
वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जयपुर में राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग द्वारा विशेष सांस्कृतिक और साहित्यिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
23 मार्च से 30 मार्च तक चले ‘वंदे मातरम्@150’ विशेष चरण के तहत आयोजित इन कार्यक्रमों ने पूरे परिसर को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्व को स्मरण करना तथा कर्मचारियों और अधिकारियों में राष्ट्रीय भावना को और अधिक सशक्त बनाना था। कार्यक्रम के दौरान हिन्दी निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें अधिकारी और कर्मचारी—दो अलग-अलग वर्ग बनाए गए।
अधिकारी वर्ग में प्रहलाद कुमार मीणा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि अजीत सिंह द्वितीय स्थान पर रहे। वहीं कर्मचारी वर्ग में पूरणमल बुनकर और अक्षिता सोनी ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने राष्ट्रगीत की महत्ता, स्वतंत्रता संग्राम में इसकी भूमिका और वर्तमान समय में इसकी प्रासंगिकता पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसमें देशभक्ति गीत, प्रस्तुतियां और अन्य गतिविधियां शामिल थीं। इन कार्यक्रमों ने उपस्थित सभी लोगों में देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना को और अधिक प्रबल किया।
समापन समारोह के दौरान विभागाध्यक्ष हेम पुष्पा शर्मा ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हैं, बल्कि कर्मचारियों में एकता और देशभक्ति की भावना को भी मजबूत करते हैं।
यह आयोजन विभागीय स्तर पर राष्ट्रीय चेतना को जागृत करने और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।