सांसद हनुमान बेनीवाल के सीएम भजनलाल शर्मा पर दिए गए विवादास्पद बयान से हुआ बड़ा विवाद ! भैराणा धाम महापंचायत में हनुमान बेनीवाल के बिगड़े बोल, CM भजनलाल शर्मा और IAS शिखर अग्रवाल पर निजी टिप्पणी से विवाद
Friday, 29 May 2026 00:00 am

Golden Hind News

जयपुर: नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल एक बार फिर अपने विवादित बयानों को लेकर चर्चा में आ गए हैं। बुधवार को जयपुर जिले के भैराणा धाम में आयोजित महापंचायत के दौरान बेनीवाल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, राजस्थान सरकार के मंत्रियों और वरिष्ठ IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल पर तीखी एवं व्यक्तिगत टिप्पणियां कीं। उनके बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।

दरअसल, भैराणा धाम क्षेत्र में रीको का एक प्रोजेक्ट प्रस्तावित है, जिसका कुछ साधु-संत लगातार विरोध कर रहे हैं। प्रशासन और संतों के बीच दो दौर की बातचीत के बावजूद सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद 27 मई को हनुमान बेनीवाल के नेतृत्व में महापंचायत आयोजित की गई।

महापंचायत को संबोधित करते हुए बेनीवाल ने राजस्थान सरकार के मंत्रियों पर निशाना साधते हुए उन्हें “मूर्ख” करार दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को लेकर भी विवादित टिप्पणी करते हुए “मूर्खों का सरदार” और “मूर्खाधिराज” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

इतना ही नहीं, बेनीवाल ने रीको के चेयरमैन एवं वरिष्ठ IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल पर भी व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए उन्हें “चरित्रहीन” तक कह दिया। सार्वजनिक मंच से दिए गए इन बयानों को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हनुमान बेनीवाल अक्सर अपने आक्रामक और विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं। इससे पहले भी वे कई नेताओं और अधिकारियों के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग कर चुके हैं। हालांकि इस बार मुख्यमंत्री और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी पर की गई व्यक्तिगत टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक आलोचना हो रही है।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बेनीवाल की राजनीति का बड़ा हिस्सा आक्रामक शैली और जनसभाओं में तीखे बयानों पर आधारित रहा है। वहीं दूसरी ओर कई लोग मानते हैं कि इस तरह की बयानबाजी अल्पकालिक चर्चा तो दिला सकती है, लेकिन लंबे समय में राजनीतिक छवि को नुकसान भी पहुंचा सकती है।

भैराणा धाम महापंचायत में बेनीवाल ने साधु-संतों की मांगों को लेकर प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश की और आंदोलन को समर्थन दिया, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा उनके विवादित बयानों की ही हो रही है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या इस तरह की बयानबाजी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है या फिर यह उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचा रही है।

फिलहाल हनुमान बेनीवाल के बयान को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है और आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और तेज होने की संभावना है।