
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान जल जीवन मिशन योजना के तहत करोड़ों रुपए का घोटाला हुआ। चहेती कंपनियों को मनमाने तरीके से करोड़ों रुपए के टेंडर दे दिए गए थे और जो कंपनियां फर्जी थी उन्हें भी टेंडर जारी करते हुए करोड़ों रुपए का एडवांस भुगतान भी कर दिया गया था। सितंबर 2023 में पहली बार यह घोटाला सामने आया जब ACB ने कुछ दलालों और जलदाय विभाग के अधिकारियों को रिश्वत लेते देते ट्रेप किया था।
पूर्व मंत्री डॉ. महेश जोशी को अप्रैल 2025 में प्रवर्तन निदेशालय ने जल जीवन मिशन घोटाले में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के दौरान उनकी पत्नी की तबियत खराब थी और फिर उनका निधन भी हो गया। पत्नी के निधन के दौरान उन्हें 4 दिन की अंतरिम जमानत मिली और वे जेल से बाहर आए थे लेकिन बाद में फिर उन्हें जेल भेजा गया था। करीब 7 महीने जेल में रहने के बाद सुप्रीम कोर्ट से उन्हें राहत मिली थी। दिसंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट से डॉ. जोशी को जमानत मिली जिसके बाद वे जेल से बाहर आए थे। अब चार महीने बाद ACB ने उन्हें गिरफ्तार किया है। महेश जोशी ने कहा- मैं निर्दोष हूं, मेरी कोई गलती नहीं। सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं। यदि मैं खुद को निर्दोष साबित नहीं कर सका तो कुछ ऐसा करूंगा कि किसी को मुझसे कोई शिकायत नहीं होगी।