
राजस्थान सरकार पशुपालकों को बेहतर और समयबद्ध पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए व्यवस्थाओं को मजबूत करने में जुटी है। इसी क्रम में पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने बुधवार को जयपुर के जामडोली स्थित मोबाइल वेटनरी यूनिट (MVU) कॉल सेंटर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं में कई कमियां सामने आने पर मंत्री ने अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के समय पशुपालन विभाग के प्रमुख शासन सचिव विकास सीताराम भाले भी मौजूद रहे। मंत्री ने कॉल सेंटर की कार्यप्रणाली, शिकायत निस्तारण व्यवस्था, कर्मचारियों की उपस्थिति तथा पशुपालकों को दी जा रही सेवाओं का विस्तृत जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान कॉल सेंटर में तैनात पांच कॉलिंग एग्जीक्यूटिव अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए। मंत्री ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी सेवाओं में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी और जनता से जुड़े कार्यों में जिम्मेदारी के साथ काम करना प्रत्येक कर्मचारी का दायित्व है।
पशुपालकों की बढ़ती संख्या और कॉल वॉल्यूम को देखते हुए मंत्री ने कॉल सेंटर की क्षमता बढ़ाने का भी निर्णय लिया।
उन्होंने कॉलिंग एग्जीक्यूटिव के पदों की संख्या 44 से बढ़ाकर 60 करने के निर्देश दिए। इससे अधिक संख्या में कॉल्स का समय पर जवाब दिया जा सकेगा और पशुपालकों को लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
सरकार का मानना है कि अतिरिक्त स्टाफ की नियुक्ति से शिकायतों के निस्तारण की गति तेज होगी और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने कॉल सेंटर में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए नया मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए।
इसके तहत पशुपालन विभाग के दो अधिकारियों की नियमित ड्यूटी कॉल सेंटर में लगाई जाएगी। ये अधिकारी कर्मचारियों की उपस्थिति, कॉल रिस्पॉन्स, शिकायतों के निस्तारण और दैनिक कार्यप्रणाली की निगरानी करेंगे।
इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी पशुपालक की शिकायत लंबित न रहे और सेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।
मंत्री जोराराम कुमावत ने मोबाइल वेटनरी यूनिट (MVU) के संचालन को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए कई नए निर्देश भी जारी किए।
उन्होंने कहा कि जब भी मोबाइल वेटनरी यूनिट किसी बीमार पशु का उपचार करे, तो उपचार के बाद संबंधित पशुपालक से रजिस्टर में अनिवार्य रूप से हस्ताक्षर करवाए जाएं।
इसके अलावा प्रत्येक मोबाइल वेटनरी यूनिट में उपचार संबंधी विवरण दर्ज करने के लिए एक निर्धारित परफॉर्मा एवं रजिस्टर का संधारण अनिवार्य किया जाएगा।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि किसी कारणवश किसी दिन कोई शिकायत या कॉल लंबित रह जाती है, तो उसे अगले दिन की प्राथमिक सूची में शामिल कर हर हाल में पशु का उपचार सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि पशुपालकों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य पशुपालकों को घर-घर तक गुणवत्तापूर्ण पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है।
मोबाइल वेटनरी यूनिट ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं के उपचार की एक महत्वपूर्ण व्यवस्था है, इसलिए इसकी कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और पारदर्शी बनाया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि तकनीक और बेहतर मॉनिटरिंग के माध्यम से सेवाओं में निरंतर सुधार किया जाए ताकि पशुपालकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
राज्य सरकार लगातार विभागीय व्यवस्थाओं की निगरानी कर रही है ताकि जनसेवाओं की गुणवत्ता बेहतर हो सके।
एमवीयू कॉल सेंटर का यह औचक निरीक्षण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों के बाद कॉल सेंटर की क्षमता बढ़ाने, मॉनिटरिंग मजबूत करने और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है।