
अशोक गहलोत ने कहा कि प्रसूताओं की बिगड़ती तबीयत और किडनी फेलियर जैसी स्थिति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने इसे स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील मामला बताते हुए राज्य सरकार से राजनीति से ऊपर उठकर इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार को पूरे मामले में पूरी गंभीरता के साथ सख्त कदम उठाने चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने यह भी कहा कि हमारी बेटियों-बहनों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गहलोत के इस बयान के बाद जोधपुर में प्रसूताओं के संक्रमण का मामला एक बार फिर राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। विपक्ष सरकार से जवाबदेही तय करने और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहा है।