प्रदेश में LPG-पेट्रोल की कमी नहीं, अफवाहों से दूर रहें: मुख्य सचिव राजस्थान में एलपीजी, पेट्रोल-डीजल और उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक, अफवाहों से बचें: मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास
Thursday, 02 Apr 2026 02:30 am

Golden Hind News

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार प्रदेश में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सचिवालय में की।

बैठक में एलपीजी, पेट्रोल, डीजल, उर्वरकों, वैकल्पिक ईंधन और पीएनजी कनेक्शन विस्तार जैसे अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्य सचिव ने बैठक में स्पष्ट किया कि प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल, डीजल और उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आमजन को किसी प्रकार की कमी की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि हाल के समय में कुछ भ्रामक अफवाहें फैल रही हैं, जिनसे लोगों में अनावश्यक घबराहट पैदा हो रही है। ऐसी अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करने की अपील की गई।

उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि आमजन को राहत देने के लिए अपनी जिम्मेदारियों का पूरी दक्षता से निर्वहन करें। साथ ही आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई चेन को सुचारू बनाए रखने के लिए सतत मॉनिटरिंग करने को कहा गया।


 कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर सख्ती

बैठक में मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि एलपीजी, पेट्रोल, डीजल और उर्वरकों के अवैध भंडारण, कालाबाजारी और डाइवर्जन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई को और प्रभावी बनाया जाए ताकि बाजार में कृत्रिम कमी पैदा करने वाले तत्वों पर रोक लगाई जा सके।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में लगातार निरीक्षण और छापेमारी के जरिए अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण किया जा रहा है। साथ ही बाजार में कीमतों की निगरानी भी लगातार की जा रही है ताकि किसी प्रकार की अनावश्यक मूल्य वृद्धि को रोका जा सके।


 शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश

मुख्य सचिव ने हेल्पलाइन नंबरों पर प्राप्त शिकायतों के त्वरित और प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी नागरिक को आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता में परेशानी न हो।

इसके अलावा उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर फैल रही भ्रामक खबरों पर नजर रखें और समय पर सही जानकारी साझा कर पैनिक की स्थिति बनने से रोकें।


प्रवासी राजस्थानियों और श्रमिकों पर विशेष ध्यान

बैठक में खाड़ी देशों में कार्यरत प्रवासी राजस्थानियों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने और उन्हें आवश्यक सहयोग देने के निर्देश भी दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए प्रवासियों की सुरक्षा और सहायता सुनिश्चित करना जरूरी है।

साथ ही प्रदेश में मौजूद प्रवासी श्रमिकों को भी किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए जिला स्तर पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।


 पीएनजी कनेक्शन विस्तार पर जोर

मुख्य सचिव ने पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन के विस्तार को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में पीएनजी पाइपलाइन उपलब्ध है, वहां अधिक से अधिक घरों और संस्थानों को पीएनजी कनेक्शन दिए जाएं।

बैठक में बताया गया कि इस दिशा में ऑयल और गैस मार्केटिंग कंपनियों द्वारा सक्रिय रूप से कार्य किया जा रहा है। औद्योगिक संगठनों के साथ भी बैठकें कर पीएनजी कनेक्शन विस्तार को गति दी जा रही है।

इसके साथ ही यह भी जानकारी दी गई कि जिन उपभोक्ताओं के पास पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध है, उन्हें एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति बंद कर दी गई है। वहीं व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए पीएनजी कनेक्शन लेना अनिवार्य किया गया है, जहां पाइपलाइन उपलब्ध है।


 गोबरधन योजना और बायोगैस को बढ़ावा

बैठक में गोबरधन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के 24 जिलों में इस योजना को सफलतापूर्वक लागू किया जा रहा है और शेष जिलों में भी तेजी से काम चल रहा है।

मुख्य सचिव ने बायोगैस प्लांट्स को बढ़ावा देने के निर्देश दिए ताकि वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों का उपयोग बढ़ाया जा सके और पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम हो।


 उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि प्रदेश में किसानों के लिए यूरिया, डीएपी सहित सभी प्रकार के उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। किसानों को किसी प्रकार की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

साथ ही बायो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार प्रयास कर रही है ताकि कृषि क्षेत्र में टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को प्रोत्साहित किया जा सके।


 इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा

बैठक में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में 591 नए ईवी चार्जिंग पॉइंट स्थापित किए जाएंगे।

इसके अलावा इलेक्ट्रिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट बसों की शुरुआत के लिए भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे प्रदूषण कम करने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।


 अक्षय ऊर्जा में बड़ा लक्ष्य

ऊर्जा विभाग ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत प्रदेश में 10,000 मेगावाट क्षमता के अक्षय ऊर्जा प्रोजेक्ट्स को स्वीकृति दी जा चुकी है। इससे आने वाले समय में ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।


 निष्कर्ष

कुल मिलाकर, इस उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेश में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, आपूर्ति व्यवस्था और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को लेकर व्यापक समीक्षा की गई। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी प्रकार की कमी नहीं है और अफवाहों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है।

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि आमजन को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई निर्बाध रूप से जारी रहे। वहीं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों के अनुसार प्रदेश में पारदर्शिता, मॉनिटरिंग और सख्त कार्रवाई के जरिए व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।

सरकार का स्पष्ट संदेश है—प्रदेश में सब कुछ पर्याप्त है, अफवाहों से दूर रहें और प्रशासन के साथ सहयोग बनाए रखें।