भुसावर कृषि महाविद्यालय में नए भवनों का लोकार्पण भुसावर कृषि महाविद्यालय को मिली नई सौगात, राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने किया नए भवनों का लोकार्पण
Friday, 17 Jul 2026 02:30 am

Golden Hind News

 राजस्थान के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति हरिभाऊ बागड़े ने शुक्रवार को श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर की अधीनस्थ इकाई कृषि महाविद्यालय, भुसावर (भरतपुर) में नवनिर्मित प्रशासनिक एवं अकादमिक भवन, छात्रावास, कन्या छात्रावास और कैंटीन का लोकार्पण किया। समारोह में कृषि, उद्यानिकी एवं ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, वैर विधायक बहादुर सिंह कोली, विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. डॉ. पुष्पेंद्र सिंह चौहान सहित जनप्रतिनिधि, कृषि वैज्ञानिक, शिक्षाविद्, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने कहा कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होती है और कृषि विश्वविद्यालय किसानों के भविष्य को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक भवनों का निर्माण तभी सार्थक होगा, जब यहां से निकलने वाले विद्यार्थी ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से कृषि और समाज में सकारात्मक बदलाव लाएंगे।

उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, सहनशीलता और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि युवाओं को केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनना चाहिए। राज्यपाल ने कृषि शिक्षा से प्राप्त वैज्ञानिक जानकारी को गांव-गांव तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि किसानों को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक खेती से जोड़ना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

उन्होंने स्टार्टअप, कौशल विकास, डिजिटल शिक्षा और कृषि अनुसंधान में युवाओं की सक्रिय भागीदारी पर भी बल दिया। कार्यक्रम की शुरुआत राज्यपाल के स्वागत, वृक्षारोपण और नए भवनों के लोकार्पण से हुई। इसके बाद उन्होंने महाविद्यालय परिसर का निरीक्षण किया तथा महाविद्यालय द्वारा प्रकाशित 'भुसावर एट ए ग्लांस' का विमोचन भी किया। समारोह का शुभारंभ वंदे मातरम्, दीप प्रज्ज्वलन, सरस्वती वंदना और विश्वविद्यालय कुलगीत के साथ हुआ।

इस अवसर पर कृषि, उद्यानिकी एवं ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि भुसावर क्षेत्र उद्यानिकी उत्पादन के लिए प्रदेश में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यहां आम, नींबू और अमरूद का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है। उन्होंने किसानों से मृदा परीक्षण के आधार पर संतुलित उर्वरकों का उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि इससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहेगी और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा मिलेगा।

डॉ. मीणा ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाएं किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रही हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि फसल खराब होने की स्थिति में किसानों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी तथा नकली खाद बनाने और बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने का भी आह्वान किया।

विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. डॉ. पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय स्तर पर 32वीं तथा राजस्थान में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा कृषि अनुसंधान, उन्नत फसल किस्मों के विकास और कृषि विस्तार गतिविधियों के माध्यम से प्रदेश के 12 जिलों में किसानों तक वैज्ञानिक तकनीकों को पहुंचाया जा रहा है।

समारोह में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, शिक्षकों, कृषि वैज्ञानिकों और किसानों ने भाग लिया। वक्ताओं ने कृषि शिक्षा, अनुसंधान और आधुनिक तकनीक के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने तथा कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष जोर दिया।