जयपुर में लोकमंथन-2026 का कर्टन रेजर कार्यक्रम आयोजित मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को बताया देश की पहचान।
Thursday, 02 Jul 2026 02:30 am

Golden Hind News

लोकमंथन-2026 का राजस्थान में आगाज, सीएम भजनलाल शर्मा बोले- संस्कृति और विचारों का बनेगा वैश्विक मंच

जयपुर: राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और भारतीय सभ्यता के वैश्विक संवाद को नई दिशा देने वाले लोकमंथन-2026 का कर्टन रेजर कार्यक्रम बुधवार को जयपुर के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान शक्ति, भक्ति, विचार, वीरता, संस्कृति और लोक परंपराओं की धरती है तथा यहां लोकमंथन का आयोजन पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2016 में "उपनिवेशवाद से मुक्ति" विषय के साथ शुरू हुई लोकमंथन की यात्रा अब अपने पांचवें संस्करण में "हम भारत के लोग" की थीम के साथ भारतीय सांस्कृतिक चेतना को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्र सर्वोपरि की भावना से प्रेरित विचारकों, शिक्षाविदों, नीति निर्माताओं, कलाकारों, कारीगरों और युवाओं को एक मंच पर लाने का सशक्त माध्यम है।

राजस्थान की संस्कृति को मिलेगा वैश्विक मंच

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार लोकमंथन में विश्वभर से भारतीय संस्कृति के प्रतिनिधि भाग लेंगे। इससे राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह आयोजन भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं और वैचारिक विरासत को दुनिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लोकमंथन-2026 के सफल आयोजन के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी ताकि राजस्थान राष्ट्रीय और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में और अधिक प्रतिष्ठित हो सके।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने राजनीति को राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनाया है। उनके प्रत्येक निर्णय और योजना के केंद्र में भारत, भारत की जनता और देश का भविष्य है।

उन्होंने कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत, वोकल फॉर लोकल, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियान भारत की सांस्कृतिक शक्ति और बौद्धिक क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। वहीं अयोध्या का राम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल लोक और सोमनाथ मंदिर जैसे प्रकल्प सांस्कृतिक पुनर्जागरण के प्रतीक हैं।

गजेन्द्र सिंह शेखावत बोले- भविष्य निर्माण का माध्यम है लोकमंथन

कार्यक्रम में केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि भारत का सांस्कृतिक इतिहास विश्व में सबसे प्राचीन है और लोकमंथन भारतीयों को अपनी जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच है।

उन्होंने कहा कि "हम भारत के लोग" केवल इस आयोजन की थीम नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की सामूहिक भावना और भविष्य का संकल्प है। उनके अनुसार लोकमंथन अतीत की चर्चा भर नहीं बल्कि भविष्य के भारत के निर्माण का माध्यम है।

जे. नंद कुमार ने बताया लोकमंथन का उद्देश्य

प्रज्ञा प्रवाह समिति के संयोजक जे. नंद कुमार ने कहा कि लोकमंथन समाज के प्रत्येक वर्ग को एक मंच पर लाकर भारतीय जीवन मूल्यों पर संवाद स्थापित करता है। उन्होंने कहा कि संवाद का उद्देश्य केवल विचार साझा करना नहीं बल्कि समाज की भलाई के लिए सामूहिक संकल्प लेना भी है।

उन्होंने बताया कि 2016 में भोपाल से शुरू हुई लोकमंथन की यात्रा अब राजस्थान पहुंची है, जो देश का सबसे अधिक सांस्कृतिक विविधता वाला राज्य माना जाता है। ऐसे में यहां आयोजित होने वाला पांचवां संस्करण नए आयाम स्थापित करेगा।

वेबसाइट लॉन्च और पुस्तक का विमोचन

कार्यक्रम के दौरान लोकमंथन-2026 की आधिकारिक वेबसाइट का लोकार्पण किया गया। साथ ही जे. नंद कुमार द्वारा लिखित पुस्तक "फोक से परे लोक" का विमोचन भी किया गया। राजस्थान के लोक कलाकारों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम को और आकर्षक बनाया।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र संघ चालक डॉ. रमेश चन्द्र अग्रवाल, पद्मश्री अलगोजा वादक तगाराम भील, ध्रुपद गायिका डॉ. मधु भट्ट तैलंग सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और आमजन उपस्थित रहे।