रामजल सेतु परियोजना पर सीएम सख्त, तेजी से काम के निर्देश रामजल सेतु लिंक परियोजना को मिलेगी रफ्तार, सीएम भजनलाल शर्मा ने दिए मिशन मोड में काम के निर्देश
Thursday, 02 Apr 2026 02:30 am

Golden Hind News

 राजस्थान में जल आपूर्ति को सुदृढ़ करने और दीर्घकालिक समाधान सुनिश्चित करने की दिशा में रामजल सेतु लिंक परियोजना को लेकर राज्य सरकार ने बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में परियोजना की प्रगति, तकनीकी पहलुओं और वित्तीय व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह परियोजना प्रदेश में जल संकट के समाधान के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इसके कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


 डीपीआर का तकनीकी परीक्षण पूरा

बैठक में जानकारी दी गई कि केन्द्रीय जल आयोग द्वारा रामजल सेतु लिंक परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) का तकनीकी परीक्षण पूरा कर लिया गया है। यह परियोजना संशोधित पार्बती-कालीसिंध-चम्बल लिंक परियोजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य विभिन्न जल स्रोतों को जोड़कर प्रदेश में जल उपलब्धता बढ़ाना है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना के वित्त पोषण के लिए पीआईबी नोट को जल्द अंतिम रूप दिया जाए और केंद्र सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त की जाएं।


 मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने परियोजना के विभिन्न घटकों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी कार्य मिशन मोड में पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि परियोजना के तहत लंबित कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करना अनिवार्य है।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और हर स्तर पर पारदर्शिता बनाए रखी जाए। इसके लिए मंत्री और मुख्यमंत्री स्तर पर नियमित समीक्षा बैठक आयोजित करने तथा मासिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।


 परियोजना के प्रमुख कार्यों की समीक्षा

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने परियोजना के विभिन्न प्रमुख कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने बीसलपुर से मोर सागर (अजमेर), ईसरदा से बंध बारैठा (भरतपुर), ईसरदा से रामगढ़ (जयपुर), खुरा चैनपुरा से जयसमंद (अलवर) और ब्राह्मणी बैराज जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।

अधिकारियों ने बताया कि नवनेरा बैराज और ईसरदा बांध का कार्य पूरा हो चुका है। इसके अलावा रामगढ़ बैराज और महलपुर बैराज से संबंधित कई कार्य भी पूर्ण किए जा चुके हैं।

इसके साथ ही विभिन्न फीडर निर्माण कार्यों और एक्वाडक्ट परियोजनाओं की प्रगति के बारे में भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया।


 आमजन को मिलेगा सीधा लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इससे न केवल शहरी बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों को भी बड़ा लाभ मिलेगा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना के माध्यम से जल्द से जल्द पेयजल आपूर्ति शुरू की जाए ताकि आमजन को इसका लाभ मिल सके।


 प्रभावितों के मुआवजे पर भी ध्यान

परियोजना से प्रभावित लोगों के मुआवजे के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को समय पर और उचित मुआवजा मिलना चाहिए, ताकि किसी प्रकार की असंतुष्टि न हो।


 समन्वय और निगरानी पर जोर

बैठक में यह भी तय किया गया कि परियोजना के सभी कार्यों का सघन पर्यवेक्षण किया जाएगा और विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा।

इस दौरान जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


 निष्कर्ष

कुल मिलाकर, रामजल सेतु लिंक परियोजना राजस्थान के लिए एक गेमचेंजर साबित हो सकती है। भजनलाल शर्मा द्वारा दिए गए निर्देशों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार इस परियोजना को प्राथमिकता दे रही है और इसे जल्द से जल्द पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

यदि यह परियोजना समय पर पूरी होती है, तो यह प्रदेश में जल संकट को काफी हद तक कम कर सकती है और लाखों लोगों को राहत पहुंचा सकती है। यह परियोजना राजस्थान के जल प्रबंधन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी।