जयपुर में 40 लाख के मोबाइल बरामद डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण की अगुवाई में जयपुर पुलिस की बड़ी सफलता, 212 मोबाइल रिकवर, 23 साइबर अपराधी गिरफ्तार
Wednesday, 06 May 2026 02:30 am

Golden Hind News

जयपुर में साइबर अपराध और मोबाइल चोरी के खिलाफ एक बड़ी और प्रभावी कार्रवाई सामने आई है। Jaipur Police की वेस्ट जिला टीम ने डीसीपी वेस्ट Prashant Kiran के नेतृत्व में ‘म्यूल हंटर’ और अन्य तकनीकी अभियानों के तहत उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई ने न केवल शहर में सक्रिय साइबर अपराधियों के नेटवर्क को झटका दिया है, बल्कि आम नागरिकों को भी बड़ी राहत पहुंचाई है।

इस विशेष अभियान के तहत पुलिस ने करीब ₹40 लाख की कीमत के 212 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। ये सभी मोबाइल फोन जयपुर शहर के विभिन्न इलाकों से गुम या चोरी हुए थे। पुलिस ने इन मोबाइल्स को ढूंढने के लिए आधुनिक तकनीकी साधनों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का सहारा लिया। विशेष रूप से CEIR Portal (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) का उपयोग कर मोबाइल फोन को ट्रैक किया गया। इस पोर्टल की मदद से चोरी या गुम हुए मोबाइल को ब्लॉक और ट्रेस किया जा सकता है, जिससे उन्हें वापस प्राप्त करने की संभावना बढ़ जाती है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बरामद किए गए मोबाइल फोन को अब उनके वास्तविक मालिकों को लौटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह कदम उन लोगों के लिए बड़ी राहत है, जिन्होंने अपने महंगे मोबाइल फोन खो दिए थे और उनकी वापसी की उम्मीद लगभग खत्म हो चुकी थी।

इस पूरे ऑपरेशन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा ‘म्यूल हंटर अभियान’ रहा। इस अभियान के तहत Rajasthan Police की टीम ने साइबर अपराध से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया और 23 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। ये अपराधी फर्जी बैंक खातों, जिन्हें ‘म्यूल अकाउंट’ कहा जाता है, के जरिए बड़े पैमाने पर ऑनलाइन धोखाधड़ी कर रहे थे। ये खाते आमतौर पर ऐसे लोगों के नाम पर खोले जाते हैं, जिन्हें इसकी पूरी जानकारी नहीं होती या फिर मामूली लालच देकर उनके दस्तावेजों का दुरुपयोग किया जाता है।

जांच में सामने आया कि ये आरोपी विभिन्न प्रकार के साइबर फ्रॉड जैसे फिशिंग, ओटीपी फ्रॉड, ऑनलाइन शॉपिंग स्कैम और निवेश के नाम पर ठगी जैसे मामलों में संलिप्त थे। इन फर्जी खातों के माध्यम से करोड़ों रुपये का लेन-देन किया जा रहा था, जिससे आम जनता को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था।

पुलिस ने इस मामले में केवल गिरफ्तारी तक ही सीमित नहीं रखा, बल्कि वित्तीय कार्रवाई भी की। जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच पुलिस ने अपराधियों के खातों में ₹3.90 करोड़ की राशि होल्ड करवाई। इसके अलावा, त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग ₹1.34 करोड़ की राशि पीड़ितों को वापस रिफंड करवाई गई। यह उपलब्धि साइबर क्राइम से निपटने में पुलिस की सक्रियता और तकनीकी दक्षता को दर्शाती है।

डीसीपी प्रशांत किरण ने इस सफलता का श्रेय पुलिस टीम की मेहनत, आधुनिक तकनीक के उपयोग और नागरिकों के सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध एक तेजी से बढ़ती चुनौती है, लेकिन सही रणनीति और सतर्कता से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक से सावधान रहें और अपनी निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।

साथ ही, पुलिस ने नागरिकों को महत्वपूर्ण सुरक्षा सलाह भी दी है। यदि किसी का मोबाइल फोन गुम हो जाता है या चोरी हो जाता है, तो तुरंत CEIR Portal पर जाकर उसकी रिपोर्ट दर्ज करानी चाहिए। इससे मोबाइल को ब्लॉक किया जा सकता है और उसे ट्रैक करने में मदद मिलती है। इसके अलावा, यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो उसे तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए। समय पर शिकायत दर्ज कराने से पैसे को वापस पाने की संभावना बढ़ जाती है।

यह पूरी कार्रवाई पुलिस मुख्यालय द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियानों का हिस्सा है, जिनका उद्देश्य राज्य में साइबर अपराधों पर लगाम लगाना और चोरी हुए कीमती सामान को उनके असली मालिकों तक पहुंचाना है। हाल ही में राज्य स्तर पर भी इसी तरह के अभियानों में बड़ी सफलता मिली है, जहां सैकड़ों मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं और कई साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल युग में जहां एक ओर तकनीक ने जीवन को आसान बनाया है, वहीं दूसरी ओर साइबर अपराधों के नए-नए तरीके भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में पुलिस और आम नागरिकों के बीच सहयोग बेहद जरूरी हो जाता है। जागरूकता और सतर्कता ही इस प्रकार के अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

जयपुर पुलिस की यह कार्रवाई न केवल अपराधियों के लिए एक सख्त संदेश है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में भी इस तरह के अभियानों के जरिए साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।

कुल मिलाकर, जयपुर वेस्ट पुलिस की यह सफलता शहर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल अपराधियों के हौसले पस्त होंगे, बल्कि आम जनता में भी विश्वास बढ़ेगा कि उनकी सुरक्षा और संपत्ति की रक्षा के लिए पुलिस हर संभव प्रयास कर रही है।