राजस्थान पुलिस में 5 यंग प्रोफेशनल्स की भर्ती राजस्थान पुलिस में 5 यंग प्रोफेशनल्स की भर्ती, ₹45 हजार मासिक मानदेय पर होंगे नियुक्त
Thursday, 23 Jul 2026 02:30 am

Golden Hind News

राजस्थान पुलिस में 5 यंग प्रोफेशनल्स की होगी भर्ती, ₹45 हजार प्रतिमाह मानदेय; AI और डेटा आधारित पुलिसिंग को मिलेगा बढ़ावा

राजस्थान पुलिस आधुनिक, तकनीक-संचालित और डेटा आधारित पुलिसिंग को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रही है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार शर्मा की पहल पर राजस्थान पुलिस मुख्यालय ने विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ युवाओं के लिए 'यंग प्रोफेशनल्स' के पांच पदों पर संविदा (Contract Basis) भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इन पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को ₹45,000 प्रतिमाह का निश्चित मानदेय दिया जाएगा और उनकी नियुक्ति प्रारंभिक रूप से एक वर्ष के लिए पुलिस मुख्यालय, जयपुर में की जाएगी।

राजस्थान पुलिस का उद्देश्य केवल पारंपरिक पुलिसिंग तक सीमित नहीं रहकर आधुनिक तकनीक, डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग से अपराध नियंत्रण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाना है। विभाग का मानना है कि विशेषज्ञ युवाओं की सेवाएं मिलने से अपराध विश्लेषण, सड़क सुरक्षा, मादक पदार्थों की रोकथाम और नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय सुधार होगा।

पुलिसिंग में विशेषज्ञों की होगी सीधी भागीदारी

राजस्थान पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार पांच अलग-अलग क्षेत्रों के लिए एक-एक यंग प्रोफेशनल की नियुक्ति की जाएगी। इनमें क्राइम डेटा एनालिस्ट, नई न्याय संहिताओं की मॉनिटरिंग, रोड सेफ्टी, ड्रग कंट्रोल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं।

इन पदों पर नियुक्त होने वाले युवा विशेषज्ञ पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर नीतिगत स्तर पर कार्य करेंगे। उनका मुख्य कार्य डेटा का विश्लेषण करना, अपराधों के रुझानों का अध्ययन करना और पुलिस को बेहतर निर्णय लेने के लिए तथ्य आधारित सुझाव उपलब्ध कराना होगा।

इन पदों पर होगी भर्ती

राजस्थान पुलिस ने जिन पांच पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं, वे इस प्रकार हैं—

प्रत्येक पद पर केवल एक अभ्यर्थी का चयन किया जाएगा। सभी नियुक्तियां पूर्णतः संविदा आधारित होंगी।

क्या होगा यंग प्रोफेशनल्स का कार्य?

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (अपराध) बिपिन कुमार पाण्डेय ने बताया कि चयनित अभ्यर्थियों को पुलिस के विभिन्न विशेष प्रोजेक्ट्स में नियुक्त किया जाएगा।

उनकी जिम्मेदारियों में शामिल होंगे—

इन विशेषज्ञों की रिपोर्ट और सुझावों के आधार पर पुलिस अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था से जुड़े निर्णय अधिक वैज्ञानिक तरीके से ले सकेगी।

AI आधारित पुलिसिंग को मिलेगा बढ़ावा

राजस्थान पुलिस अब आधुनिक तकनीकों को अपनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित विश्लेषण के माध्यम से अपराध के पैटर्न, संदिग्ध गतिविधियों और अपराध संभावित क्षेत्रों की पहचान अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि AI की सहायता से बड़ी मात्रा में उपलब्ध अपराध संबंधी डेटा का तेजी से विश्लेषण किया जा सकता है। इससे पुलिस की जांच क्षमता बढ़ेगी और अपराध रोकथाम की रणनीतियां अधिक प्रभावी बनेंगी।

अपराध विश्लेषण में होगी मदद

क्राइम डेटा एनालिस्ट की नियुक्ति से राजस्थान पुलिस को अपराध के बदलते स्वरूप को समझने में सहायता मिलेगी। विभिन्न जिलों से प्राप्त अपराध संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण कर यह पता लगाया जा सकेगा कि किन क्षेत्रों में किस प्रकार के अपराध बढ़ रहे हैं और उन्हें रोकने के लिए किस प्रकार की रणनीति अपनाई जानी चाहिए।

डेटा आधारित पुलिसिंग से संसाधनों का बेहतर उपयोग और अपराध नियंत्रण की योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

नई न्याय संहिताओं के क्रियान्वयन पर रहेगी नजर

देश में लागू नई आपराधिक न्याय व्यवस्था के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) लागू किए जा चुके हैं।

राजस्थान पुलिस इन कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विशेष मॉनिटरिंग तंत्र विकसित कर रही है। नियुक्त विशेषज्ञ यह सुनिश्चित करेंगे कि नई कानूनी प्रक्रियाओं का पालन सही तरीके से हो तथा पुलिस अधिकारियों को आवश्यक विश्लेषण और सुझाव समय पर उपलब्ध कराए जा सकें।

सड़क सुरक्षा और ड्रग कंट्रोल पर विशेष फोकस

रोड सेफ्टी विशेषज्ञ सड़क दुर्घटनाओं के कारणों का अध्ययन करेंगे और दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सुझाव देंगे। सड़क दुर्घटना के आंकड़ों के वैज्ञानिक विश्लेषण के आधार पर पुलिस और अन्य विभागों के लिए कार्ययोजना तैयार की जा सकेगी।

वहीं ड्रग कंट्रोल विशेषज्ञ राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े नेटवर्क का अध्ययन करेंगे। डेटा एनालिटिक्स के माध्यम से ड्रग सप्लाई चेन, तस्करी के रूट और संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर पुलिस को कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण इनपुट उपलब्ध कराए जाएंगे।

मिलेगा ₹45 हजार प्रतिमाह मानदेय

राजस्थान पुलिस ने चयनित उम्मीदवारों के लिए ₹45,000 प्रति माह का निश्चित मानदेय तय किया है। नियुक्ति प्रारंभिक रूप से एक वर्ष के लिए होगी और कार्यस्थल पुलिस मुख्यालय, लालकोठी, जयपुर रहेगा।

यदि आवश्यकता हुई तो विभाग भविष्य में कार्य की समीक्षा के आधार पर संविदा अवधि बढ़ाने पर भी विचार कर सकता है।

आवेदन प्रक्रिया

इच्छुक अभ्यर्थी राजस्थान पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध आवेदन पत्र का प्रारूप डाउनलोड कर आवेदन कर सकते हैं।

ऑनलाइन आवेदन के लिए उम्मीदवारों को आवेदन पत्र और आवश्यक दस्तावेजों की एक PDF बनाकर adgp.reorganisation@rajpolice.gov.in पर ई-मेल करना होगा।

इसके अलावा आवेदन ऑफलाइन भी जमा किए जा सकते हैं।

पता:

कमरा संख्या-217, द्वितीय तल
पुलिस मुख्यालय, लालकोठी
जयपुर – 302015

आवेदन व्यक्तिगत रूप से या डाक के माध्यम से जमा किए जा सकते हैं।

चयन प्रक्रिया

राजस्थान पुलिस ने चयन प्रक्रिया को तीन चरणों में विभाजित किया है—

  1. आवेदन पत्रों की प्रारंभिक जांच
  2. लिखित एवं प्रायोगिक परीक्षा
  3. साक्षात्कार (Interview)

अंतिम चयन उम्मीदवार के प्रदर्शन और पात्रता के आधार पर किया जाएगा।

आवेदन की अंतिम तिथि

विभाग ने स्पष्ट किया है कि विज्ञापन प्रकाशित होने की तिथि से 15 दिनों के भीतर आवेदन पुलिस मुख्यालय में प्राप्त होना आवश्यक है। विलंब से प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

विभागीय वेबसाइट पर मिलेगी पूरी जानकारी

शैक्षणिक योग्यता, अनुभव, आयु सीमा, आवेदन प्रारूप और अन्य सभी पात्रता संबंधी जानकारी राजस्थान पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है। विभाग ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे वेबसाइट पर नियमित रूप से नजर बनाए रखें ताकि यदि भर्ती प्रक्रिया में कोई संशोधन या नया निर्देश जारी किया जाए तो उसकी जानकारी समय पर मिल सके।

आधुनिक पुलिसिंग की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल राजस्थान पुलिस को पारंपरिक व्यवस्था से आगे बढ़ाकर डेटा-ड्रिवन और टेक्नोलॉजी आधारित पुलिसिंग की ओर ले जाएगी। वर्तमान समय में अपराधों का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और साइबर अपराध, संगठित अपराध तथा तकनीकी चुनौतियों से निपटने के लिए विशेषज्ञों की भूमिका लगातार बढ़ रही है।

राजस्थान पुलिस द्वारा यंग प्रोफेशनल्स की नियुक्ति इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे पुलिस को विश्लेषणात्मक क्षमता, तकनीकी सहयोग और आधुनिक कार्यप्रणाली का लाभ मिलेगा, जिससे अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।