
राजस्थान के औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने गुरुवार को कोटपूतली-बहरोड़ स्थित रीको नीमराना औद्योगिक क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण किया और निवेश को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि उद्योग और निवेश किसी भी राज्य की आर्थिक समृद्धि के प्रमुख आधार होते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि उद्यमी राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और सरकार उनकी हर संभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है।
दौरे के दौरान मुख्य सचिव ने जापानीज जोन स्थित डाइकिन एयर-कंडीशनिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कंपनी की आधुनिक तकनीक, उत्पादन क्षमता और कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए उद्योगों को विकसित करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा लागू की गई ईज ऑफ डूइंग बिजनेस नीतियों के कारण राजस्थान में निवेश के अवसर बढ़े हैं। उन्होंने जापानी और भारतीय प्रतिनिधियों के साथ चर्चा करते हुए भविष्य में निवेश की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया।
नीमराना में आयोजित एक बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने औद्योगिक संघों और विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों से बातचीत की। उन्होंने उद्योगपतियों की समस्याओं, सुझावों और प्रस्तावों को सुना और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में एलपीजी, सीएनजी, पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है और इसकी निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। इससे उद्योगों के संचालन में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।
मुख्य सचिव ने कहा कि राजस्थान तेजी से एक प्रमुख औद्योगिक गंतव्य के रूप में उभर रहा है। उन्होंने बताया कि “नीमराना मॉडल ऑफ मैन्युफैक्चरिंग” राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और राजस्थान-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में यह एक मजबूत आधार बनेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा इस मॉडल को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। साथ ही, “मेक इन इंडिया” के तहत उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों के निर्माण को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नीमराना औद्योगिक क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को और बेहतर बनाया जाए। उन्होंने कहा कि उद्योगों से संबंधित सभी अनुमतियां समयबद्ध तरीके से प्रदान की जानी चाहिए, ताकि निवेशकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उन्होंने रोजगार सृजन और कौशल विकास के अवसरों को बढ़ाने पर भी जोर दिया। उनका मानना है कि उद्योगों के विकास के साथ-साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलना बेहद जरूरी है।
दौरे के दौरान मुख्य सचिव ने क्षेत्र की स्थानीय समस्याओं और विकास परियोजनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि रामजल सेतु लिंक परियोजना और रैपिड रेल ट्रांसपोर्ट जैसी योजनाएं क्षेत्र के विकास को नई दिशा देंगी।
इसके साथ ही उन्होंने “181 राजस्थान संपर्क” पोर्टल के माध्यम से आमजन की शिकायतों के त्वरित निस्तारण और डिजिटल सशक्तिकरण के प्रयासों की भी जानकारी दी।
नीमराना औद्योगिक क्षेत्र का यह दौरा राजस्थान के औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। सरकार की नीतियों और योजनाओं के माध्यम से राज्य को एक प्रमुख औद्योगिक हब बनाने का लक्ष्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
इस अवसर पर रीको की एमडी शिवांगी स्वर्णकार, जिला कलेक्टर प्रियंका गोस्वामी सहित कई अधिकारी और उद्योग प्रतिनिधि उपस्थित रहे। यह दौरा आने वाले समय में राजस्थान में निवेश और औद्योगिक विकास को नई गति देने में सहायक साबित हो सकता है।