
राजस्थान के राज्यपाल Haribhau Bagde ने कहा कि महिलाएं किसी भी चुनौती को पार कर सकती हैं और असंभव को भी संभव बना सकती हैं। उन्होंने महिलाओं के कौशल विकास और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए अधिक अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
राज्यपाल जयपुर में आयोजित कला संगम भगिनी फाउंडेशन के अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि महिलाएं अबला नहीं, बल्कि सबला हैं और समाज के हर क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में Savitribai Phule, Ahilyabai Holkar और Rani Lakshmibai के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन महान महिलाओं ने समाज सुधार, शिक्षा और वीरता के क्षेत्र में ऐतिहासिक योगदान दिया है।
उन्होंने बताया कि सावित्रीबाई फुले ने अपने पति ज्योतिराव फुले के साथ मिलकर पुणे में लड़कियों के लिए देश का पहला स्कूल खोला था, जबकि अहिल्याबाई होलकर ने सामाजिक उत्थान और सांस्कृतिक पुनर्जागरण में अहम भूमिका निभाई। वहीं, रानी लक्ष्मीबाई ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अद्वितीय साहस और वीरता का परिचय दिया।
राज्यपाल ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी कला और संस्कृति के संरक्षण में बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि महिलाओं के विकास, जीवन कौशल और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए मिलकर कार्य किया जाए।
उन्होंने कहा कि महिलाएं हर चुनौती का सामना बेहतर ढंग से करती हैं, इसलिए समाज में उनके लिए अवसरों का विस्तार करना बेहद जरूरी है। इससे न केवल महिलाओं का सशक्तिकरण होगा, बल्कि समाज का समग्र विकास भी संभव हो सकेगा।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने कला संगम फाउंडेशन द्वारा प्रकाशित पुस्तिका का विमोचन भी किया।