
पूर्वी राजस्थान के 20 साल पुराने पांचना बांध जल विवाद को लेकर मंगलवार देर रात शिक्षा संकुल के माधव सभागार में हुई उच्च स्तरीय बैठक में सहमति बन गई है. दोनों ही पक्षों ने सहमति पत्र पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. मंत्री किरोड़ी लाल मीणा, जवाहर सिंह बेढम और सुरेश सिंह रावत ने दोनों पक्षों के किसान प्रतिनिधियों से वार्ता कर मामले पर सहमति बनाई और मामले को सुलझाया. जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि इसके लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को धन्यवाद, जिन्होंने इस 20 साल पुराने पांचना बांध के पानी के विवाद का समाधान निकाला.
बैठक के बाद दोनों पक्षों ने भी समाधान की दिशा में सरकार के प्रयासों का स्वागत किया
पिछले कई वर्षों से इस विवाद को लेकर किसानों और स्थानीय लोगों में असंतोष बना हुआ था। कई बार आंदोलन और धरने भी हुए, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकल पाया था। अब सरकार की पहल के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि जल वितरण आपसी सहमति और तय व्यवस्था के अनुसार किया जाएगा, जिससे भविष्य में इस तरह के विवादों से बचा जा सके। बैठक के बाद दोनों पक्षों ने भी समाधान की दिशा में सरकार के प्रयासों का स्वागत किया।
मामला लंबे समय से अदालतों और धरने-प्रदर्शनों के बीच फंसा हुआ था
पांचना बांध का जल विवाद मुख्य रूप से बांध के कमांड एरिया और पानी के बंटवारे को लेकर था. गुर्जर और मीणा समाज के बीच दशकों से इस बात पर मतभेद थे कि बांध का पानी किन क्षेत्रों और किन-किन गांवों की सिंचाई के लिए उपयोग में लाया जाए. यह मामला लंबे समय से अदालतों और धरने-प्रदर्शनों के बीच फंसा हुआ था. कोर्ट के फैसलों और आपसी अविश्वास के कारण किसान लगातार संघर्ष कर रहे थे. अब सरकार की मध्यस्थता से बने फॉर्मूले ने न केवल पानी के वितरण का रास्ता साफ किया है बल्कि दोनों समुदायों के बीच भाईचारे की नई मिसाल भी कायम की है.