
राजस्थान के ऐतिहासिक शहर अजमेर की पहचान माने जाने वाले तारागढ़ किले का अब व्यापक विकास होने जा रहा है। आजादी के बाद पहली बार इस ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण और आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए बड़ी कार्ययोजना तैयार की जा रही है। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने शुक्रवार को जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तारागढ़ क्षेत्र का दौरा कर प्रस्तावित विकास कार्यों का अवलोकन किया और अधिकारियों को शीघ्र कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
राज्य सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 20 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है। परियोजना के तहत तारागढ़ किले, परकोटे, संपर्क मार्ग, ऐतिहासिक भवनों और चौहान शासकों से जुड़ी धरोहरों का संरक्षण और विकास किया जाएगा। साथ ही आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के माध्यम से इस क्षेत्र को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाने की तैयारी की जा रही है।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि तारागढ़ केवल एक किला नहीं बल्कि सम्राट पृथ्वीराज चौहान की वीरता, स्वाभिमान और गौरवशाली इतिहास का प्रतीक है। इस धरोहर को उसी ऐतिहासिक गरिमा के अनुरूप विकसित किया जाएगा ताकि आने वाली पीढ़ियां अपने गौरवशाली इतिहास से जुड़ सकें।
उन्होंने कहा कि अजमेर का इतिहास चौहान वंश की शौर्यगाथाओं से जुड़ा हुआ है और तारागढ़ इस विरासत का सबसे महत्वपूर्ण प्रतीक है। इसलिए यहां विकास कार्य केवल पर्यटन तक सीमित नहीं होंगे बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
समुद्र तल से लगभग 870 फीट की ऊंचाई पर स्थित तारागढ़ किले और आसपास के पहाड़ी क्षेत्र के लिए पहली बार समग्र विकास योजना तैयार की जा रही है। इस योजना के तहत क्षेत्र के सर्वे के आधार पर वैज्ञानिक और व्यवस्थित तरीके से विकास कार्य किए जाएंगे।
अधिकारियों ने बताया कि विकास योजना में ऐतिहासिक संरचनाओं के संरक्षण के साथ पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और अजमेर का पर्यटन उद्योग भी मजबूत होगा।
तारागढ़ विकास योजना के तहत कई आधुनिक पर्यटन सुविधाओं को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ ने बताया कि परियोजना में म्यूजियम, पार्क, पार्किंग, कैफे और अन्य पर्यटन सुविधाओं के विकास के प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं।
इसके अलावा अजमेर और सम्राट पृथ्वीराज चौहान के इतिहास पर आधारित डॉक्यूमेंट्री, लेजर शो और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की भी योजना बनाई जा रही है। आधुनिक तकनीक के माध्यम से पर्यटकों को ऐतिहासिक अनुभव देने की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह परियोजना सफलतापूर्वक पूरी होती है तो तारागढ़ राजस्थान के प्रमुख हेरिटेज टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में उभर सकता है।
विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तारागढ़ क्षेत्र में मौजूद प्राचीन शिलालेखों, ऐतिहासिक अवशेषों और चौहान शासकों से जुड़ी धरोहरों को सुरक्षित रखने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।
उन्होंने कहा कि अजयराज सहित अन्य चौहान शासकों के इतिहास को खोजकर आमजन तक पहुंचाना जरूरी है। इसके लिए इतिहासकारों और पुरातत्व विशेषज्ञों की मदद भी ली जाएगी ताकि सही ऐतिहासिक तथ्यों का संरक्षण हो सके।
परियोजना के तहत तारागढ़ किले तक पहुंचने वाले संपर्क मार्गों को बेहतर बनाया जाएगा। इसके अलावा पुराने परकोटे और जर्जर संरचनाओं की मरम्मत कर उन्हें सुरक्षित किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में कई स्थानों पर सड़क और आधारभूत सुविधाओं की कमी के कारण पर्यटकों को परेशानी होती है। विकास योजना के बाद यहां पर्यटकों को बेहतर पहुंच, सुरक्षित मार्ग और सुविधाजनक वातावरण मिलेगा।
जिला कलक्टर लोकबंधु ने कहा कि इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद तारागढ़ क्षेत्र अजमेर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में नई पहचान बनाएगा। इससे स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग, हस्तशिल्प और पर्यटन गतिविधियों को बड़ा लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि पर्यटन के बढ़ने से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। स्थानीय गाइड, कैफे, होटल और परिवहन सेवाओं से जुड़े लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
तारागढ़ किला पहले से ही अजमेर की ऐतिहासिक पहचान माना जाता है, लेकिन लंबे समय से यहां बड़े स्तर पर संरक्षण और विकास कार्य नहीं हो पाए थे। अब राज्य सरकार की इस योजना से उम्मीद जताई जा रही है कि तारागढ़ देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र बनेगा।
परियोजना के तहत आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक विरासत को भी संरक्षित रखा जाएगा ताकि किले की मूल पहचान बरकरार रहे।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अगरवाला, अजमेर विकास प्राधिकरण आयुक्त नित्या के., सचिव अनिल पूनिया, तहसीलदार ओम सिंह लखावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने क्षेत्र का विस्तृत अवलोकन कर संभावित विकास कार्यों और सुविधाओं पर चर्चा की। विधानसभा अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि परियोजना की विस्तृत कार्ययोजना जल्द तैयार कर समयबद्ध तरीके से कार्य शुरू किए जाएं।
विशेषज्ञों का मानना है कि तारागढ़ विकास परियोजना केवल पर्यटन योजना नहीं बल्कि राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने का बड़ा प्रयास है। यदि योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया गया तो यह परियोजना आने वाले वर्षों में राजस्थान की सबसे महत्वपूर्ण हेरिटेज परियोजनाओं में शामिल हो सकती है।
अजमेर के लोगों में भी इस परियोजना को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि तारागढ़ किले के विकास से शहर की ऐतिहासिक पहचान को नई मजबूती मिलेगी और पर्यटन के क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी।