
राजधानी जयपुर में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब राजस्थान विधानसभा, राजस्थान हाईकोर्ट और सेशन कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिला।
विधानसभा सचिवालय को सुबह करीब 11:10 बजे प्राप्त ईमेल में दावा किया गया कि 3 घंटे के भीतर भवन को आरडीएक्स से उड़ा दिया जाएगा।
धमकी के बाद तुरंत एक्शन लेते हुए पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड को मौके पर भेजा गया।
करीब ढाई घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान:
हालांकि, किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, जिससे यह मामला फिलहाल फर्जी धमकी (होक्स) की आशंका की ओर इशारा करता है।
इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी विधानसभा पहुंचे थे, लेकिन सुरक्षा कारणों से चल रहे सर्च ऑपरेशन के चलते उन्हें वापस लौटना पड़ा।
धमकी केवल विधानसभा तक सीमित नहीं रही।
हाईकोर्ट परिसर में भी वकीलों और कर्मचारियों को बाहर निकालकर तलाशी ली गई, लेकिन यहां भी कुछ संदिग्ध नहीं मिला।
गौरतलब है कि राजस्थान हाईकोर्ट को इससे पहले भी फरवरी और मार्च में कई बार बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं।
हालांकि, अब तक इन मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
इसी बीच बीकानेर के अदालत परिसर को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली।
ईमेल में विवादित आरोप लगाते हुए चेतावनी दी गई थी कि तय समय पर विस्फोट किया जाएगा।
यहां भी पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए परिसर खाली कराया और सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई।
पुलिस का कहना है कि सभी ईमेल की गंभीरता से जांच की जा रही है और साइबर स्तर पर भी ट्रैकिंग की जा रही है।
साथ ही आमजन से अपील की गई है कि वे घबराएं नहीं, बल्कि सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।
जयपुर में लगातार मिल रही बम धमकियां सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनती जा रही हैं। हालांकि हर बार सर्च में कुछ नहीं मिल रहा, लेकिन ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी गई है।
यह घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता को भी दर्शाती हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की धमकियों से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके।