फ्रॉड रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने के निर्देश जयपुर में ACS की बड़ी बैठक: योजनाओं की समीक्षा, AI से फ्रॉड रोकने के निर्देश
Saturday, 28 Mar 2026 02:30 am

Golden Hind News

Jaipur में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभागीय योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इस बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) Dinesh Kumar ने की।

अंबेडकर भवन स्थित मुख्यालय में आयोजित इस बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। ACS ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अन्य राज्यों के मॉडल का अध्ययन किया जाए और उनसे सीख लेकर सुधार किए जाएं।

उन्होंने यह भी कहा कि सभी योजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी के लिए मासिक रिपोर्ट तैयार की जाए। जिन योजनाओं की प्रगति 50 प्रतिशत से कम है, उन पर विशेष ध्यान देते हुए उनके प्रचार-प्रसार को बढ़ाया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थी इनका फायदा उठा सकें।

बैठक के दौरान एक महत्वपूर्ण निर्देश यह भी दिया गया कि सरकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की जालसाजी को रोकने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाए। ACS ने स्पष्ट रूप से कहा कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग बढ़ाया जाए।

इस बैठक में सामाजिक सुरक्षा पेंशन, पालनहार योजना, आयुष्मान बाल संबल योजना, अंतरजातीय विवाह योजना, मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना, आवासीय विद्यालय योजना, उत्तर मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना और कामकाजी महिला छात्रावास जैसी प्रमुख योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री की बजट घोषणाओं, विभागीय निर्देशों, कोर्ट केसों की स्थिति, पदोन्नति मामलों, ऑडिट पैराज और भारत सरकार से प्राप्त बजट आवंटन एवं उपयोगिता प्रमाण पत्र की भी समीक्षा की गई।

ACS ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सामाजिक कल्याण की योजनाएं तभी सफल मानी जाएंगी, जब उनका लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे।

बैठक में निदेशक आशीष मोदी ने पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी और उनकी वित्तीय एवं प्रशासनिक प्रगति से अधिकारियों को अवगत कराया।

इस अवसर पर विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिनमें वित्तीय सलाहकार, अतिरिक्त निदेशक और अन्य प्रशासनिक अधिकारी शामिल थे।

कुल मिलाकर, यह बैठक योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, पारदर्शिता और तकनीकी सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। AI तकनीक के उपयोग से जहां योजनाओं में होने वाली गड़बड़ियों पर अंकुश लगेगा, वहीं लाभार्थियों तक सेवाओं की पहुंच भी तेज और सटीक होगी।