
यह अभियान महानिदेशक पुलिस राजस्थान श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में प्रदेशभर में संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं में सुरक्षा के प्रति विश्वास बढ़ाना, उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा किसी भी आपात स्थिति में पुलिस सहायता लेने के लिए प्रेरित करना है।
बस्सी स्थित विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (कम्युनिटी पुलिसिंग) एवं महिला सुरक्षा संकल्प अभियान की नोडल अधिकारी सुनीता मीना ने छात्राओं से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने छात्राओं को महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और पुलिस की विभिन्न सेवाओं की जानकारी दी।
उन्होंने छात्राओं को बताया कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर अपराधों से सतर्क रहना बेहद जरूरी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करते समय व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचना चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देनी चाहिए।
सुनीता मीना ने छात्राओं से कहा कि प्रत्येक बालिका को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है। यदि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न, साइबर ठगी या अन्य अपराध का सामना करना पड़े तो बिना डर और संकोच के पुलिस से संपर्क करें।
उन्होंने छात्राओं को आत्मविश्वासी, सतर्क और जागरूक नागरिक बनने का संदेश देते हुए कहा कि जागरूकता ही सुरक्षा का सबसे प्रभावी माध्यम है।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को राजस्थान पुलिस की डिजिटल सेवाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने राजकॉप सिटिजन ऐप के माध्यम से उपलब्ध सुविधाओं और पुलिस सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में बताया।
इसके साथ ही छात्राओं को महिला हेल्पलाइन 1090, आपातकालीन सेवा 112 और साइबर अपराधों के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 के उपयोग की जानकारी दी गई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि किसी भी परेशानी की स्थिति में समय पर सूचना देना बेहद महत्वपूर्ण है। पुलिस द्वारा प्राप्त शिकायतों पर संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (पूर्व) पारसमल ने भी छात्राओं से संवाद किया और उनकी सुरक्षा संबंधी जिज्ञासाओं का समाधान किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान पुलिस महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
उन्होंने छात्राओं को भरोसा दिलाया कि किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाता है और पीड़ित को समय पर सहायता उपलब्ध कराने के लिए पुलिस पूरी तरह तत्पर है।
इस अवसर पर एडिशनल एसपी राजेश शर्मा, बस्सी थानाधिकारी सतपाल सिंह, ज्योति नगर थानाधिकारी संतरा, महिला थाना (पूर्व) की थानाधिकारी मंजू सहित विद्यालय प्रबंधन, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने पुलिस अधिकारियों से महिला सुरक्षा, साइबर अपराध और कानूनी सहायता से जुड़े सवाल पूछे, जिनका अधिकारियों ने विस्तार से जवाब दिया।
राजस्थान पुलिस ने कहा कि महिला सुरक्षा संकल्प अभियान के माध्यम से प्रदेशभर में महिलाओं और बालिकाओं के लिए सुरक्षित, जागरूक और विश्वासपूर्ण वातावरण तैयार करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
अभियान के तहत विद्यालयों, महाविद्यालयों और विभिन्न संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर छात्राओं को सुरक्षा उपायों, कानूनों और पुलिस सेवाओं से जोड़ा जा रहा है। पुलिस का उद्देश्य है कि हर महिला और बालिका स्वयं को सुरक्षित महसूस करे और किसी भी समस्या की स्थिति में सहायता लेने के लिए आगे आए।
राजस्थान पुलिस ने दोहराया कि महिला सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और समाज के सभी वर्गों के सहयोग से ही सुरक्षित एवं सशक्त राजस्थान का निर्माण संभव है।