राजस्थान पुलिस का वैश्विक शैक्षणिक सहयोग राजस्थान पुलिस और यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर के बीच ऐतिहासिक एमओयू, पुलिस कल्याण और शोध को मिलेगा नया आयाम
Wednesday, 29 Jul 2026 02:30 am

Golden Hind News

राजस्थान पुलिस और यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर के बीच ऐतिहासिक एमओयू, पुलिस कल्याण और अनुसंधान के क्षेत्र में शुरू हुआ नया अध्याय

 राजस्थान पुलिस ने पुलिस कल्याण, मानसिक स्वास्थ्य, प्रशिक्षण और अनुसंधान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राजस्थान पुलिस अकादमी (आरपीए) और यूनाइटेड किंगडम की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर के साथ एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। लगभग 200 वर्ष पुराने विश्व प्रसिद्ध विश्वविद्यालय के साथ यह साझेदारी राजस्थान पुलिस को वैश्विक शैक्षणिक विशेषज्ञता, आधुनिक शोध और अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण संसाधनों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

इस समझौते का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं कार्मिकों के मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत करना, प्रशिक्षण व्यवस्था को आधुनिक बनाना, पुलिसिंग से जुड़े विषयों पर वैज्ञानिक शोध को बढ़ावा देना और वैश्विक स्तर की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को राजस्थान पुलिस व्यवस्था में शामिल करना है।

डीजीपी राजीव कुमार शर्मा की मौजूदगी में हुआ एमओयू

पुलिस मुख्यालय में आयोजित समारोह में महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा की उपस्थिति में राजस्थान पुलिस अकादमी और यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर के प्रतिनिधियों ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

राजस्थान पुलिस अकादमी की ओर से अतिरिक्त निदेशक श्री शंकरदत्त शर्मा तथा यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर की ओर से प्रो. (डॉ.) विमल कुमार शर्मा ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

इस अवसर पर राजस्थान पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर के प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी में इस अंतरराष्ट्रीय सहयोग की शुरुआत की गई।

पुलिसिंग में अनुभव और शोध विशेषज्ञता का होगा समन्वय

महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के साथ जुड़ना राजस्थान पुलिस के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने कहा कि राजस्थान पुलिस के पास वर्षों का व्यावहारिक अनुभव और व्यापक डेटा उपलब्ध है, जबकि विश्वविद्यालय के पास शोध और अकादमिक विशेषज्ञता है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों संस्थानों के अनुभवों के आदान-प्रदान से पुलिसिंग, पुलिस कल्याण, मानसिक स्वास्थ्य और प्रशिक्षण के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित होंगे।

डीजीपी ने कहा कि इस साझेदारी से पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ज्ञान-संपदा, आधुनिक शोध पद्धतियों और विशेषज्ञ प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा। इससे पुलिस बल की कार्यक्षमता बढ़ेगी और बदलती चुनौतियों से निपटने में सहायता मिलेगी।

पुलिस कर्मियों के लिए डिस्टेंस लर्निंग और सर्टिफिकेट कोर्स के अवसर

समझौते के तहत राजस्थान पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों को कई नए अवसर उपलब्ध होंगे। इनमें डिस्टेंस लर्निंग कार्यक्रम, सर्टिफिकेट कोर्स, ऑनलाइन एवं ऑफलाइन प्रशिक्षण, विशेषज्ञ व्याख्यान, सेमिनार और कार्यशालाएं शामिल हैं।

इन कार्यक्रमों के माध्यम से पुलिस कर्मियों को आधुनिक तकनीक, नेतृत्व क्षमता, तनाव प्रबंधन, मानसिक स्वास्थ्य और पेशेवर दक्षता से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।

पुलिस विभाग का मानना है कि लगातार बदलते अपराधों और सामाजिक चुनौतियों के दौर में पुलिस बल का निरंतर कौशल विकास बेहद आवश्यक है। यह एमओयू पुलिस कर्मियों को वैश्विक स्तर की प्रशिक्षण प्रणाली से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मानसिक स्वास्थ्य और पुलिस कल्याण पर होगा विशेष शोध

एमओयू के प्रारंभिक चरण में यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर के स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज के साथ सहयोग किया जाएगा। इसके तहत मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक देखभाल, स्वास्थ्य विज्ञान, पुलिस कल्याण और अन्य आपसी रुचि के विषयों पर संयुक्त शोध एवं अध्ययन किए जाएंगे।

डीजीपी श्री राजीव कुमार शर्मा ने पुलिस कर्मियों में बढ़ते मानसिक तनाव और हाल के वर्षों में सामने आई आत्महत्या की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों से इस विषय पर विशेष अध्ययन कर सुझाव देने का आग्रह किया, ताकि पुलिस कर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए प्रभावी नीतियां तैयार की जा सकें।

उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों को कठिन परिस्थितियों में लगातार कार्य करना पड़ता है, इसलिए उनके मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण को प्राथमिकता देना आवश्यक है।

संयुक्त शोध परियोजनाओं और प्रकाशनों को मिलेगा बढ़ावा

एडीजी ट्रेनिंग श्री राघवेंद्र सुहासा ने बताया कि इस समझौते के अंतर्गत दोनों संस्थान संयुक्त शोध परियोजनाएं संचालित करेंगे। इसके साथ ही अकादमिक प्रकाशन, विशेषज्ञ व्याख्यान, कार्यशालाएं और शोध गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।

दोनों संस्थान अपने विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और शिक्षकों के बीच ज्ञान एवं अनुभव का आदान-प्रदान करेंगे। इससे राजस्थान पुलिस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित हो रही पुलिसिंग तकनीकों और शोध निष्कर्षों का लाभ मिलेगा।

पीएचडी, इंटर्नशिप और एक्सचेंज कार्यक्रमों को मिलेगा प्रोत्साहन

एमओयू में विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं के लिए विभिन्न अवसरों का प्रावधान किया गया है। इसके तहत अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट और पोस्ट-डॉक्टोरल स्तर के एक्सचेंज कार्यक्रम, विजिटिंग प्रोफेसर व्यवस्था, संयुक्त शिक्षण कार्यक्रम, पीएचडी शोध का सह-मार्गदर्शन और इंटर्नशिप जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।

इसके अलावा दोनों संस्थान संयुक्त तकनीकी एवं शोध परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहयोग प्राप्त करने और वैश्विक नेटवर्क विकसित करने की दिशा में भी काम करेंगे।

पांच वर्षों तक प्रभावी रहेगा समझौता

राजस्थान पुलिस अकादमी और यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर के बीच किया गया यह समझौता पांच वर्षों तक प्रभावी रहेगा। इसमें संयुक्त परियोजनाओं, बौद्धिक संपदा अधिकारों, गोपनीयता और वित्तीय व्यवस्थाओं से जुड़े स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं।

दोनों संस्थानों की सहमति से इस समझौते को भविष्य में आगे भी बढ़ाया जा सकेगा।

यूनिवर्सिटी प्रतिनिधिमंडल ने जताई खुशी

यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर के प्रतिनिधिमंडल में प्रो. कैथरीन रॉबिन्सन, डॉ. एमिली बेबिंगटन और प्रो. (डॉ.) विमल कुमार शर्मा शामिल रहे।

प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थान पुलिस के साथ इस साझेदारी को दोनों संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस सहयोग के माध्यम से पुलिस कल्याण, मानसिक स्वास्थ्य और अनुसंधान के क्षेत्र में बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकेंगे।

वरिष्ठ अधिकारियों की रही उपस्थिति

कार्यक्रम में अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्री वी.के. सिंह, श्री रूपिंदर सिंह, श्री बिपिन कुमार पाण्डेय, श्री प्रफुल्ल कुमार सहित पुलिस मुख्यालय और राजस्थान पुलिस अकादमी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

एडीजी प्रशिक्षण श्री राघवेंद्र सुहासा ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह एमओयू राजस्थान पुलिस के प्रशिक्षण, अनुसंधान, मानसिक स्वास्थ्य और पुलिस कल्याण के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा।

राजस्थान पुलिस और यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर के बीच यह साझेदारी पुलिसिंग को अधिक आधुनिक, संवेदनशील और वैज्ञानिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे पुलिस कर्मियों के कल्याण के साथ-साथ प्रदेश में कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।