
जोगाराम पटेल ने जोधपुर में आदर्श विद्या मंदिर झंवर का किया शुभारंभ, बोले—विद्या भारती राष्ट्र निर्माण और संस्कारों की पाठशाला
राजस्थान के संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने मंगलवार को जोधपुर जिले के ग्राम झंवर में आदर्श विद्या मंदिर के नव-निर्मित भवन का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में क्षेत्र के कई प्रमुख संत, शिक्षाविद् और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने भाग लिया और इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बने।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि किसी भी गांव में एक विद्यालय का निर्माण केवल शिक्षा का केंद्र स्थापित करना नहीं होता, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को संवारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होता है। उन्होंने कहा कि आदर्श विद्या मंदिर जैसे संस्थान केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहते, बल्कि बच्चों में नैतिक मूल्यों, संस्कारों और राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित करते हैं।
मंत्री पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि विद्या भारती के विद्यालयों की विशेषता यह है कि वे शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं को भी बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि “सा विद्या या विमुक्तये” के सिद्धांत पर चलने वाले ये विद्यालय विद्यार्थियों को न केवल शिक्षित बनाते हैं, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार और जागरूक नागरिक भी बनाते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि आज के डिजिटल युग में जहां आधुनिक तकनीक का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है, वहीं बच्चों को अपनी जड़ों से जुड़े रहना बेहद आवश्यक है। इस दिशा में विद्या भारती के विद्यालय महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की उपलब्धता बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब गांव का बच्चा शिक्षित होगा, तभी राज्य और देश का समग्र विकास संभव हो सकेगा।
उन्होंने झंवर में इस विद्यालय के शुभारंभ को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे आसपास के गांवों के बच्चों को बेहतर शिक्षा के अवसर मिलेंगे और उन्हें दूर शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
कार्यक्रम में उपस्थित गंगाविष्णु (प्रांत सचिव, विद्या भारती) ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल साक्षरता तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण और व्यक्तित्व विकास में भी सहायक होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि विद्या भारती का लक्ष्य ऐसे युवाओं को तैयार करना है जो आधुनिक विज्ञान और तकनीक में दक्ष होने के साथ-साथ अपने देश, समाज और संस्कृति के प्रति समर्पित हों।
इस अवसर पर जगदीश जी महाराज (रामनाम आश्रम पोपावास) ने भी अपने विचार व्यक्त किए और विद्यार्थियों को सदाचार और अनुशासन का पालन करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ आध्यात्मिक विकास भी आवश्यक है, जिससे जीवन में संतुलन बना रहता है।
कार्यक्रम में प्रबंध समिति के अध्यक्ष डॉ. निर्मल गहलोत, श्री आनंद सिंह सहित कई गणमान्य अतिथि मंचासीन रहे। ग्राम पंचायत झंवर के प्रशासक भंवरलाल पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे।
इस दौरान विद्यालय परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत, नृत्य और नाटक प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।
आदर्श विद्या मंदिर झंवर का शुभारंभ क्षेत्र के लिए एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। यह विद्यालय न केवल शिक्षा का केंद्र बनेगा, बल्कि यहां से निकलने वाले विद्यार्थी समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में भी योगदान देंगे।
विद्यालय में आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ पारंपरिक शिक्षा पद्धति को भी शामिल किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।
जोधपुर के झंवर गांव में आदर्श विद्या मंदिर का शुभारंभ शिक्षा और संस्कारों के समन्वय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मंत्री जोगाराम पटेल के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का आधार भी है।