
जयपुर, उपमुख्यमंत्री एवं परिवहन तथा सड़क सुरक्षा मंत्री Prem Chand Bairwa ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकना और मानव जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को सड़क सुरक्षा को जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने और दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।
शासन सचिवालय में आयोजित स्टेट रोड सेफ्टी काउंसिल की 22वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए डॉ. बैरवा ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, घायलों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समयबद्ध कार्रवाई करने को कहा।
बैठक में 21वीं बैठक में लिए गए निर्णयों की समीक्षा की गई तथा सड़क सुरक्षा गतिविधियों, प्रधानमंत्री राहत योजना की प्रगति और राज्य की 10 वर्षीय सड़क सुरक्षा कार्ययोजना के क्रियान्वयन पर चर्चा हुई। उपमुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा नियमावली में आवश्यक संशोधन करने तथा दुर्घटना पीड़ितों को सहायता राशि स्वीकृत करने में देरी नहीं करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सड़क सुरक्षा मित्रों को प्रोत्साहन राशि और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने, भारी वाहन चालकों के लाइसेंस नवीनीकरण के दौरान प्रशिक्षण देने तथा स्कूलों और कॉलेजों में सड़क सुरक्षा शिक्षा को प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
बैठक में राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर स्कूलों, अस्पतालों और आबादी क्षेत्रों के आसपास आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने, यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई करने और बसों एवं ट्रकों की फिटनेस जांच को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए।
डॉ. बैरवा ने मुख्यमंत्री आयुष्मान जीवन रक्षा योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर देते हुए बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने वाले “गुड सेमेरिटन” को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि 5 हजार रुपये से बढ़ाकर 10 हजार रुपये कर दी गई है। उन्होंने बताया कि अब तक राज्य में 340 गुड सेमेरिटन सम्मानित किए जा चुके हैं।
बैठक में सड़क सुरक्षा अभियान, इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) की प्रगति और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए विभिन्न विभागों के समन्वय पर भी विस्तृत चर्चा की गई