्नलिखित जिले मौसम के बदलाव और बारिश से प्रभावित हो सकते हैं:
मौसम विभाग ने बताया कि बारिश और ओले गिरने का असर सभी क्षेत्रों में अलग-अलग समय पर होगा। इसलिए किसानों और आम नागरिकों को अपने घरों और खेतों के लिए सावधानीपूर्वक कदम उठाने की जरूरत है।
मौसम विशेषज्ञों ने आम जनता से भी आग्रह किया है कि वे तेज हवाओं और अचानक मौसम बदलने के दौरान सावधान रहें। सड़क यात्रा और खुले मैदानों में जाने से बचें। हल्की बारिश के दौरान विद्युत और पेड़-पौधों के पास खड़े होने से परहेज करें।
मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने कहा कि 28 से 30 मार्च तक स्ट्रांग वेदर सिस्टम पूरे राज्य में सक्रिय रहेगा। इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश के साथ ओले गिरने की संभावना बनी रहेगी। किसानों को फसल सुरक्षा के उपायों पर ध्यान देने की आवश्यकता है, जबकि आम नागरिकों को घर के आसपास सुरक्षित जगहों पर रहने की सलाह दी गई है।
राजस्थान में मौसम का यह बदलाव फसलों और जलवायु के संतुलन पर असर डाल सकता है। इसलिए सभी नागरिकों और किसानों से अनुरोध है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें और सुरक्षित रहें।